नववर्ष स्वागत से पहले नैनीताल में अपेक्षा से कम पहुंचे सैलानी, कड़े पुलिस प्रबंधों से पर्यटन व्यवसायियों में असंतोष

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 दिसंबर 2025 (Nainital-Less Tourists on 31st)। नववर्ष के स्वागत से ठीक पहले 31 दिसंबर को विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल में पर्यटकों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही। शाम तक भी नगर के मुख्य आकर्षण माल रोड पर टहलते और नैनी झील में नौकायन करते सैलानियों की संख्या बेहद सीमित रही। इसका सीधा असर नगर के पर्यटन और उससे जुड़े व्यवसायों पर पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों में निराशा देखी गई, वहीं पर्यटन व्यवसायियों ने कम पर्यटकों के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यवसायियों का कहना है कि कड़े प्रवेश प्रबंधों के कारण नैनीताल की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। देखें संबंधित वीडिओ :
अपेक्षा से कम पर्यटक, होटल खाली-एक तिहाई तक कमरे रहे खाली
पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार क्रिसमस से लेकर नववर्ष तक अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन 31 दिसंबर से एक दिन पहले तक स्थिति इसके विपरीत रही। कई होटल स्वामियों ने बताया कि उनके होटलों में लगभग एक तिहाई कमरे खाली पड़े हैं। नैनीताल में बड़ी संख्या में कमरे ऑनलाइन बुकिंग के बजाय सीधे आने वाले सैलानियों से भरे जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसे सैलानियों को नगर में प्रवेश नहीं करने दिया गया, जिससे होटल व्यवसाय को सीधा नुकसान हुआ। देखें संबंधित वीडिओ :
थर्टी फर्स्ट पर नहीं जमी नैनीताल की रौनक, कारोबारियों की उम्मीदें टूटीं
नैनीताल। नववर्ष की पूर्व संध्या पर नैनीताल के पर्यटन कारोबारियों की बेहतर कारोबार की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। थर्टी फर्स्ट पर उम्मीद से बेहद कम पर्यटक शहर पहुंचे, जिससे सड़कें सूनी रहीं और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग निराश नजर आए। पर्यटक वाहनों का दबाव इतना कम रहा कि पुलिस को विशेष यातायात योजना तक लागू नहीं करनी पड़ी और एंट्री प्वाइंट रूसी क्षेत्र में देर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि शहर पहुंचे सीमित पर्यटक मालरोड पर संगीत और रोशनी के बीच टहलते दिखे। देखें संबंधित वीडिओ :
क्रिसमस से थर्टी फर्स्ट तक अच्छे कारोबार की आस लगाए बैठे कारोबारियों को थर्टी फर्स्ट के दिन झटका लगा। दोपहर तक नगर के पार्किंग स्थल खाली रहे और नारायण नगर की पार्किंग आधी भी नहीं भर सकी, वहीं रूसी एक और दो क्षेत्र में शटल सेवा से जुड़े वाहन चालक भी मायूस दिखे। कारोबारियों के अनुमान के अनुसार शहर में केवल पांच से छह हजार पर्यटक ही पहुंचे, जबकि शहर की पार्किंग क्षमता इससे कहीं अधिक है।
पर्यटन कारोबारियों ने कम आमद के पीछे मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा, सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की सख्ती और इंटरनेट मीडिया पर नैनीताल फुल से जुड़े वीडियो वायरल होने को प्रमुख कारण बताया। उनका कहना है कि पुलिस सख्ती और होटलों के महंगे किराये से जुड़े वीडियो और चर्चाओं ने भी पर्यटकों को आने से रोका।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप -सीमावर्ती बैरियरों से लौटाए जा रहे सैलानी
व्यवसायियों ने आरोप लगाया कि राज्य के सीमावर्ती बैरियरों और नगर के प्रवेश बिंदुओं पर नैनीताल पुलिस सैलानियों को अन्य स्थानों की ओर मोड़ रही है। उनका कहना है कि केवल अग्रिम बुकिंग वाले वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि नगर में पार्किंग स्थलों और होटलों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। इससे छोटे दुकानदारों और रोजमर्रा के व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। देखें संबंधित वीडिओ :
नगर पालिका कार्यालय तक पहुंचा विरोध
धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
इससे एक दिन पूर्व आक्रोशित पर्यटन व्यवसायी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मांग की कि पर्यटक वाहनों को शहर में प्रवेश से न रोका जाए। व्यवसायियों ने चेतावनी दी थी कि यदि स्थिति नहीं बदली तो वे सड़क पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना था कि मॉल रोड सहित शहर की प्रमुख सड़कें सूनी पड़ी रहीं, जो पर्यटन नगरी के लिए चिंताजनक संकेत है।
क्षेत्राधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में केवल वाहनों पर टैग लगाए जा रहे हैं और किसी भी पर्यटक वाहन को अन्यत्र नहीं मोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक शहर की आंतरिक पार्किंग 90 प्रतिशत तक नहीं भर जाती, तब तक प्रवेश बिंदुओं पर पर्यटक वाहनों को नहीं रोका जाएगा।
रूसी बाइपास पर रोके गए वाहन
नोंकझोंक की स्थिति
इधर बुधवार अपराह्न से पर्यटक वाहनों को रूसी बाइपास पर रोका गया। इससे पहले वहां सैलानियों और पुलिस कर्मियों के बीच वाहनों को रोके जाने को लेकर नोंकझोंक की स्थिति भी बनी। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
पर्यटन नगरी के लिए चिंता का विषय

नैनीताल जैसे पर्यटन आधारित नगर में नववर्ष जैसे प्रमुख अवसर पर सैलानियों की कम संख्या प्रशासन, पुलिस और पर्यटन क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित करती है। व्यवसायियों का कहना है कि सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन संतुलन न बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन और पुलिस किस तरह सुरक्षा और पर्यटन दोनों के बीच संतुलन स्थापित करते हैं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।











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