नवीन समाचार, देहरादून, 8 जनवरी 2026 (College Name on Ankita)। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद अंतर्गत श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र से जुड़ा यह समाचार राज्य के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में सामने आया है। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग (Medical Education Department) के अधीन संचालित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (Government Nursing College Dobh) का नाम स्वर्गीय अंकिता भंडारी (Late Ankita Bhandari) के नाम पर रखने का शासनादेश जारी किया है। इस निर्णय का सामाजिक और मानवीय प्रभाव यह है कि एक पीड़ित परिवार के दर्द और न्याय की अपेक्षा को सरकारी स्तर पर सम्मान मिला है, जिससे समाज में भरोसा और संवेदना का संदेश गया है।
शासनादेश का निर्णय और प्रशासनिक पृष्ठभूमि
राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नामकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के निर्देश पर किया गया। बृहस्पतिवार को शासन (State Government) ने इस संबंध में औपचारिक शासनादेश (Government Order) जारी किया। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर राजेश कुमार (Dr R Rajesh Kumar) ने कॉलेज के नाम परिवर्तन के आदेश निर्गत किए। प्रशासनिक स्तर पर यह प्रक्रिया सभी नियमों और विधिक प्रक्रियाओं के अनुसार पूरी की गई, ताकि भविष्य में इस निर्णय पर कोई तकनीकी या कानूनी प्रश्न न उठे। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों से जुड़ा यह नामकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों को न्याय, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री से परिजनों की मुलाकात और भावनात्मक पक्ष
बीते बुधवार को अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी (Virendra Bhandari) और माता सोनी देवी (Soni Devi) ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अपनी भावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और पूरे प्रकरण की सीबीआई (Central Bureau of Investigation) जांच कराए जाने का आग्रह भी रखा। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी आश्वासन के क्रम में अगले ही दिन नर्सिंग कॉलेज का नाम स्वर्गीय अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय सामने आया।
एसआईटी जांच और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से पूछताछ
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम में जांच की प्रक्रिया भी लगातार आगे बढ़ रही है। ‘वीआईपी’ नाम के अनावरण का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर (Urmila Sanawar) से विशेष जांच दल (Special Investigation Team) ने हरिद्वार में लगभग छह घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले देहरादून में भी उनसे लंबी पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ के बाद वह हरिद्वार से रवाना हो गईं। मीडिया (Media) से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी प्रश्नों के उत्तर दिए हैं और उपलब्ध साक्ष्य जांच टीम को सौंप दिए हैं। शेष साक्ष्य सुरेश राठौर (Suresh Rathore) और दुष्यंत गौतम (Dushyant Gautam) द्वारा दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।
विधिक पक्ष और अधिवक्ता का बयान
उर्मिला सनावर के अधिवक्ता अंकुश कुमार (Ankush Kumar) ने जांच प्रक्रिया को विधिसम्मत और सहज बताया। उन्होंने कहा कि पूछताछ पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रही है और उर्मिला जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। इंटरनेट मीडिया (Internet Media) और राजनीतिक गलियारों में गिरफ्तारी को लेकर चल रही अटकलों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि लगाए गए अधिकांश आरोप जमानती प्रकृति के हैं। अभी तक गिरफ्तारी जैसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है और जो भी साक्ष्य होंगे, वे सीधे जांच टीम को सौंपे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कानून सभी के लिए समान है और प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ
उच्च न्यायालय (High Court) से राहत मिलने के बाद करीब बारह दिन बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर (Suresh Rathore) गुरुवार को ज्वालापुर स्थित अपने आवास पहुंचे। मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें गोल्ज्यू देवता (Golju Devta) पर पूर्ण विश्वास है और न्याय मिलने तक वे भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने अभिनेत्री उर्मिला सनावर पर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया और सरकार पर भरोसा जताया। साथ ही उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित ऑडियो क्लिप को एआई अर्थात कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जनित बताया। उनका कहना था कि यदि किसी मामले में कोई दोषी छूट गया है, तो उसका निर्णय सरकार को करना है और सरकार जो भी फैसला करेगी, वह उचित होगा।
समग्र रूप से देखा जाए तो एक ओर सरकार का यह निर्णय शिक्षा और स्वास्थ्य नीति (Health and Education Policy) के माध्यम से सामाजिक संवेदना को सुदृढ़ करता है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियों की सक्रियता यह दर्शाती है कि न्यायिक प्रक्रिया अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में सीबीआई जांच की मांग और एसआईटी की रिपोर्ट इस पूरे प्रकरण की दिशा तय कर सकती है। क्या यह कदम समाज में भरोसा और न्याय की भावना को और मजबूत करेगा, यह प्रश्न भी स्वाभाविक रूप से उठता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














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