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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 फरवरी 2026 (Haldwani-Tiger Killed Woman)। नैनीताल (Nainital) जनपद के हल्द्वानी (Haldwani) क्षेत्र के मुखानी (Mukhani) थाना क्षेत्र अंतर्गत लामाचौड़ (Lamachaur) स्थित फतेहपुर रेंज (Fatehpur Range) में जंगल किनारे घास लेने गई एक महिला पर बाघ (Tiger) ने हमला कर दिया। बाघ महिला को जंगल में घसीट कर ले गया। पुलिस और वन विभाग (Forest Department) के संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान (Rescue Operation) के बाद लगभग तीन घंटे पश्चात महिला का शव घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर जंगल से बरामद किया गया। घटना से क्षेत्र में भय का वातावरण है और वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
घटना में मृत महिला की पहचान गंगा देवी (Ganga Devi) के रूप में हुई है, जो अपनी बहू और एक अन्य महिला के साथ प्रातः जंगल किनारे घास काटने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक बाघ ने गंगा देवी पर झपट्टा मारा और उन्हें जंगल की ओर खींच ले गया।

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Toggleघटना का विवरण और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
घास काटते समय अचानक हुआ हमला
प्रत्यक्षदर्शी हेमा देवी (Hema Devi) के अनुसार तीनों महिलाएं सुबह जंगल किनारे घास काट रही थीं। इसी दौरान बाघ अचानक गंगा देवी पर झपटा। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर और साहस दिखाते हुए बाघ को भगाने का प्रयास किया, किंतु वह महिला को जंगल की ओर घसीट कर ले गया।
हमले के बाद गंगा देवी की बहू पुष्पा (Pushpa) और हेमा देवी ने साहस दिखाते हुए उन्हें बचाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर बाघ कुछ समय के लिये पीछे हटा, जिसके बाद दोनों महिलाओं ने गंगा देवी को नीचे की ओर खींचने का प्रयास किया। इस दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। महिलाओं ने शव को पत्तों से ढककर ग्रामीणों को सूचना देने के लिये गांव की ओर रुख किया, किंतु इसी बीच बाघ शव को पुनः जंगल की ओर ले गया। घटना के बाद दोनों महिलाएं गहरे मानसिक आघात में हैं।
खोज अभियान के बाद जंगल से बरामद हुआ शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से जंगल में खोज अभियान चलाया। लगभग तीन घंटे की तलाश के बाद महिला का शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर जंगल में मिला। वन विभाग ने शव को अभिरक्षा में लेकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया प्रारम्भ की।
प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई
फतेहपुर रेंज के रेंजर प्रदीप कुमार असगोला (Pradeep Kumar Asgola) ने बताया कि क्षेत्र में वन्यजीव की गतिविधि बढ़ने के कारण गश्त तेज कर दी गई है तथा बाघ को पकड़ने के लिये पिंजरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से जंगल की ओर अकेले न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टीसी (Manjunath TC) ने बताया कि पुलिस ने वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई कर शव बरामद कर लिया है और शव परीक्षण सहित आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मानव–वन्यजीव संघर्ष और सामाजिक प्रभाव
पर्वतीय क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। जंगल से सटे क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की आजीविका अक्सर जंगल पर निर्भर होती है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। क्या वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है? इस घटना ने ग्रामीण सुरक्षा, वन प्रबंधन और जनजागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े किये हैं।
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Tags (Haldwani-Tiger Killed Woman) :
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।











3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।