नवीन समाचार, देहरादून, 30 जनवरी 2026 (Change in Ayushman Scheme)। उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) ने आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat–PMJAY) और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना (Atal Ayushman Uttarakhand Yojana) के संचालन में बड़ा नीतिगत परिवर्तन करते हुए मोतियाबिंद (Cataracts) के निःशुल्क उपचार को योजना से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही दोनों योजनाओं को अब पूर्णतः बीमा आधारित प्रणाली के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस बदलाव से लाखों लाभार्थियों, निजी व सरकारी चिकित्सालयों और संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना है।
सरकार के अनुसार, यह निर्णय योजनाओं में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और भुगतान व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग (Health Department, Uttarakhand) की ओर से आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है।
आयुष्मान योजनाओं में बदलाव का मुख्य संदर्भ
राज्य सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में विभिन्न प्रोत्साहन राशियों, अलग-अलग पैकेज दरों और ट्रस्ट मोड व्यवस्था के कारण भुगतान प्रणाली जटिल होती जा रही थी। इससे न केवल प्रशासनिक निगरानी कठिन हो रही थी, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं की आशंका भी बनी रहती थी।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के तहत राज्य पोषित अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में मोतियाबिंद (Cataract) सर्जरी को अब शामिल नहीं किया जाएगा। इसका सीधा प्रभाव उन वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ेगा, जो अब तक इस योजना के माध्यम से निःशुल्क नेत्र शल्य चिकित्सा करवा रहे थे। ऐसा क्यों किया गया, इस पर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। हालांकि, किडनी डायलिसिस जैसी जीवनरक्षक सेवाएं पूर्व की भांति निःशुल्क जारी रहेंगी।
कर्मचारी राज्य बीमा कार्ड धारक अब राज्य पोषित अटल आयुष्मान योजना के दायरे से बाहर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारी राज्य बीमा (ESI – Employees’ State Insurance) कार्ड धारकों को अब राज्य पोषित अटल आयुष्मान योजना के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इससे दोहरी स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को समाप्त करने और संसाधनों के समुचित उपयोग का प्रयास किया गया है।
निजी चिकित्सालयों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में भी कटौती
निजी चिकित्सालयों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में भी कटौती की गई है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में स्थित सूचीबद्ध (EHCP – Empanelled Health Care Provider) चिकित्सालयों को मिलने वाली दस प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि अब समाप्त कर दी गई है। इसी तरह पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर एंट्री लेवल एनएबीएच (NABH – National Accreditation Board for Hospitals) मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों को दिया जाने वाला अतिरिक्त लाभ भी बंद कर दिया गया है।
मल्टीपल इंसेंटिव व्यवस्था को समाप्त करते हुए शासनादेश में यह प्रावधान किया गया है कि अब केवल एक श्रेणी में अधिकतम अनुमन्य प्रोत्साहन ही देय होगा।
आयुष्मान योजनाओं का संचालन अब बीमा मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि आयुष्मान योजनाओं का संचालन अब बीमा मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके लिए बीमा कंपनियों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और शीघ्र ही अनुरोध प्रस्ताव (RFP – Request for Proposal) शासन को प्रस्तुत किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत (Dr. Dhan Singh Rawat) ने कहा कि योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा देना है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 56.95 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 17 लाख से अधिक मरीजों को निःशुल्क उपचार का लाभ मिला है। सत्तर वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त पांच लाख रुपये का व्यक्तिगत बीमा कवर भी दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव एक ओर जहां वित्तीय नियंत्रण को मजबूत करेगा, वहीं दूसरी ओर कुछ सामान्य उपचारों के लिए लाभार्थियों को वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ सकती है। ऐसे में यह प्रश्न भी उठता है कि क्या भविष्य में अन्य उपचारों को भी योजना से बाहर किया जाएगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
