नवीन समाचार, देहरादून, 5 मार्च 2026 (Uttarakhands Economic Survey)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Economic Survey 2025-26) सार्वजनिक किया गया है। नियोजन विभाग (Planning Department) के प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम (Dr R Meenakshi Sundaram) ने बताया कि वर्ष 2021-22 की तुलना में राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (Gross State Domestic Product-GSDP) में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गयी है। यह रिपोर्ट आगामी 9 मार्च से गैरसैंण (Gairsain) में प्रारम्भ होने वाले उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Legislative Assembly) के बजट सत्र (Budget Session) में सदन के पटल पर रखी जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, नवप्रवर्तन आधारित उद्यम (Startup), ऊर्जा उत्पादन, शिक्षा और आधारभूत संरचना सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे राज्य की आर्थिक दिशा और नीतिगत प्राथमिकताओं की स्पष्ट झलक मिलती है। आप यह संबंधित वीडिओ भी देखना चाहेंगे :
आर्थिक विकास के प्रमुख संकेतक सामने आये
नियोजन विभाग के अनुसार आर्थिक सर्वेक्षण केवल आँकड़ों का संकलन नहीं बल्कि राज्य की विकास दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक दस्तावेज भी होता है। इस वर्ष रिपोर्ट को अधिक वैज्ञानिक और तथ्यपरक बनाने के लिए राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (National Council of Applied Economic Research-NCAER) का सहयोग लिया गया। आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी पढ़ना चाहेंगे : नई मंजिलों की ओर उत्तराखंड, अर्थव्यवस्था 4 लाख करोड़ के नए रिकॉर्ड की ओर, बजट भी 1.10 लाख करोड़ के करीब
रिपोर्ट के प्रमुख आँकड़े इस प्रकार हैं–
वर्ष 2021-22 में राज्य की नाममात्र जीएसडीपी लगभग 2.54 लाख करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,81,880 करोड़ रुपये तक पहुँच गयी।
वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2025-26 में लगभग 7.23 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर दर्ज हुई।
प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2021-22 में 1.94 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,73,921 रुपये हो गयी।
गरीबी सूचकांक वर्ष 2022 में 9.70 था, जो वर्ष 2025 में घटकर 6.92 रह गया।
श्रम शक्ति सहभागिता दर वर्ष 2022 में 60.1 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गयी।
मानव विकास सूचकांक वर्ष 2022 में 0.718 था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 0.722 हो गया।
उद्योग, उद्यम और रोजगार में बढ़ोतरी
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (Micro Small and Medium Enterprises-MSME) के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है।
वर्ष 2022 में एमएसएमई इकाइयों की संख्या 59,798 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 79,394 हो गयी।
इन इकाइयों के माध्यम से वर्ष 2022 में 3,43,922 लोगों को रोजगार मिल रहा था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 4,56,605 हो गया।
बड़े उद्योगों की संख्या वर्ष 2022 में 107 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 128 हो गयी।
नवप्रवर्तन आधारित उद्यमों की संख्या वर्ष 2022 में 702 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 1,750 हो गयी।
आधारभूत संरचना में भी विस्तार
रिपोर्ट में आधारभूत संरचना के विस्तार का भी उल्लेख किया गया है।
वर्ष 2022 में प्रदेश में सड़कों की लंबाई 50,393 किलोमीटर थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 51,278 किलोमीटर हो गयी।
हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 7 हो गयी।
हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो गयी।
यह वृद्धि पर्वतीय क्षेत्रों में संपर्क, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के संकेत
शिक्षा के क्षेत्र में भी कई सकारात्मक परिवर्तन दर्ज किये गये हैं।
प्राथमिक विद्यालयों में सकल नामांकन अनुपात वर्ष 2022 में 91.19 प्रतिशत था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 103 प्रतिशत हो गया।
माध्यमिक विद्यालयों में यह अनुपात 88.23 प्रतिशत से बढ़कर 93.54 प्रतिशत हो गया।
प्राथमिक स्तर पर विद्यालय छोड़ने की दर 1.64 प्रतिशत से घटकर 1.41 प्रतिशत रह गयी।
माध्यमिक स्तर पर यह दर 7.65 प्रतिशत से घटकर 4.59 प्रतिशत रह गयी।
डिग्री महाविद्यालयों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गयी।
अभियांत्रिकी महाविद्यालयों की संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गयी।
ऊर्जा उत्पादन में बड़ा विस्तार
ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है।
वर्ष 2022 में 5,157 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होता था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट हो गया।
विद्युत खपत 12,518 मिलियन यूनिट से बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट हो गयी।
सौर ऊर्जा उत्पादन 439 मेगावाट से बढ़कर 1,027 मेगावाट तक पहुँच गया।
स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार स्वास्थ्य सूचकांकों में भी सुधार दर्ज किया गया है।
शिशु मृत्यु दर वर्ष 2022 में 22 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 20 हो गयी।
मातृ मृत्यु दर 103 से घटकर 91 हो गयी।
औसत जीवन प्रत्याशा 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गयी।
कृषि, दुग्ध और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि
रिपोर्ट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतक भी बेहतर दिखाई दिये हैं।
धान और गेहूँ का उत्पादन 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया।
औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती 900 हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 10,000 हेक्टेयर तक पहुँच गयी।
दुग्ध उत्पादन 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया।
मत्स्य उत्पादन 7,325 टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 10,487 टन प्रतिवर्ष हो गया।
पर्यटन क्षेत्र में बढ़ी गतिविधियाँ
पर्यटन से जुड़े आधारभूत ढाँचे में भी विस्तार हुआ है।
वर्ष 2022 में प्रदेश में होटलों की संख्या 8,225 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 10,509 हो गयी।
गृह आवास पर्यटन (Homestay) की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,061 हो गयी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह रिपोर्ट
आर्थिक सर्वेक्षण राज्य की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रगति और विकास की दिशा का समग्र चित्र प्रस्तुत करता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि आने वाले वर्षों में सरकार किन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकती है। आगामी बजट सत्र में इस रिपोर्ट के आधार पर नीतिगत निर्णय और विकास योजनाएँ निर्धारित होने की संभावना है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
