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खुले में सीवर बहने पर आप मुखर, कांग्रेस बूथों के गठन को जुटी…

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पाषाण देवी मंदिर व नैनी झील के पास बह रही सीवर पर आम आदमी पार्टी मुखर
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मार्च 2021। नगर में कई स्थानों पर सीवर लाइनों के उफनने का सिलसिला जारी है। एक दिन पूर्व नगर के स्टाफ हाउस कंपाउंड क्षेत्र के सभासद सागर आर्य ने अपने क्षेत्र में सीवर लाइनों के उफनने पर जल संस्थान कार्यालय के बाहर धरना देने की चेतावनी दी थी। अब नगर के ठंडी सड़क क्षेत्र पर नगर के प्राचीन पाषाण देवी मंदिर के पास खुले में बह रही सीवर से तालाब बन गया है, और सीवर बगल में स्थित नैनी झील में रिसकर पहुंच रही है। इस पर आम आदमी पार्टी की नैनीताल इकाई के अध्यक्ष शाकिर अली ने आज उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय से दूरभाष पर बात कर सीवर लाइन को तुरंत सही करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यहां बीते दो-तीन दिन से डीएसबी परिसर की ओर से सीवर लाइन का गंदा पानी सीधे ठंडी सड़क में बह रहा है और नैनी झील में समा रहा है। इससे इस मार्ग पर चलने वाले राहगीरों और श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और सीवर का गंदा पानी सीधे झील को प्रदूषित कर रहा है। हालांकि बताया गया है कि अपराह्न में सीवर लाइन को दुरुस्त कर लिया गया है।

शुभान व देवेश कांग्रेस पार्टी के बूथ अध्यक्ष मनोनीत
नैनीताल। नगर में राज्य की प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी की ओर से वार्ड स्तर पर पार्टी को मजबूत प्रयास शुरू होते दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को नगर के शेर का डांडा वार्ड स्थित बिड़ला चुंगी में नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुपम कबडवाल की अध्यक्षता और नगर महामंत्री व वार्ड प्रभारी कैलाश अधिकारी के संचालन में बैठक हुई। बैठक में बूथ कमेटी संख्या 69 के अध्यक्ष शुभान अली व बूथ कमेटी संख्या 70 का अध्यक्ष देवेश कुमार को मनोनीत किया गया। बैठक में धीरज बिष्ट, धर्मा चंदेल, नगर सचिव अंकित चंद्रा, बंटू आर्या, सरस्वती देवी, कुमारी मुन्नी, शोभा देवी, कमला देवी, चेतना देवी, विद्या आर्या, मनीष कुमार, संदीप कुमार, पंकज कुमार, शिवा, अजय बिष्ट व अभिषेक तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2021। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नैनीताल आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। इस पर मुख्यमंत्री की फ्लीट गुजरने से करीब 15 मिनट पहले फ्लीट गुजरने के स्थान तक पहुंचे करीब 25 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तल्लीताल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अलबत्ता मुख्यमंत्री के शहर से लौटने के बाद सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद भी गाड़ी से काले झंडे लहराते कांग्रेस कार्यकर्ता।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही नगर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम कबडवाल ने प्रदेश में बेरोजगारी व महंगाई के बेतहाशा बढ़ने का आरोप लगाते हुए एवं नगर की पार्किंग समस्या, बढ़े हुए बिजली-पानी के बिलों, ऐतिहासिक रैमजे अस्पताल की कथित अनदेखी एवं जिला विकास प्राधिकरणों की अस्पष्ट स्थिति आदि को लेकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का ऐलान किया था। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के नगर में आगमन के प्रस्तावित समय साढ़े 11 बजे से करीब 15 मिनट पहले ही तल्लीताल बाजार स्थित क्रांति चौक पर एकत्र हुए और यहां से एकत्र होकर तल्लीताल डांठ पर पहुंचे, जहां उन्हें तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता की अगुवाई में एसआई दीपक बिष्ट सहित मौजूद भारी पुलिस बल ने पकड़कर गाड़ी में डाल दिया। गाड़ी से भी उन्होंने काले झंडे लहराए, अलबत्ता तब तक मुख्यमंत्री की फ्लीट वहां नहीं पहुंची थी। गिरफ्तार किए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नगर अध्यक्ष अनुपम कबडवाल के साथ ही त्रिभुवन फर्त्याल, गिरीश पपनै, हिमांशु पांडे, हेम आर्य आदि प्रमुख रहे। उधर हल्द्वानी में हेमंत साहू के नेतृत्व में बुध पार्क में नैनीताल में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया।

आम आदमी पार्टी ने बताया सीएम के दौरे को हवा-हवाई
नैनीताल। आम आदमी पार्टी की नैनीताल इकाई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के मंडल मुख्यालय नैनीताल के दौरे को हवा हवाई दौरा बताया है। पार्टी के नगर अध्यक्ष शाकिर अली, विधानसभा प्रभारी प्रदीप दुम्का, वरिष्ठ नेता देवेंद्र लाल व महामंत्री महेश आर्य आदि पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत ने जो घोषणाएं नैनीताल नगर के लिए की हैं, वह मात्र औपचारिकताएं है और चुनावी वर्ष को देखते हुए एक रस्म अदायगी भर हैं। साथ ही कहा कि शिलान्यास के पत्थर आम जनता को धोखे में रखने के लिए है, जिससे आम जनता भली भांति परिचित है।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 03 दिसम्बर 2020। दिल्ली में बृहस्पतिवार को उत्तराखण्ड पुलिस के एक आईएएस अधिकारी पूर्व चुनाव आयुक्त सुवर्धन शाह तथा 2005 बैच के एक आईपीएस अधिकारी पूर्व आईजी अंनतराम चौहान ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय भट्ट ने बताया कि अंनत राम चौहान व सुवर्धन शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली। भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में प्रबुद्ध लोग आम आदमी पार्टी का लगातार दमन थाम रहे हैं। भट्ट ने कहा कि जहां एक ओर भाजपा सरकार उत्तराखंड के शहीदों के सपनों को साकार करने में विफल रही, और उत्तराखण्ड में बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के मामलों में त्रिवेंद्र सरकार नाकाम साबित हुई। वहीं कांग्रेस आपस मे लड़-झगड़ कर गुटबाजी में लीन है। भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही उत्तराखंड और उत्तराखंड के लोगों के सरोकारों से कोई लेना देना नहीं रहा है। ऐसे में लोग विकल्प के रूप में आप पार्टी की ओर देख ही नहीं रहे बल्कि आप का दामन थाम रहे हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 2 नवम्बर 2020। उत्तराखंड में डा. हरक सिंह रावत बदलती राजनीति का दूसरा नाम हैं। शायद राज्य में हरक से अधिक किसी अन्य नेता ने दल बदले हों। 90 के दशक में भाजपाई रहे हरक पहले बसपा, फिर उत्तराखंड जन विकास पार्टी का गठन कर कांग्रेस में चले गए थे और इधर 2016 में वापस भाजपा में लौट आए। इधर उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चाओं के साथ उन्होंने अगला विधान सभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है तो कांग्रेस के एक धड़े ने उनके प्रति नरम और दूसरे से गरम संकेत दिए हैं। ऐसे में यदि आज की तिथि में राज्य के किसी राजनेता के बारे में अगले विधानसभा चुनावों को लेकर सर्वाधिक अनिश्चितता है तो वह हरक ही हैं। हरक अगले विधानसभा चुनाव मंे किस ओर होंगे, यह उत्तराखंड की राजनीति का सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है।
2016 में डा. हरक सिंह रावत की भाजपा में घरवापसी हुई है। इससे पहले नब्बे के दशक में वह भाजपा में थे, लेकिन वहां से निष्कासन के बाद बसपा से होते हुए वह कांग्रेस में चले गए थे। हरीश रावत सरकार में कांग्रेस से बगावत करते हुए हरक और अन्य तमाम नेता भाजपा में आए, लेकिन करीब पौने चार साल के दौरान भाजपा और मुख्यमंत्री के साथ वह अच्छे से पटरी नहीं बैठा पाए हैं। बहुत पहले से मुख्यमंत्री बनने की चाह रखने वाले हरक को भाजपा के घर में बहुत ‘फ्री हैंड’ नहीं मिल पाया है। श्रम विभाग के कर्मकार बोर्ड से जुडे़ ताजा प्रकरण ने हरक को एक के बाद एक कई झटके दिए हैं। आप के कार्यक्रम में साइकिलों के वितरण के मामले में हरक सिंह रावत के श्रम विभाग में जांच बैठा दी गई है। बोर्ड के पुनर्गठन के फैसले ने हरक सिंह रावत कैंप को बड़ा झटका दिया है। इन स्थितियों के बीच 2022 के विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ सवा साल का समय रह गया है। हरक की उलटफेर करने की राजनीति कई बार उत्तराखंड देख चुका है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहे हैं कि हरक ‘आप’ से कितने नजदीक और कितने दूर हैं। कांग्रेस में वापसी उनके लिए हरीश रावत के रहते बहुत कठिन है। उत्तराखंड के लिहाज से नई पार्टी में जाना, उसे संभालना मुश्किल लक्ष्य है, जिसका अनुभव हरक नब्बे के दशक में तब कर चुके हैं, जबकि वह बसपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उत्तराखंड जन विकास पार्टी का गठन करना भी उन्हें रास नहीं आया था। ऐसे में हरक सिंह रावत भाजपा में रहकर ही संघर्ष करेंगे या फिर जोखिम उठाएंगे, इस तरह के कई सारे सवाल हैं। वैसे हरक सिंह रावत के समर्थकों को लगता है कि दिल्ली की तरह उत्तराखंड में भी झाडू चलाई जा सकती है। इन स्थितियों के बीच हरक सिंह रावत से जितनी बार भी आप से जुडे़ सवाल हुए हैं, उन्होंने अटकल कहते हुए उन्हें खारिज ही किया है। हालांकि हरक की तुनकमिजाजी को जानने वालों की मानें तो वह 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व अपना नफा-नुकसान न देखकर कोई आत्मघाती राजनीतिक कदम भी उठा सकते हैं, परंतु फिर भी यदि उनसे राजनीतिक समझ की उम्मीद की जाए तो वह आगामी विधानसभा चुनाव का ठीक से आंकलन करने के बाद ही, और यह भांपने के बाद ही कि अगले चुनाव के बाद किस दल की सरकार आएगी, अपना कोई अगला राजनीतिक कदम उठाएंगे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 4 नवंबर 2019। उत्तराखंड की राजनीति क्या एक बार फिर नये मोड़ पर आ खड़ी हुई है ? प्रदेश के बहुचर्चित विधायकों की खरीद के स्टिंग प्रकरण में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले उनके पूर्व सहयोग काबीना मंत्री डा. हरक सिंह रावत अब याचिका वापस लेने का मन बनाने लगे हैं। उन्होंने कहा है, बदली राजनीतिक परिस्थितियों में अब उस याचिका का कोई औचित्य नहीं रह गया है। उनके इस एक लाइन के कथन से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस मामले में हरीश रावत के साथ स्वयं हरक के खिलाफ भी सीबीआई द्वारा गत 23 अक्तूबर को राज्य बनाम हरीश रावत का मुकदमा दर्ज कर लिये जाने के बाद क्या राज्य के राजनीतिक हालात किसी नये मोड़ पर आ खड़े हुए हैं, जहां खुद को घिरता देख हरक का भाजपा से भी मोहभंग हो गया है, और वे किसी नई राजनीतिक दिशा की ओर चलेंगे ? क्या सीबीआई द्वारा दर्ज मुकदमे पर हरक के याचिका वापस लेने का कोई प्रभाव पड़ेगा, या कि मुकदमा अपनी तरह से चलता रहेगा ? गौरतलब है कि इस मुकदमे को पहले ही हरीश रावत नियमविरुद्ध बताकर उच्च न्यायालय में चुनौती दे चुके हैं। और वैसे भी यह मुकदमा हरीश रावत के विरुद्ध पहले से चल रहे मामले के अंतिम निर्णय पर निर्भर रहने वाला है, जिसमें उच्च न्यायालय को तय करना है कि मार्च 2016 में प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के दौर में राज्यपाल द्वारा सीबीआई को मामले की जांच सोंपने और फिर डा. इंदिरा हृदयेश की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस जांच की जगह एसआईटी से जांच कराने के निर्णय में क्या सही और क्या गलत था। इन सभी प्रश्नों के उत्तर आगे भविष्य ही देगा।

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पत्रकार वार्ता करते सर्वजन स्वराज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डीके पाल, राजेश बनवाल व अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 अक्टूबर 2020। प्रदेश की नई राजनीतिक पार्टी एसएसपी यानी सर्वजन स्वराज पार्टी के वरिष्ठ महासचिव डीके पाल ने बुधवार को प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए बताया कि पार्टी अपने संगठन को तीव्र गति से बनाने के प्रयास में लगी है। अगले 30 के अंदर प्रदेश के सभी 13 जनपदों व 8 महानगरों में पूरा संगठन बनाने के साथ ही सभी विधानसभाओ में विधानसभा अध्यक्षों का मनोनयन जिलाध्यक्षों की संस्तुति पर कर लिया जाएगा। साथ ही इसके अगले 15 दिन के अंदर विधानसभा अध्यक्ष अपनी विधासभाओं की 16 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन कर लेंगे। वहीं अगले 60 दिनों के अंदर राज्य के समस्त 10670 बूथों पर बूथ अध्यक्ष व 10 सदस्यीय समिति का गठन करने का कार्य पूरा करेंगे।
इस अवसर डीके पाल ने बताया कि पार्टी राज्य के प्रधानों की मांग पर प्रधान संगठनों के साथ खड़ी है, और राज्य में सम्पूर्ण पंचायती कानून को पूर्णतः लागू करने की मांग करती है उन्होंने राज्य के आंदोलनकारियों की 3 माह से भी ज्यादा की पेंशन बकाया होने पर भी चिंता जताई। इस अवसर पर अनुज ठाकुर, सुनील उप्रेती, नवीन जोशी व आशीष कन्याल ने पार्टी की सदस्यता ली।

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-कहा-सरकारों के भ्रष्टाचार की हर हद तक पोल खोलेंगे

पत्रकार वार्ता करते सर्वजन स्वराज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डीके पाल, राजेश बनवाल व अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितंबर 2020। राज्य में नवगठित सर्वजन स्वराज पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पाटियों को एक-एक कर राज्य को लूटने वाले ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’ और प्रदेश की राजनीति में आ रही आम आदमी पार्टी को इन ‘मौसेरे भाइयों की मौसी’ करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डीके पाल ने कहा कि भाजपा-कांग्रेस अपनी सरकारों में भ्रष्टाचार करते हैं और दूसरी सरकारों के भ्रष्टाचारों की जांच कराने की बात कहती हैं, पर आज तक कोई जांच नतीजे तक नहीं पहुंचती। जबकि आप का पहाड़ से कोई सरोकार ही नहीं है। सर्वजन स्वराज पार्टी एक नए तरह का राजनीतिक विचार लेकर आई है। वह सरकारों के भ्रष्टाचार को सुप्रीम कोर्ट तक जाकर उजागर करेंगे। जल्द पार्टी सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों पर लगाम लगाने के लिए ‘शेडो मंत्रिमंडल’ की एवं 15-20 दिन के भीतर 11 सूत्रीय कार्यक्रमों की घोषणा भी करने जा रही है।
बृहस्पतिवार को नगर के मल्लीताल स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव-संगठन राजेश बनवाल ने कहा कि पार्टी जल्द ही जिलों, विधानसभाओं एवं बूथ स्तर तक अपने संगठन को स्थापित करने, तीन माह में एक लाख व 6 माह के अंदर पांच लाख सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए पार्टी दूसरी निष्क्रिय पार्टियों व संगठनों, राज्य के सेवानिवृत्त अधिकारियों को जोड़ने व उनके विचार लेने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी का गठन गत एक अगस्त को और एक सितंबर को पार्टी के देहरादून में मुख्यालय की स्थापना हुई है। जल्द हल्द्वानी में भी पार्टी के उप मुख्यालय की स्थापना होने जा रही है। पार्टी महासचिव पाल ने राज्य की पहली अंतरिम सरकार से लेकर 2017 तक की सभी सरकारों पर भ्रष्टाचार की इंतहा करने एवं वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री ही न होने जैसे आरोप भी लगाए। इस मौके पर पार्टी के प्रचार सचिव पूरन सिंह नेगी व राष्ट्रीय सह सचिव प्रताप सिंह करासी भी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अगस्त 2020। कांग्रेस नेता हेम आर्य ने बताया कि बेतालघाट क्षेत्र की रतोडा ग्राम सभा के वाशिंदों में रोड नहीं बनने पर उनके समक्ष भारी आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि वर्तमान विधायक संजीव आर्य ने तीन साल पहले रोड बनाने की घोषणा की थी, पर अभी तक इस पर किसी तरह का कोई भी काम नहीं किया है। इस कारण जनता में भारी आक्रोश दिख रहा है। इस पर हेम ने ग्राम वासियों से सड़क की मांग को जनांदोलन बनाने पर जोर देने को कहा।
वहीं विधायक संजीव आर्य ने बताया कि तिवारीगांव से रतौड़ा के दो किमी मार्ग के लिए स्क्रपर निर्माण तथा कच्चे भाग में डामरीकरण के लिए एक मई 2020 को 104.11 लाख रुपए का चेक भी कार्यदायी संस्था को दिया जा चुका है। बरसात के बाद नवंबर-दिसंबर में कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कुछ हिस्से कच्चे होने के बावजूद इस ग्रामीण मार्ग को राज्य मार्ग में बदला है। मौजूदा कार्यकाल में यह पहला राजमार्ग बन रहा है। इस पूरी 18 किमी सड़क में से 12 किमी का डामरीकरण पूरा कराया जा चुका है। शेष पांच किमी के हॉट मिक्स के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

यह भी पढ़ें : विपक्षी नेताओं ने बलूनी से लगायी बाहर फंसे लोगों को लाने के लिए गुहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अप्रैल 2020। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सहित उत्तराखंड के सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने प्रदेश व प्रदेश के बाहर लॉक डाउन में फँसे उत्तराखंडियों को वापस राज्य में लाने के लिए राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी से गुहार लगाई है। उनसे फोन पर बात करने के साथ ही पत्र के जरिये भी सहयोग की अपेक्षा की है। बलूनी को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि वे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात आदि विभिन्न प्रदेशों व विदेश में फंसे हुये उत्तराखंडियों के बारे में चिन्तित हैं। इनमें महिलायें, युवतियाँ, बच्चे, छात्र-छात्राएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। वे कोरोना महामारी के दौर में मानसिक वेदना के साथ-साथ अनेकों अन्य प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे है। साथ ही राज्य में फंसे अन्य प्रदेशों के लोगों को भी अपने घर जाने देने की अपील की गई है। प्रेस को जारी किये गये पत्र में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के साथ ही बच्चीराम कंसवाल, राजीव लोचन साह, प्रो. एसएन सचान, समर भंडारी, राकेश पंत, त्रेपन सिंह, राजेंद्र सिंह भंडारी, शंकर गोपाल, आनंद उपाध्याय, याकूब सिद्दीकी, अंशुल श्रीकुंज, सुरेंद्र रांगड़, मनोज खुल्बे, आशीर्वाद गोस्वामी, पंकज रतूड़ी, नेम चंद्र सोमवंशी आदि के नाम हैं।

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नगर पालिका परिषद कार्यालय में सांसद अजय भट्ट का पुष्पगुच्छ से स्वागत-अभिनंदन करते पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2020। देश की दूसरी सबसे पुरानी ऐतिहासिक नगर पालिका नैनीताल के सांसद सचिन नेगी ने रविवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट का अपने कार्यालय में पुष्पगुच्छ से स्वागत अभिनंदन किया। इसके उपरांत पालिकाध्यक्ष नेगी क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य के साथ चलने के आमंत्रण को स्वीकार कर सांसद व अन्य अन्य भाजपा नेताओं के साथ नगर की सबसे पुरानी धार्मिक सामाजिक संस्थाओं में शुमार श्रीराम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साथ एवं उत्तराखंड जल संस्थान के कर्मचारी नेता विजय साह की माता के देहावसान पर उनके घर श्रद्धांजलि देने भी साथ पहुंचे। इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
बताया गया है कि गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में हुए कार्यक्रम के उपरांत डीएसए के पैविलियन में चाय पीने के बाद सांसद अजय भट्ट, विधायक संजीव आर्य के आमंत्रण पर नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचे, जहां पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने पहली बार नगर पालिका कार्यालय में आगमन पर सांसद भट्ट का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया। गौरतलब है कि पालिकाध्यक्ष नेगी अपने कार्यालय के सामने ही ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में आयोजित हुए गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। इसके उपरांत विधायक संजीव ने पालिकाध्यक्ष नेगी से कहा, ‘आगे साथ चलना है; इसके बाद सभी लोग साथ आगे गए। भाजपा-कांग्रेस दो अलग दलों से होने के बावजूद बीते कुछ समय से ‘नगर हित में अच्छी समझ’ बनने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है अगले कुछ दिन में इस मुलाकात-अभिनंदन का प्रभाव सार्वजनिक तौर पर सामने आ सकता है।

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बृहस्पतिवार को बंशीधर भगत के साथ भाजपा प्रदेश मुख्यालय आते भाजपा के बागी नेता प्रमोद नैनवाल

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, देहरादून, 17 जनवरी 2020। उत्तराखंड की राजनीति इन दिनों बदलाव के दौर से गुजरती नजर आ रही है। खासकर सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से विदाई के तुरंत बाद जिस तरह के दो बडे संकेत नजर आ रहे हैं, उससे यह संकेत नजर आ रहा था कि अजय भट्ट को लेकर सरकार एवं संगठन में भारी नाराजगी थी। भट्ट के जाने के बाद ही सरकार ने अपने 10 नेताओं को राज्य मंत्री स्तर के दायित्व एवं 13 मंडी परिषदों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों की नियुक्ति की गई। दूसरे भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष बनते हुए बंशीधर भगत भाजपा के उन बागी नेता के साथ भाजपा जिला मुख्यालय पहुंचे, जिन्हें अजय भट्ट पिछले तीन सालों में दो बार पार्टी से 6 वर्ष के निष्कासित कर चुके हैं। एक बार उनके कुछ दिनों के लिए पद से अलग होते इन बागी नेता का 6 वर्ष का निष्कासन रद्द कर दिया गया था, और अब दूसरी बार भी ऐसा होना तय माना जा रहा है, बल्कि इस बात की भी पूरी संभावना है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में अजय भट्ट की परंपरागत रानीखेत विधानसभा से टिकट ही दे दिया जाए।
पहले बात राज्य में पौने तीन साल का वक्त बिता चुकी भाजपा सरकार द्वारा पहली बार बड़े स्तर पर दायित्वों के बंटवारे की। दायित्वों के बंटवारे की यह टाइमिंग केवल दो कारणों से ही हो सकती है। पहला अजय भट्ट के जाने के कारण और दूसरा भाजपा का झारखंड, महाराष्ट्र आदि राज्यों में मिली हार के कारण। बताया जा रहा है कि भट्ट अपनी पसंद के संगठन से जुड़े नेताओं को दायित्व दिलाना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार को लंबी-चौड़ी सूची काफी पहले थमाई भी थी, किंतु सरकार इसे टालती रही और उनके जाते ही इस सूची से बाहर के भी कुछ लोगों को दायित्व दे दिये गये। लेकिन यदि झारखंड, महाराष्ट्र आदि राज्यों में मिली हार के कारण अब दायित्व दिये गये हैं तो इसे सरकार के बैकफुट पर आने के रूप में देखा जा सकता है।
वहीं दूसरी गौर करने वाली बात भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की ताजपोशी के दौरान यह दिखी है कि वह पार्टी के बागी-छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित नेता प्रमोद नैनवाल के साथ पार्टी मुख्यालय में प्रवेश करते दिखे। प्रमोद नैनवाल अजय भट्ट से अदावत रखने वाले सबसे प्रमुख नेता रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में वे तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की परंपरागत रानीखेत सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। टिकट अजय भट्ट को मिला तो प्रमोद बागी होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए। खुद तो नहीं जीत पाए लेकिन अजय भट्ट की हार के प्रमुख कारण जरूर साबित हुए। वह भी तब, जब प्रदेश में भाजपा को 70 में से 57 सीटें जीतीं लेकिन खुद पार्टी का मुखिया चुनाव हार गया। ऐसी हिमाकत पर प्रमोद का पार्टी से निष्कासित होना तय ही था। अन्य बागी नेताओं के साथ उन्हें भी छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया, किंतु 2019 के लोक सभा चुनावों के दौरान जब अजय भट्ट नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए उतरे और चुनाव के दौरान के लिए उनकी जगह नरेश बंसल को भाजपा का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, प्रमोद नैनवाल का छह वर्ष का निष्कासन रद्द कर दिया गया। इसमें अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रमुख भूमिका बताई गई। स्वयं मुख्यमंत्री की ओर से अल्मोड़ा में इसकी घोषणा की गई। लेकिन प्रमोद हालिया त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में फिर बागी तेवर अपना बैठे। अपने परिवार की सदस्यों को बागी चुनाव में उतार दिया, फलस्वरूप भाजपा के घोषित प्रत्याशी चुनाव हारे। फलस्वरूप प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने दुबारा उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। लेकिन अब अजय भट्ट के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद जिस तरह उनकी नये प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के साथ प्रदेश मुख्यालय में इंट्री हो चुकी है, तो उनकी पार्टी में इंट्री भी अधिक कठिन नहीं होगी। साथ ही यह भी संभावना जताई जा रही है कि वे ही आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में अजय भट्ट की परंपरागत रानीखेत विधानसभा से पार्टी के प्रत्याशी होंगे।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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