उत्तराखंड में पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने पर नए वाहन के टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट, अधिसूचना लागू

नवीन समाचार, देहरादून, 5 जनवरी 2026 (Uttarakhand-New Scrap Policy)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद सहित पूरे राज्य के वाहन स्वामियों के लिए एक अहम राहत की घोषणा सामने आयी है। उत्तराखंड सरकार ने पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराकर उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 15 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक की छूट देने का निर्णय लागू कर दिया है। यह फैसला न केवल आम नागरिकों की जेब पर सीधा सकारात्मक असर डालेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य कैबिनेट के निर्णय का व्यापक संदर्भ
लंबे समय से तैयार हो रही थी योजना
उत्तराखंड सरकार के स्तर पर यह योजना लंबे समय से विचाराधीन थी। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है और यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में उत्तराखंड में वाहन पंजीकरण के समय वाहन के मूल्य के आधार पर कर वसूला जाता है, जिसमें दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग कर स्लैब निर्धारित हैं। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई वाहन स्वामी अपनी पुरानी गाड़ी को मान्यता प्राप्त स्क्रैप केंद्र में नष्ट कराता है और उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदता है, तो उसे मोटर वाहन कर में उल्लेखनीय छूट मिलेगी।
शर्तें और प्रक्रिया क्या होगी
इस योजना का लाभ लेने के लिए वाहन स्वामी को अपनी पुरानी गाड़ी किसी अधिकृत स्क्रैप केंद्र में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। स्क्रैप प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित केंद्र की ओर से एक प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर जब वाहन स्वामी नया वाहन खरीदेगा, तब पंजीकरण के समय कर में छूट दी जायेगी। यह छूट निजी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए अलग-अलग अवधि और शर्तों के अनुसार मान्य होगी।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर असर
प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम
सरकार का स्पष्ट मानना है कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहन धीरे-धीरे सड़कों से हटें और उनकी जगह नए, पर्यावरण के अनुकूल वाहन आयें। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और ईंधन की खपत में भी कमी आयेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर चल रही वाहन स्क्रैप नीति के अनुरूप है और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।
राज्य को मिलने वाले संभावित लाभ
इस निर्णय से राज्य को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन धनराशि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। साथ ही नए वाहनों की बिक्री बढ़ने से परिवहन क्षेत्र में गतिविधियां तेज होंगी, जिससे रोजगार और राजस्व दोनों में वृद्धि की संभावना जतायी जा रही है। आम नागरिकों के लिए यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नए वाहन की कुल लागत में प्रत्यक्ष बचत होगी।
मुख्यमंत्री का संदेश और आगे की दिशा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में देखा जा रहा है। सरकार का संकेत है कि भविष्य में परिवहन और पर्यावरण से जुड़ी अन्य योजनाओं पर भी इसी तरह व्यावहारिक और जनहितकारी फैसले लिये जा सकते हैं। क्या यह कदम लोगों को पुराने वाहन छोड़ने के लिए वास्तव में प्रेरित करेगा। आने वाले महीनों में इसका असर सड़कों और पंजीकरण आंकड़ों में स्पष्ट दिखेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।











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