नवीन समाचार, नैनीताल, 23 फरवरी 2026 (Daughters Cremated Father)। नैनीताल जनपद के हल्द्वानी (Haldwani) में सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए सेवानिवृत्त सांख्यिकी अधिकारी सुरेश चंद्र पांडे (Suresh Chandra Pandey) (69) का सोमवार को रानीबाग (Ranibagh) स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनकी बेटियों ने परंपरा से आगे बढ़ते हुए मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की, जिसने उपस्थित लोगों को भावनात्मक रूप से स्पर्श किया।
दुर्घटना के बाद शोक की लहर
उल्लेखनीय है कि रविवार को पनचक्की रोड (Panchakki Road) पर अपने परिचित की अंत्येष्टि से लौटते समय बुजुर्ग सुरेश चंद्र पांडे एक वाहन की टक्कर से हुई सड़क दुर्घटना का शिकार हो गये थे। घटना ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
सोमवार को रानीबाग श्मशान घाट में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी दोनों बेटियां आतिशी पांडे (Atishi Pandey) और काव्या पांडे (Kavya Pandey) ने पिता को मुखाग्नि दी और पिंडदान सहित समस्त धार्मिक क्रियाएं स्वयं सम्पन्न कीं।
शिक्षाजगत में रही पहचान
प्राप्त जानकारी के औंसर स्वर्गीय पांडे पंतनगर विश्वविद्यालय (Pantnagar University) में सांख्यिकी अधिकारी (Statistics Officer) पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार के अनुसार उनकी एक बेटी अभियंता (Engineer) है जबकि दूसरी गुणवत्ता नियंत्रण विभाग (Quality Control Department) में अधिकारी के रूप में कार्यरत है।
कूटा ने जताया शोक
कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कूटा (KUTA) ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी (Prof Lalit Tiwari), पूर्व निदेशक डॉ. जगदीश दुर्गापाल (Dr Jagdish Durgapal), एलुमनी सेल के डॉ. बीएस कालाकोटी (Dr BS Kalakoti), डॉ. एसएस सामंत (Dr SS Samant), ज्योति कांडपाल (Jyoti Kandpal) और डॉ. मीना पांडे (Dr Meena Pandey) सहित अन्य सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
सड़क सुरक्षा पर उठे प्रश्न
शोक व्यक्त करते हुए शिक्षकों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई। इन्होंने कहा कि जहां निर्माण कार्य चल रहे हों, वहां आवश्यकतानुसार मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर कार्य पूरा किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। क्या समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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