रात में 10 सवारियां लेकर 200 मीटर खाई में जाती चली गयी अखबार की गाड़ी और…

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नैनीताल, 20 अक्तूबर 2018। शनिवार की सुबह बस दैवयोग से काली होने से बच गयी, वरना ड्राइवर ने स्वयं सहित 10 लोगों की जान लेने का पूरा इंतजाम कर ही लिया था। घटना सुबह सवा तीन से साढ़े तीन बजे की है। हल्द्वानी से प्रकाशित एक दैनिक समाचार पत्र को लेकर जा रही बोलेरो वाहन संख्या यूके06पीए-3316 में नौ सवारियों को भी लेकर जा रही थी। वाहन को हल्द्वानी के बनभूलपुरा लाइन नंबर 12 निवासी समीर पुत्र रबी उल्ला चला रहा था। निगलाट से आगे कैंची से पहले जहां पर कैंची मेले के दौरान पुलिस पिकेट वाहनों को रोकती है, ड्राइवर समीर को नींद का झोंका आ गया, इससे गाड़ी सड़क से निकलकर खाई में जाती चली गयी। गनीमत रही कि खाई में जंगल की झाड़ियां थीं और ढलान बहुत अधिक नहीं था, इसलिए गाड़ी झाड़ियों में फंसती हुई चलती रही और करीब 200 मीटर जाकर अटकी। सूचना मिलने पर भवाली के कोतवाल दानू दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को भवाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया। इनमें से तीन सवारियों दिनेश, गोकुलानंद व कमरुद्दीन को अधिक चोटें थीं, लिहाजा उन्हें हल्द्वानी भेजा गया। एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि भवाली पुलिस में ड्राइवर समीर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर यात्रियों की जान जोखिम में डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही कहा कि यदि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है तो संबंधित वाहन स्वामी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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  • अमृतसर में हुआ बड़ा रेल हादसा। पंजाब में राजकीय शोक की घोषणा।
  • 61 लोगों के मरने की प्रशासन ने की पुष्टि। 70 से अधिक लोग घायल, सभी घायलों का अमृतसर के अस्पतालों में चल रहा है इलाज
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर जताया दुख।
  • रावण दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण लोग पास से गुजर रही पटरी की ओर गए, और तभी ट्रेन आने से हुआ हादसा।
  • पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान।
  • कांग्रेस सभासद ने किया था रावण दहन का आयोजन, कांग्रेस विधायक नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर थी मुख्य अतिथि, घटना के दौरान भाषण देने और घटना होने पर मौके से भागने का आरोप

चंडीगढ़, 19 अक्तूबर 2018। पंजाब के अमृतसर में एक बड़े ट्रेन से हुए हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ है। हादसा जिस वक्त हुआ उस समय वहां रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ पास ही स्थित रेलवे की पटरी पर जुटी हुई थी। इसी दौरान डीएमयू ट्रेन नंबर 74943 वहां से गुजर गयी। रावण दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। इसकी वजह से यह हादसा हो गया। घटना के बाद पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है।

पिछले कई वर्षों से यहां दशहरे के अवसर पर रावण दहन का आयोजन किया जाता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार को भी यहां रावण दहन का आयोजन किया गया था। दहन के दौरान पटाखों की आवाज तेज होने और रावण दहन की थोड़ी दूर से बेहतर देखने के लिए वहां मौजूद लोग ट्रेन की पटरी पर आ गए और तभी वहां आयी ट्रेन के हॉर्न की आवाज नहीं सुन पाए और यह घटना हो गई। घटना के बाद पुलिस, जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। इसी के साथ ही घटना स्थल पर स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

हादसे के वक्त मौजूद थी नवजोत सिद्धू की पत्नी, चश्मदीदों का दावा-कार में बैठकर चली गईं सिद्धू, हादसा होते ही क्यों निकल गईं नवजोत कौर सिद्धू?

लोगों का कहना है कि दशहरा का कार्यक्रम कांग्रेसी पार्षद करा रहे थे। इस कार्यक्रम में नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू चीफ गेस्ट थीं। हादसा होने के बाद वो मौके से कार में बैठकर चली गईं।

नवजोत कौर सिद्धू का कहना है कि हर साल इसी जगह दशहरा होता है। क्या हमने लोगों को ट्रैक पर बैठाया? क्या ट्रेन हमने लोगों पर चढ़ा दी? इस हादसे में हमारी गलती नहीं है। भाजपा भी इसी जगह दशहरा आयोजन कराती थी। अब हादसे के बाद राजनीति कर रही है। रेलवे को भी ट्रेन की स्पीड धीमी रखनी चाहिए थी।

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताब‍िक, “इससे पहले हमने ऐसा मंजर देखा है क‍ि जब क‍िसी का हाथ इधर तो क‍िसी का पैर उधर। आज भी कुछ ऐसा ही मंजर था। नवजोत सिंह सिद्धू यहां से व‍िधायक हैं। उनकी पत्नी नवजोत कौर स‍िद्धू मंच पर मौजूद थी लेक‍िन घटना के बाद वह कार लेकर वहां से चली गईं. हमें मदद की जरूरत थी लेक‍िन वह मदद की जगह मौके से भाग गईं .”
वहीं, पंजाब सरकार में मंत्री और पूर्व क्र‍िकेटर नवजाेत स‍िंह सि‍द्धू ने सफाई देते हुए कहा है क‍ि उनकी पत्नी घायलों से म‍िलने अस्पताल में गई हैं.

इस ट्रेन हादसे पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंद सिंह ने ट्वीट किया ‘ट्रेन हादसे में घायलों की मदद और बचाव कार्यों के लिए अमृतसर जा रहा हूं. राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजा और किसी भी सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज की सुविधा देगी. जिला प्राशासन घटनास्थल पर पहुंच चुका है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे से बहुत दुखी हूं। यह घटना हृदय विदारक है। मेरी गहरी संवेदना मृतकों के परिवारवालों के साथ है और मैं प्रार्थना करता हूं कि जल्द से जल्द घायल पूर्णतया स्वस्थ हों। अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें तुरंत मदद के निर्देश दिए हैं।’
मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य के दिए निर्देश
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘अमृतसर में हुए इस हादसे के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मदद मुहैया कराने का निर्देश दे दिया है। जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने को कहा है।’ बता दें कि इस हादसे के बाद कैप्टन अमरिंदर ने अपना इजरायल दौरा रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री शनिवार को अमृतसर पहुंचेंगे। पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है।
गृहमंत्री ने घटना पर जताई संवेदना
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘पंजाब में दशहरा पर्व के दौरान हुए हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है। इस घटना से दुखी हूं। मेरी संवेदना मृतकों के परिवारों के साथ है और घायलों के स्वस्थ होने की मैं कामना करता हूं।’ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, ‘प्रशासन और दशहरा कमिटी की गलती है। उन्हें ट्रेन के बारे में सूचित करना चाहिए था। उन्हें यह भी तय करना चाहिए था कि यहां पर ट्रेन या तो ठहरे या धीमी हो।’
नजदीकी अस्पताल में भेजे जा रहे हैं लोग
रावण दहन के वक्त जोड़ा फाटक के पास अचानक भगदड़ मच गई, जिसकी वजह से कई लोग ट्रैक की तरफ दौड़ने लगे इसी दौरान पठानकोट से अमृतसर की ओर आ रही ट्रेन की चपेट में आने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना में घायल हुए लोगों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है, ‘ट्रेन काफी रफ्तार से आ रही थी। इसी दौरान कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए।’

उत्तराखंड में फिर भीषण हादसा, 4 की मौत-6 घायल

उत्तरकाशी, 15 अक्तूबर 2018। उत्तराखंड में खासकर उत्तरकाशी जिले के साथ दुर्घटनाओं का दुर्योग छूटने का नाम नहीं ले राह है। सोमवार को फिर जिले के चिन्यालीसौड तहसील क्षेत्र के धरासू जोगत मोटर मार्ग  में भीषण सड़क हादसा हो गया है। बताया जा रहा है कि भडकोट के पास एक मैक्स के  खाई में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए हैं।

घटना सोमवार सुबह सुबह की है। एक मैक्‍स वाहन बनकोट से चिन्यालीसौड  की ओर आ रही थी। इसी दौरान धरासू जोगत मोटर मार्ग पर भडकोट के पास वाहन से अनियं‍त्रण होकर खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई वहीं 6 लोग घायल बताए जा रहे है। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को खाई से निकाला और अस्‍पताल में भर्ती कराया है।

ताजा जानकारी के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मृतकों की पहचान  कृपाल सिंह (60 वर्ष), दिपना देवी (55 वर्ष) पत्नी विशन सिंह, कृष्णा देवी (21 वर्ष) पत्नी संदीप सिंह सभी निवासी बनकोट चिन्यालीसौड और लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) पत्नी विक्रम भैंगवाल निवासी गांव चिन्यालीसौड के रूप में हुई है।

घायलों के नाम- सोबन सिंह, चालक विद्या सिंह, प्रियंका, पुलम सिंह, सुषमा व एक दो साल की बच्ची शामिल हैं। गंभीर घायलों को हेली से रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

यह भी पढ़ें : खाई में गिरी जीप, एक महिला की मौत, पांच घायल

मौलेखाल, 14 अक्टूबर 2018। रामनगर से चमकना जा रही एक बुलोरो जीप संख्या यूके 019, 0087 गाड़ी टूकरा के पास अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर खाई पर गिर गयी। दुर्घटना में एक महिला हेमा देवी (35)पत्नी सुंदर सिंह की मृत्यु हो गयी, जबकि पांच लोग घायल हो गये। घायलों में एक दस माह की बच्ची दिव्यांशी भी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ी में चालक समेत छः लोग सवार थे।  घायलों में सुन्दर सिंह पुत्र गोपाल सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र गुसाईं सिंह, ज्योती पुत्री राजेन्द्र सिंह, के साथ गाडी चालक गिरीश सिंह पुत्र गोविंद सिंह है। सभी लोग ग्राम चमकना के निवासी हैं।

नैनीताल में यूपी के अधिकारियों की कार को रोडवेज बस ने मारी टक्कर

हल्द्वानी रोड पर ताकुला के पास आपस में भिड़ीं कार एवं रोडवेज की बस।

नैनीताल, 7 सितंबर 2018। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की कार को रविवार सुबह उत्तराखंड रोडवेज की बस ने जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना की अधिकारियों की उत्तर प्रदेश शासन लिखी निजी कार संख्या यूपी24यू-4099 का चालक की ओर का हिस्सा बुरी तरह से उधड़ गया, वहीं रोडवेज बस संख्या यूके07पीए-3158 को भी आगे की ओर नुकसान पहुंचा। अलबत्ता दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। कुछ लोगों को मामूली चोटें आयीं।
घटना सुबह करीब सवा आठ बजे हल्द्वानी रोड पर मुख्यालय से करीब 4 किमी दूर ताकुला के पास एक मोड़ पर घटित हुई, जब दोनों वाहन संकरे मोड़ पर अपनी गति को नियंत्रित नहीं कर पाये और भिड़ गये। पहले दोनों वाहनों के चालकों में काफी देर गर्मागर्म बहस हुई, इस कारण रोडवेज बस के यात्रियों को भी करीब आधे घंटे तक वहीं अटकना पड़ गया। वहीं दोनों ओर वाहनों का भी जाम लग गया। कार में सवार यूपी के अधिकारियों के द्वारा तल्लीताल थाना पुलिस को भी सूचना देने की बात कही गयी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

उत्तराखंड में गुजरात के तीर्थयात्रियों के साथ भीषण सड़क हादसा, नौ की मौत; पांच घायल

  • शुक्रवार शाम गंगोत्री राजमार्ग पर भागीरथी नदी में  गिर गया टेंपो ट्रेवलर, 1 माह में ही मार्ग में दूसरा बड़ा सड़क हादसा

उत्तरकाशी, 5 अक्टूबर 2018। शुक्रवार शाम गंगोत्री राजमार्ग पर सुनागर और भुक्की के बीच यात्री से भरा टेंपो ट्रेवलर भागीरथी नदी में  गिर गया। टेंपो ट्रेवलर वाहन के सीधे गंगा भागीरथी में डूबने की सूचना मिलते ही आला-अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए। हादसे में नौ यात्रियों की मौत हो गई जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना पर प्रशासन,पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची पुलिस और राहत-बचाव में जुट गर्इ। बताया जा रहा है कि यात्री गुजरात के राजकोट के हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बारिश के कारण शवों के रेस्क्यू में परेशानी हुुुई। दो घायलों को ही बचाया जा सका।

यहीं पिछले माह भी हुआ था बड़ा हादसा : 13 श्रद्धालुओं की हुई थी मौत-2 किशोरियां बाल-बाल बचीं

-ईश्वर में मिल गयीं ईश्वर से मिल कर लौट रहीं जिंदगियां 

उत्तरकाशी, 3 सितंबर 2018। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सोमवार का दिन काला सोमवार साबित हुआ। ईश्वर की आराधना करने गंगोत्री धाम गए 4 श्रद्धालु ईश्वर में ही समा गए। राज्य के उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तरकाशी से करीब 40 किलोमीटर दूर भटवाड़ी से करीब सात किमी दूर गंगोत्री की ओर एक टैंपों ट्रैवलर वाहन बारिश के कारण पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में गंगोत्री धाम से गंगा स्नान कर लौट रहे 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 2 किशोरियां पहले ही छिटक जाने के कारण बाल-बाल बच गयीं। अलबत्ता उन्हें गंभीर स्थिति में उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया है। दुर्घटनास्थल पर पहाड़ी की खड़ी ढाल और नीचे गंगा भागीरथी के उफान के कारण शवों को निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। बताया गया है कि इस दुर्घटनाग्रस्त टैंपो ट्रैवलर 16 टैक्सी वाहनों से आ रहे भंकोली गांव के करीब दो सौ ग्रामीणों के समूह का हिस्सा था, जो कि गांव के आराध्य नाग देवता के साथ गंगोत्री धाम की यात्रा पर गए थे।
घटना का कारण अपराह्न करीब सवा दो बजे संगलाई और भुक्की के बीच पहाड़ी से अचानक भारी भूस्खलन का होना बताया गया है। इससे पहले कुछ गाड़ियां आगे निकल गईं, लेकिन पीछे से आ रहा टैंपो ट्रैवलर भूस्खलन की चपेट में आकर करीब पचास मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस वाहन में चालक सहित 15 लोग सवार थे। हादसे के दौरान मीनाक्षी (13) पुत्री रामवीर रावत एवं राधा (14) पुत्री रणवीर रावत सड़क से नीचे ही छिटक कर गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिस कारण उनकी जान बच गयी है। उन्हें तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी और फिर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि वाहन में सवार शेष सभी 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुट गई। शवों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाने में इस टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। डीएम डा.आशीष चौहान, एसडीएम देवेंद्र नेगी, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल एवं पुलिस के तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान पर नजर रखे रहे।

कोटद्वार में बस दुर्घटनाग्रस्त, 14 घायल, घायलों में कई शिक्षक भी शामिल

कोटद्वार, 1 अक्टूबर 2018। कोटद्वार से रिखणीखाल के स्योलखांद (बसड़ा) की ओर जा रही जीएमओयू की बस ग्राम सिरोबाड़ी से पहले बेतू बैंड के समीप अनियंत्रित होकर खड्ड में जा गिरी। दुर्घटना में बस चालक कालाबड़ निवासी मनोज भट्ट सहित 14 यात्री-संतोष नेगी, महेंद्र सिंह, हैप्पी (6), किशोर जदली, लीला देवी, दिनेश रावत, मनोज भट्ट, बीना देवी, राम किशोर, रुचि सुंदरियाल, कमलेश सुंदरियाल, धर्मेंद्र व महावीर रावत घायल हो गए हैं। घायलों को कोटद्वार के बेस चिकित्सालय में लाकर भर्ती किया गया है। बस चालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए देहरादून रेफर किया गया है।

दुर्घटना सुबह करीब सात बजे हुई। कोटद्वार से सुबह करीब पौने छह बजे जीएमओयू की बस संख्या यूके 12पीबी 0061 सवारियों लेकर स्योलखांद को रवाना हुई। बस में क्षेत्रीय ग्रामीणों के साथ ही शिक्षक भी सवार थे। करीब सात बजे सेंधीखाल—ढौंटियाल के मध्य बेतू बैंड पर बस अनियंत्रित होकर खड्ड में जा गिरी। दुर्घटना का पता चलते ही ढौंटियाल व सेंधीखाल से ग्रामीण मौके पर पहुंचे व घायलों को अलग—अलग वाहनों से कोटद्वार के बेस चिकित्सालय के लिए रवाना कर दिया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर दुगड्डा पुलिस चौकी के जवान भी मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकाल कर 108 वाहन के जरिये कोटद्वार के लिए रवाना किया।

यह भी पढ़ें : पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बेहड़ की इनोवा कार को बस ने मारी टक्कर, बेहड़ के साथ उनका गनर और ड्राइवर घायल

रुद्रपुर, 223 सितंबर 2018। उत्तराखंड के पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ की इनोवा कार को रुद्रपुर में यूपी रोडवेज की एक बस ने टक्कर मार दी। हादसे में बेहड़ समेत तीन लोग घायल हो गए हैं। रविवार को रामपुर में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता तिलक राज बेहड़ की इनोवा कार हादसे का शिकार हो गई। यहां एक बस ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पूर्व मंत्री बेहड़ के साथ उनका गनर और ड्राइवर घायल हो गया। हादसा सुबह करीब 6 बजे का है। तीनों घायलों को फुटेला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया कि पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ सुबह चार बजे दिल्ली के लिए निकले थे। रामपुर के सिविल लाइंस थाने में यूपी रोडवेज की कौशाम्बी डिपो के चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड-हिमांचल सीमा पर बड़ा सड़क हादसा, 13 की मौत

विकासनगर, 22 सितंबर 2018। उत्तराखंड-हिमाचल की सीमा पर रोहडू जिले में सनेल के पास सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। इनमें से दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल लोगों ने हिमाचल के रोडू अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मरने वाले सभी लोग हिमाचल प्रदेश के रोहडू क्षेत्र के चिरगांव के बताए जा रहे हैं।

बताया गया है कि शनिवार सुबह हिमाचल और उत्तराखंड सीमा पर सनेल के पास हाटकोटी-हिमांचल से सवारी लेकर त्यूणी-उत्तराखंड की ओर आ रहा टेंपो वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में पलट गया। डीएसपी रोहडू अनिल शर्मा के अनुसार हादसा उत्तराखंड सीमा से करीब दो किलोमीटर पहले हिमाचल सीमा में हुआ है ।

पूर्व सीएम हरीश रावत के गांव के निकट रामनगर-गैरसेंण बस दुर्घटनाग्रस्त, कंडक्टर सहित 5 की मृत्यु , 20 घायल

दुर्घटनाग्रस्त बस।

रानीखेत, 6 सितंबर 2018। अल्मोड़ा जनपद में भतरौजखान-भिकियासैंण मार्ग पर भतरौजखान से करीब 3-4 किमी आगे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के गांव मोहनरी के आसपास चौनलिया क्षेत्र में एक बस संख्या यूके 04पीए 0 126 के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुःखद सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जीएमओयू की बस रामनगर से उत्तराखंड राज्य की प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसेंण को जा रही थी। तभी अपराह्न करीब 3 बजे भतरौजखान से दो किमी आगे भतरौजखान निवासी चालक श्रवण कुमार ने बस से नियंत्रण खो दिया। नतीजतन, 25 यात्रियों से भरी बस लगभग 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद बस के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में 21 यात्रियों के घायल होने व कंडक्टर नंदन सिंह सहित 5 लोगों-हिमांशु (20 ), उमेश नाथ (24 ), प्रेम सिंह व एक अन्य अज्ञात  की मृत्यु हो गयी है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने ट्वीट करके  दुःख जताया है।

बेतालघाट व भिकियासैंण की 108 एंबुलेंस गाड़ियों को घायलों की मदद के लिए भेजा गया है, व घायलों को उपचार हेतु ले जाने के लिए पिथौरागढ़ से सीमांत क्षेत्र के लोगों को लाने-ले जाने के लिये लगाये गये हैलीकॉप्टर को बुलाया गया, किन्तु  वह ख़राब मौसम के कारण पहुँच नहीं पाया। घायलों को निकटवर्ती करीब 30 किमी दूर रानीखेत व 70 किमी दूर रामनगर व हल्द्वानी लाया जा रहा है।
(इनपुट गिरीश पांडे)
नोटः यह प्रारंभिक जानकारी त्रुटिपूर्ण भी हो सकती है। सही सूचना मिलने पर सूचनाओं को अपडेट किया जाएगा। इसलिए अपडेट जानने के लिए रिफ्रेश करके देखते रहें।

नाले में मिला युवक-युवती का शव, कल लावारिश बाइक मिलने के बाद से की जा रही थी तलाश

कालाढूंगी, 4 सितंबर। निकटवर्ती धमोला के लदुआगाड़ झरने के नाले में एक युवक व युवती का शव बरामद किया गया है। उल्लेखनीय है कि बीती 3 सितम्बर की शाम क्षेत्र में यूके06एएन-5956 नंबर की बाइक लावारिश हालत में मिली थी। स्थानीय लोगों के अनुसार इसमें एक युवक व युवती झरने पर घूमने आए थे मगर देर सायं तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर खोजबीन की और दो दिनों में घंटों की मशक्कत के बाद पहले मंगलवार सुबह युवती और बाद में दोहपर 2 बजे युवती से कुछ दूरी पर युवक का शव बरामद कर लिया गया। युवक की शिनाख्त रूद्रपुर निवासी तपेश्वर साहनी और युवती की कमला सौंठियाल निवासी काठगोदाम (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है। बाइक किसी दीपक सैनी के नाम पर पंजीकृत थी। कोटाबाग पुलिस चौकी के प्रभारी खीम सिंह अधिकारी के अनुसार प्रथमदृष्टया नाले के तेज बहाव में युवक युवती बह गए होंगे जिस कारण उनकी मृत्यु हुई है। अलबत्ता मृत्यु का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद भी पता चलेगा।

यह भी पढ़ें : पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, चालक घायल

नैनीताल, 21 अगस्त 2018। एस्कॉट ड्यूटी से लौट रहा पुलिस की गाड़ी संख्या यूए04जीए-0208 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि वाहन में एकमात्र चालक, एससीएमटी के पद पर तैनात लाल सिंह पुत्र जीएस नेगी निवासी पुलिस लाइन अकेले थे, और वाहन सड़क पर ही पलटा। इससे लाल सिंह को मुंह, हाथ आदि में ही गंभीर चोटें आयीं

भीमताल में वाहनों से भरी सड़क पर बस का स्टेयरिंग हो गया फेल और…

-चालक की सूझबूझ से बची 12 जानें, बड़ा हादसा टला, केवल तीन यात्रियों को आयीं मामूली चोटें

मेहरागांव के पास पेड़ से टकराई बस।

नैनीताल, 13 अगस्त 2018। जनपद मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर भीमताल के निकट मेहरा गांव के पास 10 सवारियों व चालक परिचालक यानी कुल 12 लोगों से भरी एक बस के साथ हादसा हो गया। अलबत्ता चालक की सूझबूझ के कारण इस व्यस्ततम सड़क में बड़ा हादसा टल गया। चालक यदि सूझबूझ नहीं दिखाता तो बस किसी अन्य वाहन अथवा सड़क किनारे के घर-प्रतिष्ठान से भी टकरा सकती थी, तथा घटना स्थल से कुछ दूर आगे बस गहरी खाई में भी जा सकती थी। दुर्घटना का कारण बस का हैंडल-स्टेयरिंग फेल होना जाना रहा, जिसके बाद चालक ने बस को एक पेड़ से टकरा दिया। इससे बस में सवार 12 में से 3 यात्रियों को ही हल्की-फुल्की चोटें आईं।
घटना सोमवार सुबह केएमओयू की बस रामगढ़ से हल्द्वानी को जा रही थी। मेहरागांव से गुजरते हुए बस में 10 सवारियां थीं। इस दौरान बस का हैंडल किसी चक्के की तरह फ्री होकर घूमने लगा। इस पर चालक ने बस को ब्रेक लगाकर उसकी गति कम की और किसी तरह उसे पेड़ से टकरा दिया। इससे यात्रियों को कम चोटें आयीं। घटना के बाद यात्रियों को दूसरे वाहन से हल्द्वानी को भेजा गया। (इनपुट : नीरज जोशी, भवाली )

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  • मुक्तेश्वर के निकट भालूगाड़ की घटना, राजस्व पुलिस व एसडीआरएफ टीम ने घंटों तलाश के बाद अधेरा घिरने के बाद रोका खोज अभियान
मुक्तेश्वर का भालूगाड़ वाटरफॉल

दान सिंह लोधियाल, धानाचूली। बरसात के मौसम में अनजान जगह पर पानी में अधिक मस्ती कानपुर के 2 दोस्तों को भारी पड़ गयी। नैनीताल जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर धारी तहसील के गजार, चौखुटा, बुराशी ग्राम पंचायत के बीच में पड़ने वाले भालू गाड़ वाटरफाल के नीचे बचे ताल में दो पर्यटकों डूब गये हैं। राजस्व पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने ताल में घंटों तलाश के लिये अभियान चलाया, किंतु रात तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी। आखिर अधेरा घिरने के बाद खोज अभियान को रोक दिया गया। इसके बाद गुरुवार को शुबह से ही फिर से खोज अभियान  चलाया गया, जिसके बाद दोनों के शव सुबह 9 बजे के करीब गहरे ताल से बरामद कर लिए गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार अपराह्न करीब 2 बजे राजस्व पुलिस को दो लोगों के भालू गाड़ वाटरफाल में डूबने की सूचना मिली। इस पर एसडीएम रेखा कोहली व तहसीलदार नवाजिश खलीक अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और एनडीआरएफ के जवानों के साथ खोज व बचाव अभियान शुरू किया। एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि कानपुर के आठ युवकों का दल भालूगाड़ वाटरफाल घूमने आया था। इस दौरान संभवतया फोटो-सेल्फी खींचने के दौरान दो युवक-रोशननगर कल्याणपुर निवासी जुबेर उम्र 25 वर्ष पुत्र नईम थाना काकादेव कानपुर शिवम उम्र 20 वर्ष पुत्र नर्मदा पानी में डूब गये। इस पर उनके साथ के अन्य युवकों-मोहमद इरशाद उम्र 23 पुत्र शमशाद रोशननगर कानपुर, आर्यन उम्र 21 पुत्र तौफीक अहमद रोशन नगर कानपुर,शमशाद आलम उम्र 38 पुत्र बकाउल्ला रोशन, बबलू उम्र 37 पुत्र फारुख अहमद चमनगंज कानपुर, मो. फिरोज अली 35 पुत्र जाहिद अली सर्वोदय नगर कानपुर और अमर कुमार उम्र 23 जयप्रकाश आवास विकास ने शोर मचाकर मदद मांगी। करीब तीन घंटे के खोज बचाव अभियान के बावजूद दोनों का कुछ पता नहीं चल पाया है। आगे बृहस्पतिवार सुबह फिर से अभियान चलाया जाएगा। बताया गया है कि जुबेर टाइल लगाने और शिवम मोटर बाइंडिंग का काम करता था।

उल्लेखनीय है कि मुक्तेश्वर का भालूगाड़ वाटरफॉल एक हालिया नया विकसित प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यहां खासकर गर्मियों के मौसम में करीब 40 फिट ऊंचे पहाड़ों से नीचे छोटे से करीब 1000 वर्ग फिट आकार के छोटे से ताल में पानी के गिरने का नजारा बेहद मनमोहक में होता है। अलबत्ता, बरसात के मौसम में यह कितना खतरनाक हो सकता है, इसका आभाष इस घटना के बाद पहली बार ही हुआ है।

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दुर्घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस कर्मी व दुर्घटनाग्रस्त कार।

नैनीताल, 22 जुलाई 2018। रविवार शाम करीब चार बजे मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर सरियाताल से करीब 2 किमी दूर नैनीताल बाइपास पर एक कार करीब 50 फिट गहरी खाई में जा गिरी। कार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि दानू की थी। दुर्घटना में उनका रिश्ते का चचेरा भाई व कार चला रहा फौजी गंभीर रूप से घायल हुए। उधर हल्द्वानी के निजी अस्पताल में कार चला रहे दीपू उर्फ वीरेंद्र कुंवर की उपचार के दौरान मौत हो गई। दीपू कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे और चार दिन पहले ही छुट्टियों पर घर आया था। अब इस मामले में दुर्घटना से ठीक पहले का एक वीडियो सामने आया है। लगता है कि घटना से ठीक पहले मृतक चालक सहित तीनों युवक पूरी मस्ती में थे, व गाने चलाते हुए संभवतया किसी से वीडियो चैट कर रहे थे।

देखिये दुर्घटना-मौत से ठीक पहले का वह आख़िरी लाइव वीडियो :

घटनाक्रम के अनुसार बाजपुर के बरहैनी निवासी तीन युवक दीपू कुंवर (28), दीप दानू (25) व संजय सिंह (22) पार्टी करने के लिए मारुति अल्टो कार संख्या यूके18एफ-9001 से नैनीताल आये थे। यहां वे बाईपास पर पार्टी करने के बाद लौट रहे थे, तभी कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना में कार चला रहे दीपू कुंवर व दीप दानू गंभीर रूप से तथा संजय सिंह मामूली रूप से घायल हो गये। स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायलों को खाई से निकालकर सूचना मिलने पर पहुंचे तल्लीताल थाने के एसआई दिलीप कुमार की मदद से उपचार के लिए हल्द्वानी भिजवाया। बाद में रवि दानू भी मौके पर पहुंच गये। बताया कि उनका रिश्तेदार दीप दानू कार मांगकर लाया था।

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नैनीताल, 4 जुलाई 2018। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने पौड़ी जिले के धुमाकोट में बीती एक जुलाई को हुए दर्दनाक बस हादसे में 48 यात्रियों की मौत पर का स्वतः संज्ञान लिया है, और इस मामले को जनहित याचिका के तौर पर दर्ज कर राज्य सरकार के सम्बंधित अधिकारीयों-परिवहन सचिव, परिवहन आयुक्त, कुमाऊँ व गढ़वाल मंडलों के आयुक्त तथा पुलिस उप महानिरीक्षकों यानी डीआईजी, पौड़ी, देहरादून, अल्मोड़ा व हल्द्वानी के संभागीय परिवहन अधिकारी यानी आरटीओ आदि अधिकारियों से ऐसी दुर्घटनाओं के कारणों पर 20 जुलाई तक जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने खासकर इस मामले में करीब 28 सीटर बस में दोगुनी से अधिक 61 सवारियां भरने, दुर्घटना में 16 महिलाओं व 10 बच्चों सहित 48 यात्रियों की मौत होने तथा सड़क में बने गड्ढों को हादसे की वजह होने को गंभीरता से लिया है।

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रविवार 1 जुलाई को 48 लोगों की जान लेने वाली धुमाकोट बस दुर्घटना के बाद राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गयी। एक ओर जहां मजिस्ट्रयल जांच के आदेश दे दिये गये हैं, वहीं गढ़वाल मंडल के आयुक्त दिलीप जावलेकर और सुबह देहरादून से चलने के बाद शाम तक घटनास्थल तक न पहुंच पाने वाले डीआईजी पुष्पक ज्योति को पद से हटा दिया गया है। पूर्व में नैनीताल के डीएम रहे और तीन दिन पूर्व ही शैक्षिक अवकाश से वापस लौटे वरिष्ठ आईएएस शैलेश बगौली को गढ़वाल मंडल का नया आयुक्त जबकि कुमाऊं के डीआईजी रह चुके अजय रौतेला को गढ़वाल मंडल का नया डीआईजी बनाया गया है। वहीं धुमाकोट के थाना प्रभारी और एआरटीओ के साथ ही लोनिवि के सहाहक अभियंता रविशंकर यादव को निलंबित कर दिया गया है। दुर्घटना में राहत पहुंचाने में इंकार-लेटलतीफी करने वाली हेली सेवा कंपनी को भी नोटिस भेजा जा रहा है।
इधर राज्य के नये राज्य सभा सदस्य अनिल बलूनी ने इस घटना से सबक लेते हुए एक अभिनव पहल का ऐलान किया है। इसके तहत वे अपने छह वर्ष के कार्यकाल में हर वर्ष अपनी निधि से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में हर वर्ष 2-3 कर 18 तक आईसीयू का निर्माण करवाएंगे।
उधर बेहद गमगीन माहौल में मृतकों के परिजनों ने हरिद्वार, ऋषिकेश, रामनगर व अन्य घाटों पर अपने परिजनों का अंतिम संस्कार किया। प्रदेश के काबीना मंत्री सतपाल महाराज व पूर्व सीएम हरीश रावत भी इस दौरान हरिद्वार के खड़खड़ी घाट में दिवंगतों के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। वहीं कई दिवंगतों के लिए उनके परिजनों को धुमाकोट की छोटी बाजार में कफन के लिए प्रयुक्त सफेद कपड़े के केवल चार थान ही उपलब्ध होने व उनके बिक जाने के बाद कफन भी नसीब न होने की दुःखद खबरें भी आ रही हैं।

उत्तराखंड में भीषण बस हादसे से पलायन का जख्म भी हुआ गहरा, गर्मियों की छुट्टियों के बाद गाँव से लौट रहे 48 मरे

-बस की छत-परखच्चे उड़े, नैनीडांडा के पिपली-भौन मोटर मार्ग पर हुई बस दुर्घटना में 61 यात्रियों से खचाखच भरी थी 28 सीटर बस, उत्तराखंड का दूसरा सबसे बड़ा बस हादसा बताया जा रहा

नैनीडांडा-धूमाकोट, 1 जुलाई 2018। उत्तराखंड के पौड़ी जिले की धूमाकोट विधानसभा के नैनीडांडा ब्लाक में एक बड़ी बस दुर्घटना हुई है। रविवार सुबह करीब 8:45 बजे नैनीडांडा के पिपली-भौन मोटर मार्ग पर हुई इस बस दुर्घटना में 61 यात्रियों से खचाखच भरी धूमाकोट के बमेड़ीसैंण से रामनगर को आ रही गढ़वाल यूजर्स मोटर को-आपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी लि. की 28 सीटर बस संख्या यूके12सी-0159 धूमाकोट से पहले चिनवाड़ी ग्राम पंचायत के क्वीन गांव के पास करीब 60 मीटर यानी लगभग 200 फिट गहरे संगुड़ी गधेरे यानी बरसाती नाले में गिर गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे क्या छत ही उड़ गई। इससे सभी यात्री इधर-उधर छिटककर हताहत एवं 42 मौके पर ही तथा कुल 48 लोग काल कवलित हो गए। तीन घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धूमाकोट लाया गया था, जहाँ पर 3 की उपचार के दौरान मृत्यु हुई। मरने वालों में 16 महिलाएं, 22 पुरुष और 10 छोटे बच्चे शामिल हैं। बस हादसा पलायन के दर्द व जख्म को भी और अधिक गहरा गया है। हादसे के सभी मृतक स्‍थानीय लोग बताये गए हैं, साथ ही बताया गया है कि  दुर्घटना में मारे गये लोगों में से कई गर्मियों की छुट्टियां पूरी होने के बाद और कई गांव में आयोजित कुल देवताओं की एक दिन पूर्व ही पूजा करने के बाद प्रवास पर-काम पर लौट रहे थे। 12 घायलों को रामनगर व सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी तथा एयरलिफ्ट कर जौलीग्रांट देहरादून व ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। एसडीआरएफ की टीम ने भी पुलिस व प्रशासनिक कर्मियों के साथ राहत व बचाव कार्यों में योगदान दिया।

इससे पूर्व हादसे की खबर लगते ही करीब सात किमी दूर स्थित धूमाकोट बाजार से व्यापारी, ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ गए। धूमाकोट के नायब तहसीलदार तीरथ सिंह और एचएसओ धुमाकोट लक्ष्मण सिंह कठैत पुलिस बल के साथ सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे, और उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ घायलों को खाई से बाहर निकालकर धूमाकोट अस्पताल पहुंचाया। इधर नैनीताल के डीएम विनोद कुमार सुमन के आदेश पर एडीएम हरवीर सिंह, एसडीएम रामनगर पारितोष वर्मा व एएसपी हरिश्चंद्र सती घटना दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हुए हैं।

प्रधानमंत्री, केन्द्रीय गृहमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने जताया दुःख, मुख्यमंत्री पहुंचे घटनास्थल

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखंड के पौड़ी-गढ़वाल में बस दुर्घटना से बेहद दुखी हूं। शोकग्रस्त परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि जल्द ही घायलों के स्वास्थ्य में सुधार हो। बचाव अभियान चल रहे हैं और अधिकारी दुर्घटना स्थल पर सभी संभावित सहायता प्रदान कर रहे हैं।’  शाम करीब पौने पांच बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी हेलीकॉप्टर से मरचूला-रामनगर होते हुए सड़क मार्ग से धुमाकोट पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों ढांढस बंधाया, और दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि अविलम्ब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी को भी फोन पर दुर्घटना के बारे मे अवगत कराया, और गृहमंत्री ने मदद का भरोसा दिया। राज्यपाल केके पॉल ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है।

सुबह के चले डीआईजी नहीं पहुँच पाए, एसडीआरएफ चार घंटे बाद पहुंची 

सुबह 11 बजे डीआईजी गढ़वाल रेंज पुष्पक ज्योति घटना स्थल के लिए रवाना हुए, लेकिन मौसम खराब होने के कारण शाम तक घटना स्थल पर नहीं पहुंच पाए, वहीं एसडीआरएफ की टीम चार घंटे बाद पहुंच पाई।

यह रहा दुर्घटना का कारण

प्राथमिक कारणों में बस में क्षमता से अधिक सवारियां ही हादसे का कारण माना जा रहा है। 28 सीटर बस में 61 यात्री सवार थे। वहीं सड़क में एक गड्ढा भी पाया गया है, इसकी भी जांच की जा रही है। हादसे में घायल शीशपाल सिंह ने हादसे की वजह बताते हुए कहा कि पुल पार करते हुए गड्ढे से बचते वक्त बस अनियंत्रित हुई और खाई में जा गिरी।

सीएम ने हल्द्वानी पहुंचकर लिया घायलों के उपचार का जायजा

हल्द्वानी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट हल्द्वानी पहुंचे और यहां सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज व नीलकंठ अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल-चाल जाना, तथा चिकित्सकों को घायलों को बेहतर स्वास्थ सुविधा देने के निर्देश दिए। कहा कि जरूरत पड़ी तो घायलों का हायर सेंटर में भी इलाज कराया जाएगा।  इस दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित कई अन्य भाजपा नेता भी मौजूद रहे।

मृतकों की सूची :

1. गोपी चंद (32) पुत्र सोहन लाल निवासी ग्राम मैंरा पट्टी इडिया कोट तल्ला,

2. विनोद सिंह बिष्ट (30) पुत्र दिलवर सिंह बिष्ट निवासी ग्राम पौखाल पट्टी इडिया कोट तल्ला
3. अर्चना (06) पुत्री विनोद सिंह बिष्ट निवासी ग्राम पौखाल, 4. सुनीता देवी (27) पत्नी विनोद सिंह बिष्ट निवासी ग्राम पौखाल
5. तुला राम (35) पुत्र भगत राम निवासी ग्राम बाड़ागाड पट्टी इडिया कोट तल्ला,

6. अर्जुन सिंह (23) पुत्र प्रेम सिंह निवासी ग्राम मैरा पट्टी इडिया कोट तल्ला
7. जसवीर सिंह (45) पुत्र संतन सिंह निवासी ग्राम मैरा पट्टी इडिया कोट तल्ला,

8. वीरेंद्र रावत (50) पुत्र नंदन सिंह रावत निवासी सीसई पट्टी खाटली
9. चंपा देवी (40) पत्नी कुंवर सिंह निवासी टंडोली पट्टी इडिया कोट तल्ला,

10. संतन सिंह रावत (50) पुत्र बच्चे सिंह रावत निवासी डंडधार पट्टी इडिया कोट
11. नीरज (18) पुत्र दयाल सिंह निवासी डंडधार पट्टी इडिया कोट,

12. बबली ध्यानी (35) पत्नी सुखदेव ध्यानी निवासी ग्राम अपोला
13. डबल सिंह (50) पुत्र सातन सिंह निवासी ग्राम अपोला,

14. त्रिलोक सिंह (54) पुत्र झबर सिंह निवासी ग्राम हुडेरा
15. बीना देवी (42) पत्नी नरेंद्र सिंह निवासी ग्राम भौंन,

16. नरेंद्र सिंह (47) पुत्र ज्ञान सिंह निवासी ग्राम भौंन
17. मानसी (10) पुत्री दिनेश सिंह निवासी भोगपुर (जसपुर),

18. अर्जुन (12) पुत्र दिनेश सिंह निवासी भोगपुर (जसपुर)
19. रणवीर राम (40) पुत्र बच्ची राम निवासी ग्राम वांदर कोट पट्टी खाटली,

20. श्याम लाल(62) पुत्र जगत राम निवासी ग्राम नऊ पट्टी खाटली
21. भारत सिंह (44) पुत्र ज्ञान सिंह निवासी ग्राम भौन,

22. मोनिका (16) पुत्री विजयानंद ध्यानी निवासी ग्राम अपोला
23. आरती देवी (37) पत्नी वीर सिंह निवासी ग्राम परखंडई,

24. आर्यन (12) पुत्र वीर सिंह निवासी ग्राम परखंडई
25. सोहन सिंह रावत (40) पुत्र पान सिंह रावत निवासी ग्राम नाला,

26. लक्ष्मी देवी (37) पत्नी सोहन सिंह निवासी ग्राम नाला
27. सुशीला देवी(50) पत्नी गोविंद सिंह निवासी ग्राम नाला,

28. मंजू देवी (30) पत्नी सोहन सिंह निवासी ढंगल गांव
29. सुमन देवी (32) पत्नी भारत सिंह निवासी ग्राम भौंन,

30. यश (10) पुत्र सोहन सिंह निवासी ढंगल गांव
31. प्रह्लाद (52) पुत्र उम्मेद सिंह निवासी ग्राम मैरा,

32. सुमित (15) पुत्र यशपाल सिंह निवासी ग्राम मैरा
33. यशपाल सिंह (40) पुत्र संतन सिंह निवासी ग्राम मैरा,

34. लक्षिता (16) पुत्री देवेंद्र सिंह निवासी ग्राम मैरा
35. रीना देवी (35) पत्नी रणवीर राम निवासी ग्राम बंदरकोट,

36. देवेंद्र सिंह (40) पुत्र चंदन सिंह निवासी ग्राम मैरा
37. दीपिका बिष्ट (20) पुत्री नंदन सिंह निवासी ग्राम मैरा,

38. सरिता देवी (52) पुत्री नंदन सिंह निवासी ग्राम मैरा
39. मंजू देवी (30) पत्नी शोभन सिंह रावत निवासी ढंगल गांव,

40. नीरज सिंह (18) पुत्र दयाल सिंह निवासी ग्राम डंडधार
41. हेमंत चौहान (35) पुत्र वीरेंद्र सिंह चौहान निवासी ग्राम बसेड़ी,

42. मनवर सिंह (50) पुत्र जोत सिंह निवासी नेहरूग्राम देहरादून
43. सरोज देवी (45) पत्नी मनवर सिंह निवासी नेहरूग्राम देहरादून,

44. घटना स्थल पर मृत्यु-अज्ञात,

45. घटनास्थल पर मृत्यु-अज्ञात
46 . अमित रावत (24) पुत्र मान सिंह निवासी ग्राम पीपली (चिकित्सालय में हुई मौत ),

47 . आशा देवी (40) पत्नी सतीश निवासी ग्राम पीपली (चिकित्सालय में हुई मौत )
48 . अंकुश (09) पुत्र सोहन सिंह निवासी ग्राम नाला (चिकित्सालय में हुई मौत )

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यह भी पढ़ें : साइकिल से सैकड़ों फिट गहरी खाई की ओर लुड़के और 50 फिट में अटक कर बचे दो बच्चे

नैनीताल, 27 जून 2018। कहते हैं ‘जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय’, बुधवार को यह कहावत नगर में चरितार्थ होते दिखी, जब अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे नगर के तल्लीताल धोबीघाट क्षेत्र निवासी 12 व 14 वर्ष के दो बच्चे योगेश पवार पुत्र कैलाश पवार व आदित्य कुमार पुत्र संजय भगत साइकिल चलाते हुए अनियंत्रित होकर साइकिल सहित सैकड़ों फिट गहरी खाई की ओर लुड़क गये, किंतु दैव योग से करीब 50 फिट नीचे झाड़ियों आदि में अटक कर बच गये। दोनों को आस पास मौजूद कुछ सैलानियों व नगर के लोगों ने खाई से बमुश्किल बाहर निकाला। बाद में पुलिस कर्मी उन्हें बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लेकर आये। यहां प्राथमिक उपचार के पश्चात उनके सिर में लगी चोट और मुख्यालय में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध न होने के मद्देनजर हल्द्वानी रेफर कर दिया।

जिला अस्पताल में उपचार कराते घायल बच्चे।

घटनाक्रम के अनुसार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे योगेश नाम का बालक पड़ोस के ही आदित्य को अपनी साइकिल पर लेकर हल्द्वानी रोड पर हनुमानगढ़ी की ओर घूमने जा रहा था। तभी कूड़ा खड्ड से आगे गत दिवस आये मलबे के स्थान पर अनियंत्रित होकर साइकिल सैकड़ों फिट गहरी खाई की ओर गिर गयी। दैवयोग से दोनों बालक झाड़ियों में फंसकर कुछ ऊपर ही अटक गये, अन्यथा घटना और भयावह हो सकती थी। दोनों को पुलिस आरक्षी सुरेंद्र सिंह व उमेश सती तथा होमगार्ड विपिन कुमार जिला अस्पताल लेकर आये। बाद में उनके परिजन उन्हें चिकित्सकों के परामर्श के बाद हल्द्वानी को रवाना हुए।

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नैनीताल जनपद में शनिवार 9 मई की सुबह हुए एक बेहद भीषण व दुःखद सड़क हादसे में देश-दुनिया में प्रतिष्ठा पा चुके युवा, मात्र 34 वर्षीय कुमाउनी लोक गायक प्रवेंद्र सिंह कार्की उर्फ पप्पू कार्की पुत्र किशन सिंह निवासी गोरापड़ाव की मौत हो गई। दुर्घटना में दो अन्य युवा भी काल कवलित हो गये, जबकि अन्य 2 युवा जख्मी हुए हैं। यह सभी लोग हैड़ाखान आश्रम के पास स्थित ग्राम गौनियारो में चल रही रामलीला में बीती रात्रि अपनी प्रस्तुति देकर हल्द्वानी लौट रहे थे। इस दौरान ही उनकी ईओन कार हैड़ाखान रोड पर मुड़कुड़िया के पास अनियंत्रित होकर ऊपर की सड़क से लुड़कती हुई नीचे की सड़क तक आ कर बुरी तरह से दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।

दुर्घटनाग्रस्त कार

हादसे में पप्पू कार्की के अलावा गौनियारो गांव निवासी राजेंद्र गौनिया (31) और पुष्कर सिंह (33) पुत्र उत्तम सिंह की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लोक कलाकार अजय आर्य (25) पुत्र भुवन प्रकाश आर्य निवासी चोरपानी नैनीताल और जुगल किशोर पंत (25) निवासी करायल छड़ायल हल्द्वानी घायल हो गये। उन्हें स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से हल्द्वानी के अस्पताल लाया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करके पप्पू के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा- ‘कुमाऊं के प्रसिद्ध युवा लोकगायक पप्पू कार्की की असमय मृत्यु का अशुभ समाचार सुनकर धक्का लगा। ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति व परिजनों को संबल प्रदान करने की कामना करता हूं।’

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उल्लेखनीय है कि मूलतः पिथौरागढ़ जिले के थल-पांखू के बीच सेलाबन पट्टी पुंगराऊं निवासी पप्पू कार्की दुबई सहित विदेशों में भी कुमाउनी लोक गीतों की प्रस्तुतियां दे चुके थे। नैनीताल निवासी उनके रिश्तेदार चंद्रशेखर कार्की ने कहा कि उन्होंने एक दूरस्थ गांव का नाम दुनिया में रोशन किया था। आगे उनसे बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन असमय काल ने उन्हें छीन लिया। पप्पू अपने पीछे पत्नी व चार वर्षीय पुत्र सहित भरा-पूरा परिवार रोता-बिलखता छोड़ गये हैं, जबकि उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है।

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-दिल्ली को जाने वाली रामनगर डिपो की बस चालक के कल पूरे दिन व पूरी रात चलने के बाद हुई दुर्घटनाग्रस्त
-चालक ने होशियारी दिखा सड़क पर ही पलटाई बस, अन्यथा घटना की भयावहता की कल्पना करना भी होता कठिन
नैनीताल, 26  मई 2018। । शनिवार की सुबह दैवयोग से काली होने से बच गयी। सुबह सात बजे के करीब नैनीताल के सूखाताल से कालाढुंगी रोड पर दिल्ली के लिए निकली बस नगर से करीब 5 किमी दूर ही सड़क पर पलट गयी। गंभीर बात यह है कि हादसा बस चालक को नींद का झोंका आने से हुआ। चालक शुक्रवार सुबह 11 बजे रामनगर से दिल्ली जाकर और रात भर बस चलाकर सुबह नैनीताल पहुंचने के बाद फिर सुबह बस लेकर लौट रहा था। गनीमत रही और बस चालक ने आखिरी पलों में होशियारी व सक्रियता दिखाकर बस को ‘लैंड्स इंड’ के निचले वाले मोड़ पर पहाड़ी की ओर टकरा दिया, इससे बस सड़क पर ही पलट गयी, अन्यथा बस का हजारों फिट गहरी खाई में जाना निश्चित था, और ऐसे में बस में सवार 23 सवारियों एवं दो बस चालक-परिचालक का क्या होता व दुर्घटना की कैसी भयावहता होगी, उसकी कल्पना करना भी कठिन है। घटना में तीन महिलाएं चोटिल हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोडवेज के रामनगर डिपो (बस में पूर्व का भवाली डिपो ही अंकित है) की रोडवेज बस संख्या यूके07पीए-3252 सुबह सात बजे से सूखाताल से दिल्ली के लिए चली बस सवा सात बजे के करीब ही सड़क पर पलटकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। दुर्घटना में दो बहनें स्नेहा (16) व सोनाली (19) पुत्री चंद्रशेखर निवासी बी-1/80 डीएलएफ कॉलोनी साहिबाबाद गाजियाबाद तथा नगर के पॉपुलर कंपाउंड निवासी दीपा जोशी (35) पत्नी पंकज जोशी घायल हुईं। मल्लीताल थाने के एसआई पूरन सिंह मर्तोलिया व बारापत्थर चौकी के आरक्षी ललित व अन्य कर्मियों ने बस का पिछला शीशा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। बस को रोहित कुमार चला रहा था, जबकि परिचालक विजय सिंह था।

रात-दिन लगातार चलना रहा दुर्घटना का कारण

नैनीताल। उल्लेखनीय है कि सूखाताल से दिल्ली की यह बस सूखाताल से सुबह सात बजे चलती है, करीब साढ़े नौ बजे रामनगर पहुंचती है। वहां से इसे एक नया ड्राइवर करीब 11 बजे लेकर दिल्ली के लिए चलता है। शाम करीब 6-6.30 बजे लगातार चल कर बस दिल्ली पहुंचती है, और वहां करीब 1-1.30 घंटे आराम के बाद ही रात्रि आठ बजे यही ड्राइवर इसे लेकर लेकर नैनीताल के लिए चलता है, और पूरे दिन के बाद पूरी रात्रि चलकर सुबह करीब 4 बजे नैनीताल पहुंचता है, और 2-3 घंटे के ही आराम के बाद उसे यह बस फिर से रामनगर ले जानी होती है। समझना आसान है कि इतनी लंबी यात्रा में चालक थका हुआ व नींद के झोंके में होता है, इसलिए बस को तेज भी चलाता है। इस बस के हमेशा तेज चलने की शिकायत भी आती रहती है। आज भी यह बस काफी तेज गति में बताई गयी है। इसी कारण बीते नवंबर माह में भी यहीं बस दिल्ली से आते हुए बारापत्थर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी।

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-दैवयोग से बची दो परिवारों की जान

रविवार को रूसी नाले में पुलिया से नीचे गिरी कार।

नैनीताल, 13 मई 2018। दिल्ली से रात भर चलकर नैनीताल आ रहे दिल्ली के सैलानियों की वैगनआर संख्या डीएल एससीपी-3575 रविवार सुबह तड़के करीब सात बजे चालक को झपकी आ जाने की वजह से शहर से पांच किमी पहले हल्द्वानी रोड पर अनियंत्रित होकर रूसी नाले की पुलिया सेे नीचे जा गिरी। हादसे में दो परिवारों के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। दुर्घटना में कार चला रहे कमल चावला पुत्र हेमराज निवासी सी-138 डीडीए फ्लैट जहांगीर पुरी पंजाबी बाग दिल्ली, उनकी पत्नी 26 वर्षीय दीपिका व 11 वर्षीय बेटी जाह्नवी तथा उनके पड़ोसी 40 वर्षीय सुरजीत व सुरजीत की पत्नी 32 वर्षीय शशि तथा 11 वर्षीय बेटा इशांत घायल हो गए। गनीमत रही कि कार कम गहराई में गिरकर ही अटक गई, अन्यथा हादसा अधिक भयावह हो सकता था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी थानाध्यक्ष मनवर सिंह, आरक्षी राजा राम, उमेश सती व अन्य ने मौके पर पहुंचकर घायलों को आपातकालीन 108 एंबुलेंस के माध्यम से बीडी पांडेय अस्पताल लाकर उपचार कराया गया। सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया गया कि दोनों परिवार रात्रि 12 बजे के आसपास चले थे, और रात भर चलते रहे थे।

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नैनीताल, 17 अप्रैल 2018। हल्द्वानी रोड पर आमपड़ाव के पास मंगलवार की सुबह दो वाहनों के लिए अमंगलकारी साबित हुई। यहां एक ट्रक व जीप में आमने-सामने की जोरदार टक्कर के बाद दोनों वाहन खाई में जा गिरे। दुर्घटना में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जीप चालक सहित जीप में सवार नौ लोगों को चोटें आई हैं। सभी को 108 आपातकालीन सेवा की मदद से हल्द्वानी ले जाया गया है। खास बात यह है कि दोनों वाहनों में सवार सभी लोग बागेश्वर जिले के निवासी हैं।
घटनाक्रम के अनुसार मंगलवार सुबह ट्रक संख्या यूके04सीए-5479 बागेश्वर से खड़िया लेकर हल्द्वानी और मैक्स जीप संख्या यूके02टीए-0978 हल्द्वानी से बेरीनाग जिला बागेश्वर की 8 सवारियों को लेकर जा रही थी। सुबह करीब साढ़े छह बजे ‘भट्ट जी का भुट्टा’ के लिए प्रसिद्ध मटियाली बैंड मोड़ पर संभवतया ट्रक के ब्रेक फेल हो जाने के बाद चालक किशन सिंह गड़िया (42) पुत्र हयात सिंह गड़िया निवासी ग्राम पोथिंग कपकोट, जिला बागेश्वर ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख पाया, और ट्रक अनियंत्रित होकर सामने से आ रही जीप से टकराकर उसे लेकर करीब 12 फिट गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना में ट्रक चालक ट्रक के भीतर कुचल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। अलबत्ता, दोनों वाहन नीचे घूमकर आ रही रोड से पहले ही दैवयोग से ऊपर पेड़ पर अटक गए, जिस कारण जीप सवार लोग बाल-बाल बच गये। मौके पर दल-बल के साथ पहुंचे ज्योलीकोट चौकी प्रभारी मनवर सिंह ने घायल जीप चालक ग्राम महरोड़ी जिला बागेश्वर निवासी मोहन जोशी (35) पुत्र बच्ची राम जोशी, इसी गांव के हेमंत सिंह (62) पुत्र पान सिंह, उनकी पत्नी पार्वती देवी (60) के साथ ही ग्राम वनतोला बेरीनाग निवासी गीता कठैत (33) पुत्री खीम सिंह, उसका भाई पवन सिंह (24 ग्राम मदगांव कमेड़ीदेवी निवासी उमेश रावत (21) पुत्र खुशाल रावत व उनके भाई चंचल सिंह (24) तथा हुकुम सिंह (42) पुत्र पान सिंह, जीतेंद्र रावत (23) पुत्र दीवान रावत तथा ग्राम लोहाथल बेरीनाग निवासी बलवंत सिंह (21) पुत्र प्रकाश सिंह को खाई से निकालकर 108 की मदद से हल्द्वानी भिजवाया और मृतक के शव को पंचनामा भरकर परिजनों को सूचित किया, तथा बाद में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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दुर्घटनाग्रस्त बुलेरो।

-तीन गम्भीर सहित सभी को हायर सेंटर किया रेफर, भवाली व मुक्तेश्वर पुलिस पहुँची मौके पर
दान सिंह लोधियाल, धानाचूली। मुक्तेश्वर से काठगोदाम जा रही पर्यटकों से भरी एक बुलेरो रामगढ़ से चार किलोमीटर पहले दुत्कानेधार के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमे चालक सहित सभी सात सवारियां घायल हो गईं। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद रामगढ़ ले जाया गया जहाँ से तीन घायलों को हॉयर सेंटर रेफर कर दिया है। मुक्तेश्वर के थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया सभी घायल जेनेसिस ग्लोबल स्कूल सेक्टर 132 नोएडा के छात्र-छात्राएं हैं।

जानकारी के अनुसार  नोएड़ा ग्लोबल स्कूल केे छात्र मुक्तेश्वर घूमने आये थे और बुधवार को बुलेरो संख्या यूके 04 टीए6658 से काठगोदाम को वापस लौट रहे थे। रामगढ़ से पहले उनका वाहन दुत्तकानेधार के पास अनियंत्रित होकर करीब 50 से 60 फिट गहरी खाई में जा गिरा। जिसमे सवार वाहन चालक मोहन सिंह पुत्र किशन सिंह उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम सतबुंगा थाना मुक्तेश्वर जिला नैनीताल, आस्था जैन पुत्री संजीव जैन उम्र 25 वर्ष निवासी 86 सुदर्शन अपार्टमेंट आईपी एक्सटेंशन नई दिल्ली, फतेह सिंह भुल्लर पुत्र अरविंदर सिंह उम्र 17 वर्ष निवासी GP ग्रीन्स नोएडा, शिवांग गोयल पुत्र विभोर गोयल उम्र 17 वर्ष निवासी अशोका फॉर्म बरेली, नवनीत अरोरा पुत्र जसवीर अरोरा उम्र 17 वर्ष निवासी सेक्टर 36 नोएडा, परख शर्मा पुत्र वंदना शर्मा उम्र 17 वर्ष निवासी 166 कमला नगर नई दिल्ली, सागर महाजन पुत्र प्रदीप महाजन उम्र 17 वर्ष निवासी सेक्टर 51 नोएडा, भरत कंबोज पुत्र अनुपम कंबोज उम्र 17 वर्ष इंदिरापुरम गाजियाबाद को रामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर किया गया है शिवांग गोयल व नवनीत मोहन सिंह गौड़ गम्भीर घायल बताए जा रहे हैं। सभी को हायर सेंटर सुशीला तिवारी हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। भवाली थाने के कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया घटना की जानकारी घायलों के परिजनों को दे दी है। उधर दुर्घटना की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के भीमताल में सूमो खाई में गिरी, एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों की मौत

21 मार्च 2018। नैनीताल के भीमताल में बोहराकून के पास धारचूला से हल्द्वानी को जा रही एक टाटा सूमो संख्या यूए 05 टीए 1956 खाई-हैंडल लॉक होने से बोहराकून-भीमताल के बोहराकून के पास लगभग 6 सौ मीटर गहरी खाई में गिर गयी। सूमो में 10 लोग सवार थे।  थी। स्थानीय एवं पुलिस प्रशासन की मदद से घायलों को 108 की मदद से भीमताल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इस हादसे में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों, माँ गंगा देवी (75) पत्नी कल्याण सिंह निवासी ग्राम फूलतड़ी धारचूला, उनके पुत्र इंद्र सिंह (50) व पोती ज्योति (19) की मौत हो गयी, साथ ही 8 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए हल्द्वानी के हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है।

दुर्घटना में हिमांशु गोस्वामी पुत्र गणेश गोस्वामी उम्र 11 वर्ष निवासी बीसा बहेड़ पिथौरागढ़, भागीरथी देवी पत्नी गणेश नाथ उम्र 29 वर्ष निवासी बीसा बहेड़, वाहन चालक मदन सिंह पुत्र धर्म सिंह उम्र 30 वर्ष निवासी बलवाकोट पिथौरागढ़, चरखू पुत्र चतरीमान उम्र 25 वर्ष निवासी चतुरी मांझी खुटहन झारखंड, शांति देवी पत्नी मोहन सिंह उम्र 40 निवासी हल्दूचौड़, मंगल राउत पुत्र महादेव राउत खुटहल झारखंड , कमला देवी पत्नी पान सिंह 29 वर्ष निवासी इंद्रा नगर हल्द्वानी, विकास मांझी पुत्र पवन मांझी उम्र 19 वर्ष निवासी चतुर मांझी झारखंड गंभीर रूप से घायल हो गये। इसके अलावा दो अन्य लोग गंभीर बताए जा रहे है।

अल्मोड़ा के सल्ट ब्लॉक में केएमओयू की बस दुर्घटनाग्रस्त, 13 की मौत

13 मार्च 2018।अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लाक के दानापानी में चीरधार-गोलूधार टोटाम से करीब 4 किमी आगे कुमाऊँ मोटर ऑनर्स यूनियन (केएमओयू) की एक बस खड़ी चट्टान पर करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। हादसे में बस के चालक भैरव दत्त लोहनी दो महिलाओं सहित 13 यात्रियों की मृत्यु हो गयी है, जबकि 12 लोग घायल हो गए हैं। बस देघाट से रामनगर को आ रही थी। दुर्घटनाग्रस्त बस संख्या यूके 19 पीए 0016 में 27 लोग सवार थे। दुर्घटना एक जीप को पास देने की वजह से हुई बताई गई है। घायलों को रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।

घटना मंगलवार सुबह करीब 8.15 बजे की है। दुर्घटना में 11 लोगों की मौत घटनास्थल पर, जबकि दो की बाद में रामनगर में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस प्रशासन, एंबुलेंस और रेस्कयू टीम मौके पर पहुंच कर बस में फंसे घायलों को निकालने में जुट गई है। राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ और एसडीएम मौके पर पहुंच गए हैं, जबकि अल्मोड़ा की जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव और एसएसपी पी रेणुका देवी भी घटना स्थल को रवाना हो गए हैं। दुर्घटना स्थल पर रेस्क्यू का कार्य चल रहा है। मृतकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। 

इधर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दुर्घटना के प्रति गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को युद्ध स्तर पर बचाव कार्यों और घायलों को यथोचित चिकित्सा सुविधा एवं अनुमन्य मुआवजा राशि यानी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने के साथ ही दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

दुर्घटना में मृतकों के नाम:
  1. बस चालक भैरव दत्त लोहनी पुत्र पान देव (35) निवासी बरंगल स्याल्दे
  2. मंजू देवी पत्नी नरेंद्र सिंह (35) निवासी कुन्हील भिकियासैंण
  3. हेमा देवी पत्नी प्रयाग दत्त (42) निवासी जसपुर स्याल्दे
  4. भगत सिंह पुत्र कुंदन सिंह (45) निवासी पत्थरखोला
  5. सुरेश कुमार पुत्र जगदीश राम (26) निवासी ऐराड़ी रजवार, स्याल्दे
  6. मुकेश कुमार पुत्र फकीर राम (40) निवासी स्याल्दे बाजार
  7. नवीन जोशी पुत्र बाला दत्त जोशी (42) निवासी नेवलगांव
  8. राजेश कुमार पुत्र दीवान राम (42) निवासी बाड़ी बगीचा अल्मोड़ा
  9. दौलत सिंह पुत्र मोहन सिंह (65) निवासी खटलगांव स्याल्दे
  10. धर्मपाल पुत्र हरी सिंह (48) निवासी जयकन उदयपुर स्याल्दे,
  11. गोपाल सिंह पुत्र उत्तम सिंह (45) निवासी दुर्गा मंदिर रोड कृष्णपुरा पानीपत, हरियाणा
  12. सतीश चंद्र जोशी पुत्र हरीश चंद्र जोशी (40) निवासी दानपुर रुद्रपुर
  13. आनंद सिंह बंगारी पुत्र खुशाल सिंह बंगारी (46) निवासी तल्ला भाकुड़ा
दुर्घटना में घायलों के नाम:
  1. हरीश पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी चमकना, अल्मोड़ा
  2. चंदर सिंह पुत्र दीवान सिंह निवासी भतरोज खान, अल्मोड़ा
  3. दिलीप सिंह पुत्र हीरा सिंह, टोटाम, अल्मोड़ा
  4. देवी दत्त पुत्र हीरा मणि निवासी उदयपुर, अल्मोड़ा
  5. कलावती चंद पत्नी राजेन्द्र चंद, निवासी जैनेल भिकियासैण 
  6. मोनिका बंगारी पुत्री आनंद सिंह निवासी तल्ला भकूड़ा 
  7. उत्कर्षा बंगारी पुत्री आनंद सिंह निवासी तल्ला भकूडा
  8. चंद्रा देवी पत्नी गजेंद्र सिंह, निवासी धनसुआ
  9. गोपाल राम पुत्र जोगाराम निवासी कवारी, अल्मोड़ा
  10. महेंद्र सिंह, निवासी चिरकड़ा, अल्मोड़ा
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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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