Bhookamp Earthquake 1
इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, बागेश्वर, 13 जनवरी 2026 (Earthquake in Bageshwar-UK)। उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में मंगलवार सुबह 7:25 बजे भूकंप के झटकों से लोगों की नींद खुल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology—NCS) और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई, जबकि इसका केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में धरती की सतह से 10 किलोमीटर गहराई पर रहा। झटके बागेश्वर के साथ-साथ उत्तरकाशी, देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार तक महसूस किये गये, जिससे कई स्थानों पर लोग ठंड के बावजूद घरों से बाहर निकल आये।

राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति क्षति की पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पर्वतीय जिलों में छोटे-छोटे झटके भी लोगों के मन में आफ्टरशॉक (Aftershock) का डर बढ़ाते हैं और आपदा प्रबंधन तैयारियों की परीक्षा लेते हैं।

भूकंप का समय, केंद्र और आंकड़े

Earthquake in Bageshwar-UK, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology—एनसीएस) के अनुसार इस भूकंप का मूल समय (Origin Time) 13 जनवरी 2026 को सुबह 07:25:06 (IST) दर्ज किया गया। भूकंप का अक्षांश-देशांतर (Lat, Long) 29.93, 80.07 रहा। तीव्रता (Magnitude) 3.5 और गहराई (Depth) 10 किलोमीटर बताई गई। घटना की स्थिति “समीक्षित” (Reviewed) दर्शाई गई है, यानी आंकड़ों का सत्यापन किया जा चुका है।

झटकों के बाद क्षेत्र में लोग आफ्टरशॉक के भय से सतर्क दिखे। कई जगहों पर परिजनों ने बच्चों और बुजुर्गों को पहले बाहर सुरक्षित स्थानों पर रखा, फिर घर के अंदर की स्थिति देखी। प्रशासनिक अधिकारी भी सूचना मिलते ही विभिन्न क्षेत्रों से स्थिति का जायजा लेते दिखे।

हरिद्वार-ऋषिकेश तक असर, लोगों में हलचल

भूकंप का प्रभाव बागेश्वर से काफी दूरी तक महसूस किया गया। सूचना के अनुसार झटके बागेश्वर से लगभग 174 किलोमीटर दूर ऋषिकेश (Rishikesh) और 183 किलोमीटर दूर हरिद्वार (Haridwar) तक महसूस किये गये। सुबह के समय ठंड के कारण लोग घरों के भीतर थे, लेकिन धरती कांपते ही कई परिवार बाहर निकल आये और कुछ देर तक खुले स्थानों पर ही खड़े रहे।

प्रशासन की सतर्कता, अभी तक नुकसान की सूचना नहीं

भूकंप की सूचना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन सतर्क हो गया। विभिन्न स्थानों से प्रभाव की जानकारी जुटाई गई और लोगों को अफवाहों से बचने तथा सावधान रहने की अपील की गई। अब तक की जानकारी के अनुसार किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि बागेश्वर सहित पर्वतीय जिले पहले से ही भूकंप संवेदनशील (Seismic Sensitive) माने जाते हैं। छोटे झटके भी इसलिए अहम होते हैं क्योंकि पहाड़ी ढलानों, पुराने मकानों और कमजोर निर्माण वाले क्षेत्रों में जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में आपदा प्रबंधन व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारी, संचार व्यवस्था और राहत दलों की तत्परता लगातार महत्वपूर्ण हो जाती है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानी, क्या करें और क्या न करें

भूकंप के बाद विशेषज्ञ और प्रशासन आमतौर पर यही सलाह देते हैं कि—

  • घर के भीतर हों तो मजबूत मेज/चारपाई के नीचे सुरक्षित रहें, कांच और भारी सामान से दूर रहें।
  • झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें और बिजली के तार, दीवारों व ढलानों से दूरी रखें।
  • अफवाहों पर भरोसा न करें, केवल आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें।
  • किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपदा राहत नंबर और पुलिस सहायता लाइन से संपर्क करें।
यह भी पढ़ें :  25 वर्षीय आईएएस अंशुल भट्ट ने ग्राहक बनकर पकड़ा बिना पंजीकरण के चल रहा होटल और किया सील, प्रश्न-जनपद मुख्यालय में प्रशासन ऐसी ही स्थितियों में मौन क्यों...?

क्यों आते हैं भूकंप? जानिए भूगर्भीय कारण

पृथ्वी के भीतर सात बड़ी टेक्टॉनिक प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं तो उनके कोनों में तनाव बढ़ता है। जब यह तनाव सहनसीमा पार करता है, तो प्लेटें टूट जाती हैं और नीचे से ऊर्जा सतह की ओर निकलती है, जिससे भूकंप उत्पन्न होता है।

भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या दर्शाते हैं? (Earthquake at midnight in Chamoli-Uttarakhand)

भूकंप का ‘केंद्र’ (एपीसेंटर) वह स्थान होता है, जिसके ठीक नीचे यह ऊर्जा विस्फोट होता है। इस स्थान पर झटके सबसे अधिक महसूस होते हैं। वहीं, भूकंप की ‘तीव्रता’ उस ऊर्जा की माप है, जो धरती से बाहर आती है। रिक्टर स्केल पर 3.3 तीव्रता वाला भूकंप सामान्य श्रेणी में आता है, लेकिन यदि इसका केंद्र घनी आबादी वाले या पहाड़ी क्षेत्र में हो, तो छोटे झटके भी संवेदनशील होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की हलचल पर लगातार निगरानी बेहद आवश्यक है। प्रशासन व स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

क्या आपके क्षेत्र में भी झटके महसूस हुए। क्या लोग पहले से तैयार हैं कि ऐसी स्थिति में घर के भीतर सुरक्षित जगह कौन सी है। यह घटना एक बार फिर इस प्रश्न को सामने लाती है। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर  के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।

यह भी पढ़ें :  'टीम इंडिया' में उत्तराखंड मूल के एक और युवा खिलाड़ी ‘बेबी एबी’-आयुष बड़ोनी की एंट्री, मौका मिलने-खेलने और गंभीर के पूर्व बयान पर चर्चा तेज

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (Earthquake in Bageshwar-UK) :

Earthquake in Bageshwar-UK, Bageshwar Earthquake 13 January 2026 3.5 Magnitude NCS Update, Uttarakhand Earthquake Morning 7 25 IST Bageshwar Epicenter, Earthquake Tremors Felt In Haridwar And Rishikesh Today, National Center For Seismology Report Bageshwar Quake Depth 10km, Bageshwar Uttarakhand Earthquake Lat 29.93 Long 80.07 Details, Aftershock Fear Residents Came Out In Cold Weather Uttarakhand, No Damage Reported After Bageshwar Earthquake Administration Alert, Uttarakhand Disaster Management Advisory After Earthquake Tremors, Bageshwar Earthquake Impact From Uttarkashi To Dehradun Regions, Ministry Of Earth Sciences Earthquake Bulletin Uttarakhand January 2026, #UttarakhandNews #BageshwarNews #Earthquake #NCS #MinistryOfEarthSciences #Haridwar #Rishikesh #SeismicActivity #DisasterManagement #HindiNews

Avatar of डॉ.नवीन जोशी

By डॉ.नवीन जोशी

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड' के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

Leave a Reply

You missed