नवीन समाचार, देहरादून, 27 दिसंबर 2025 (BJP High Command on Ankita Case)। उत्तराखंड के देहरादून जनपद से जुड़ा अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हाल ही में अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो और ऑडियो ने न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इन वीडियो में कथित वीआईपी नामों और सत्ताधारी दल से जुड़े वरिष्ठ नेताओं पर लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि इससे सरकार, संगठन और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इन स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पूरे मामले राज्य इकाई से विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है। देखें संबंधित वीडिओ :
अंकिता भंडारी हत्याकांड और ताजा राजनीतिक घटनाक्रम : सोशल मीडिया वीडियो से मचा सियासी भूचाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सिलसिलेवार वीडियो अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उर्मिला अपने वीडियो में मामले की परतें खोलने का दावा कर रही हैं और कथित तौर पर वीआईपी नामों का उल्लेख कर रही हैं। इन दावों को लेकर आमजन सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। क्या ये आरोप तथ्यात्मक हैं या राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास। यही प्रश्न अब सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन गया है। देखें संबंधित वीडिओ :
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया
वायरल वीडियो के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर असहजता साफ नजर आ रही है। पहले प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया। इसके बाद प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर कहा कि उनके विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके खिलाफ कोई भी प्रमाणिक साक्ष्य सामने आता है तो वे राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने मानहानि और कानूनी कार्रवाई की बात भी कही।
राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता: रिपोर्ट तलब
प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक दबाव और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार राज्य इकाई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। पार्टी यह भी देख रही है कि न्यायालय द्वारा पहले दी गई सजाओं, जांच की स्थिति और मौजूदा आरोपों का संगठनात्मक छवि पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। माना जा रहा है कि इस प्रकरण का असर भविष्य में संगठनात्मक फेरबदल और रणनीति पर भी पड़ सकता है।
विपक्ष और जांच की मांग
दूसरी ओर कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। विपक्ष का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं भाजपा का तर्क है कि बिना प्रमाण आरोप लगाकर मीडिया ट्रायल किया जा रहा है, जिससे न केवल पार्टी बल्कि पीड़ित परिवार की पीड़ा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन रही है।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नोटिस जारी कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बहादराबाद थाना पुलिस ने वायरल ऑडियो के संबंध में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नोटिस जारी कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार यदि आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण हैं तो उन्हें विवेचना के दौरान प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। यह कदम इस बात का संकेत है कि प्रशासन कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की जांच आगे बढ़ाना चाहता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के संवेदनशील मामलों का प्रभाव पार्टी की रणनीति और जनमत पर पड़ सकता है। ऐसे में सभी दल बयानबाजी से अधिक तथ्यात्मक और कानूनी रास्ते पर जोर देते नजर आ रहे हैं।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (BJP High Command on Ankita Case) :
BJP High Command on Ankita Case, Ankita Bhandari Murder Case Update Uttarakhand, Urmila Sanawar Viral Video Controversy, BJP National Leadership Reaction Ankita Case, Political Fallout Of Ankita Bhandari Case, CBI Inquiry Demand Ankita Murder, Social Media Impact On Uttarakhand Politics, BJP Internal Review Ankita Case, Dehradun Political News Today, Uttarakhand Crime And Politics, Ankita Bhandari Case Latest Developments, Viral Audio Political Controversy India, BJP Organization Strategy Uttarakhand, Opposition Demand CBI Probe Uttarakhand, Law And Order Political Debate Uttarakhand, Uttarakhand Assembly Election Impact Issues, #UttarakhandNews #AnkitaBhandariCase #PoliticalNews #HindiNews #DehradunNews
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।













3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।