January 7, 2026

25वें वर्ष में यूसीसी, समान नागरिक संहिता लागू करने से राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी, कौशल विकास, चारधाम यात्रा, आर्थिक प्रगति और विकास कार्यों में रिकार्ड तोड़ प्रदर्शन के साथ उत्तराखंड चला विकसित राज्य बनने की ओर

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Uttarakhand Groath
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यूसीसी से राष्ट्रीय खेलों तक, देवभूमि ने दिखाई अपनी ताकत

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 31 दिसंबर 2025 (UK-Achievements in 25th Year)। समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन से लेकर 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन तक वर्ष 2025 में देवभूमि उत्तराखंड ने हर स्तर पर अपनी क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। रजत जयंती वर्ष में अपेक्षाकृत छोटे और युवा राज्य ने ऐसे निर्णय लिए, जिनका असर राष्ट्रीय स्तर पर दिखा। वर्ष के आरंभ में 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू कर स्वतंत्र भारत में यह कदम उठाने वाला पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया।

(UK-Achievements in 25th Year) Uttarakhand UCC Bill: यूसीसी विधेयक पास होने के बाद उत्तराखंड में बदल  जाएंगे ये नियम, लव जिहाद को लेकर कानून होंगे कड़े - Uttarakhand UCC Bill  these rules will change in ...इसके माध्यम से विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे निजी मामलों में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था स्थापित हुई। लिव इन संबंधों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर सरकार ने सामाजिक पारदर्शिता की दिशा में भी पहल की। माना जा रहा है कि इस कानून के दूरगामी परिणाम होंगे और अन्य राज्यों के लिए यह एक उदाहरण बनेगा।

(UK-Achievements in 25th Year) 38वें नेशनल गेम्स के शेड्यूल में बदलाव, क्लिक कर देखें इवेंट्स और उनकी  लेटेस्ट डेटदूसरी ओर, 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर सहित कई शहरों में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों ने उत्तराखंड की आयोजन क्षमता को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया। पहली बार इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता का सफल संचालन करते हुए राज्य ने अंतरराष्ट्रीय मानकों की खेल सुविधाएं विकसित कीं और दस हजार से अधिक खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं कीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आयोजन की सराहना की। खेल प्रदर्शन में भी उत्तराखंड ने इतिहास रचते हुए पदक तालिका में सातवां स्थान प्राप्त किया और कुल 103 पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। 

कौशल विकास से स्वरोजगार की राह, हुनरमंद हाथों को मिला नया सहारा

(UK-Achievements in 25th Year) Year Ender 2025: कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार के कदम....हुनरमंद हाथों  ने थामी स्वरोजगार की राह - year ender 2025 skills development led to work  from own hands skilled workers adoptedनैनीताल। उत्तराखंड में युवाओं को रोजगारोन्मुख और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा को कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में व्यापक पहल की जा रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर युवाओं को सरकारी, गैरसरकारी और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। आइटीआइ, पालीटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल कौशल, स्टार्टअप प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

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राज्य में 21 आइटीआइ सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि सेलाकुई में स्थापित आधुनिक केंद्र में प्रशिक्षण के साथ आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पालीटेक्निक संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था से प्लेसमेंट दर 73 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। एमएसएमई क्षेत्र को प्राथमिकता देकर स्थानीय संसाधनों के उपयोग के साथ पलायन रोकने पर जोर दिया जा रहा है। कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा के अनुसार टाटा टेक्नोलाजी के साथ हुए करार से राज्य के युवा देश और विदेश में रोजगार के योग्य बनेंगे।

पहले चरण में 13 आइटीआइ को विश्वस्तरीय बनाकर आधुनिक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे सैकड़ों युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर मिलेंगे। डुअल ट्रेनिंग माडल लागू होने से छात्रों को पढ़ाई के साथ उद्योगों में प्रशिक्षण और मासिक भत्ता भी मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रशिक्षित युवा न केवल रोजगार प्राप्त करें, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से दूसरों को भी काम दे सकें।

चारधाम यात्रा ने तोड़े रिकार्ड, 48.32 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Chardham Yatra 2024 में आस्था ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, इस बार Kedarnath Dham  में बढ़े 69 प्रतिशत तीर्थयात्री - Chardham Yatra 2024 record break Pilgrims  increased by 69 percent in Kedarnath Dhamनैनीताल। बेहतर प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और यात्रा व्यवस्थाओं को मजबूत किए जाने के चलते वर्ष 2025 में चारधाम यात्रा ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। मानसून काल में अतिवृष्टि, भूस्खलन, भूधंसाव और कई दिनों तक मार्ग अवरुद्ध रहने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद इस वर्ष कुल 48 लाख 32 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए। गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग हर्षिल घाटी की आपदा के कारण लगभग एक माह बंद रहने से इन दोनों धामों में पिछले वर्ष की तुलना में यात्रियों की संख्या में कमी आई, लेकिन बदरीनाथ और केदारनाथ

धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल यात्रियों का आंकड़ा बीते वर्ष की तुलना में बढ़ गया। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद चारों धामों में यात्री सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग के पड़ावों पर भोजन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं, वहीं केदारपुरी और बदरीशपुरी में महायोजनाओं के तहत विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं।

रोपवे परियोजनाओं के पूरा होने के बाद केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम होने की उम्मीद है। लगातार तीसरे वर्ष केदारनाथ धाम में सर्वाधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि हेमकुंड साहिब यात्रा में भी सर्वकालिक रिकार्ड बना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा को भी गति मिली है, जिससे आने वाले वर्षों में तीर्थाटन को वर्षभर विस्तार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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आर्थिक प्रगति और विकास कार्यों में खर्च की बढ़ी ललक

हिमाचल के आर्थिक संकट से उलट उत्तराखंड ने पाई ये बड़ी उपलब्धि, आंकड़ों ने  दोगुनी जीडीपी के दिए संकेत - Uttarakhand GSDP growthनैनीताल। उत्तराखंड ने राज्य गठन के 25 वर्षों में अपनी आर्थिक सेहत को सुदृढ़ करते हुए राजस्व सरप्लस राज्य के रूप में पहचान बनाई है और आमदनी बढ़ाने तथा विकास कार्यों में पूंजीगत खर्च को लेकर नई सक्रियता दिखाई है। वित्तीय अनुशासन को मजबूत करते हुए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं पर अधिक व्यय करने का साहस दिखाया है, वहीं आय के स्रोतों के विस्तार से वार्षिक कर और करेत्तर राजस्व करीब 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की स्थिति में है।

पूंजीगत बजट के बेहतर उपयोग और राजस्व संसाधनों में वृद्धि के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है, जिसका उल्लेख कैग की रिपोर्ट और अन्य अध्ययनों में भी हुआ है। वर्ष 2023-24 में पहली बार वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में पूंजीगत बजट लक्ष्य से अधिक खर्च कर राज्य ने नया रुझान स्थापित किया। खनन क्षेत्र में सुधारों से कर राजस्व में वृद्धि हुई और इसके लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिला, जबकि भूमि सुधारों के लिए 85 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई।

सधे हुए राजकोषीय प्रबंधन का परिणाम है कि राज्य का ऋण सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 25 प्रतिशत से कम बना हुआ है। वर्ष 2000 में 14,501 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था अब 2023-24 में बढ़कर 3,32,990 करोड़ रुपये हो गई है और 2024-25 में इसके 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय भी 15,285 रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

राज्य का बजट आकार 4,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,01,175 करोड़ रुपये हो चुका है और कर संग्रह में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। चुनौतियों के बावजूद सरकार को उम्मीद है कि आय के संसाधनों में विस्तार और बजट के प्रभावी उपयोग से उत्तराखंड आने वाले वर्षों में मजबूत और विकसित राज्यों की पंक्ति में अपनी जगह और पुख्ता करेगा।

भविष्य के लिए तैयार उत्तराखंड, स्मार्ट मीटर, एआइ और तकनीकी आधारित आपदा प्रबंधन से ऊर्जा तंत्र मजबूत

UPPCL: स्मार्ट मीटर वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली विभाग भेज रहा ये मैसेज तो  हो जाएं अलर्ट - smart meters to convert to prepaid agra electricity updateनैनीताल। उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र के लिए वर्ष 2025 ऊर्जा तंत्र को सुदृढ़ करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का महत्वपूर्ण वर्ष रहा। बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण और नियमन से जुड़ी संस्थाओं ने समन्वित प्रयासों से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दी और नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार की ठोस नींव रखी। राज्य की स्थापित विद्युत क्षमता अब चार हजार मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जिसमें जलविद्युत की प्रमुख भूमिका है, जबकि सौर ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को शामिल कर ऊर्जा पोर्टफोलियो को संतुलित किया गया है।

बढ़ती मांग को देखते हुए 220 और 400 केवी पारेषण नेटवर्क के विस्तार, जीआइएस सबस्टेशनों और क्षमता वृद्धि की योजनाओं पर काम हुआ, जिससे आपदा-संवेदनशील राज्य में बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनी। उत्पादन स्तर पर जलविद्युत के साथ सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ी और ग्रिड स्थिरता के लिए बैटरी भंडारण परियोजनाओं की तैयारी की गई। वितरण क्षेत्र में स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिलिंग और एआइ आधारित निगरानी से 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिली, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से हजारों घरों में सोलर रूफटाप लगे।

नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों, जियोथर्मल ऊर्जा नीति और सामुदायिक सौर परियोजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य बनने की दिशा में ठोस कदम बढ़े। पर्वतीय भूगोल, आपदाओं, ग्रिड संतुलन और वित्तीय दबाव जैसी चुनौतियों के बावजूद तकनीकी उन्नयन और आधुनिक प्रबंधन से उत्तराखंड ने भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए स्वयं को तैयार किया है।

विकसित राज्य बनने की नयी उमंग का जयघोष

Year Ender 2025: 26वें वर्ष में उत्तराखंड, विकसित राज्य बनने की नयी उमंग और  उत्साह का जयघोष - year ender 2025 uttarakhand entering 26th year new  enthusiasm and aspirations to become a developed ...नैनीताल। रजत जयंती वर्ष पूर्ण कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर रहा उत्तराखंड विकसित राज्य बनने की नयी उमंग और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। बीते 25 वर्षों में युवा प्रदेश ने दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के साथ विकास और आर्थिकी के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित किए हैं। देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए, जिनका राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव दिखाई दे रहा है।

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समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने महिला अधिकारों और समान कानून की दिशा में देश को ठोस संदेश दिया है, जबकि मतांतरण रोकने के लिए कानून को और कड़ा कर सामाजिक सौहार्द की रक्षा का प्रयास किया गया है। भू माफिया पर अंकुश लगाने के लिए सशक्त भू कानून लागू कर भूमि संरक्षण की जनभावनाओं को बल मिला है। अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए नया कानून लाकर समान शिक्षा और आधुनिक पाठ्यक्रम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पर्यटन के क्षेत्र में शीतकालीन और बारहमासी यात्रा को बढ़ावा देने की पहल से आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।

38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी ने खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को नया आयाम दिया है। रजत जयंती वर्ष में 25 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों और स्वरोजगार योजनाओं से रोजगार सृजन का दावा किया गया है। राजनीतिक स्तर पर भी वर्ष महत्वपूर्ण रहा, जहां सत्ताधारी और विपक्षी दलों ने संगठनात्मक बदलाव किए। कुल मिलाकर डबल इंजन सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में सशक्त और विकसित राज्य बनने की इच्छाशक्ति स्पष्ट रूप से उभरती दिखाई दे रही है।

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