EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें नवीन समाचार, विविध डेस्क, 15 अगस्त 2023। जीवन बीमा (Insurance) को हालांकि जीवन के न रहने पर एक तरह की क्षतिपूर्ति या सुरक्षा करने के लिए जाना जाता है, लेकिन जीवन बीमा की कई योजना निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं में से एक पॉजिसी है एलआईसी की जीवन लाभ पॉलिसी। जीवन लाभ पॉलिसी में सुरक्षा और बचत दोनों का फायदा मिलता है। इस योजना में निवेश करने से पॉलिसी के पूरा होने पर बड़ी धनराशि मिलती है। इस योजना के लिए 8077566792, 7017809084 व 7617647776 पर भी संपर्क कर सकते हैं। जीवन लाभ पॉलिसी लेने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 59 साल है। इस पॉलिसी के तहत बीमा धारक 10, 13 और 16 साल के लिए प्रीमियम जमा करने के विकल्प ले सकते हैं। ऐसे में यदि 59 साल का व्यक्ति 16 साल के लिए बीमा पॉलिसी चुनता है, तो उसे 75 साल की उम्र तक प्रीमियम देनी होगी। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में जीवन लाभ पॉलिसी लेता है, तो उसे प्रति माह 7,572 रुपये या प्रति दिन 252 रुपये का निवेश करना होता है। यानी सालाना 90,867 रुपये जमा होते हैं, व 20 वर्ष में करीब 20 लाख रुपये जमा करेंगे। लेकिन पॉलिसी की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद पॉलिसी धारक को 54 लाख रुपये की रकम मिलती है। बताया जाता है कि जीवन लाभ पॉलिसी एक तय प्रीमियम भुगतान और नॉन लिंक्ड योजना है। यह पॉलिसी धारक की मृत्यु की स्थिति में परिवार को वित्तीय सहायता भी देती है। इसके साथ ही अगर पॉलिसी धारक मैच्योरिटी तक जीवित रहता है तो उसे बड़ी धनराशि मिलती है। इस योजना के तहत निवेशक अपनी इच्छानुसार प्रीमियम की धनराशि और समय चुन सकता है। इस पॉलिसी पर मैच्योरिटी पर रिवर्सनरी बोनस और फाइनल एडिशनल बोनस का फायदा भी दिया जाता है। इसके अलावा इस पॉलिसी में अगर पॉलिसी अवधि के दौरान किसी कारण से पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी को इसका फायदा मिलता है। बीमा कंपनी बोनस के साथ-साथ नॉमिनी व्यक्ति को बीमा का फायदा देता है। डेथ बेनिफिट भी इस पॉलिसी का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट माना जाता है।आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : लीजिए एक ऐसी बीमा (Insurance) योजना, जिसमें 1 बार दीजिए किस्त और जीवन भर हर महीने पाइये पेंशनन्यू जीवन शांति प्लान की विशेषतायह भी पढ़ें : यह पॉलिसी (Insurance) लें, सिर्फ 41 रुपए प्रतिदिन की बचत पर लें 3300 रुपए प्रतिमाह की पेंशनयह है सालाना 40 हजार रुपए पाने का गणितयह भी पढ़ें : (Insurance) : कोरोना के नाम पर बीमा कंपनियों ने बदले बीमा पॉलिसी लेने और बीमा पॉलिसी पर ऋण के नियम सरेंडर वैल्यू का 90 प्रतिशत तक मिलता है ऋणक्या है सरेंडर वैल्यू?10-15 प्रतिशत तक देना होता है ब्याजबीमा पर ऋण लेने के लिए यह हैं जरूरी कागजातक्या है लाइफ इंश्योरेंस पर ऋणकिसे दिया जाता है बीमा पॉलिसी पर ऋणकोरोना हुआ है तो तीन माह बाद ले सकेंगे बीमा पॉलिसीकोविड फार्म भरना हुआ जरूरीअब बीमा पॉलिसी खरीदना मुश्किलबीमा कंपनियों ने बढ़ाया प्रीमियमLike this:Relatedयह भी पढ़ें : लीजिए एक ऐसी बीमा (Insurance) योजना, जिसमें 1 बार दीजिए किस्त और जीवन भर हर महीने पाइये पेंशननवीन समाचार, विविध डेस्क। देश की सबसे बड़ी बीमा (Insurance) कंपनी एलआईसी यानी भारतीय जीवन बीमा निगम हर उम्र एवं आय वर्ग के लिए योजनाएं लाती हैं। खासतौर पर एलआईसी के सेवानिवृत्ति प्लान यानी सेवानिवृत्ति पर लाभ देने वाली योजनाएं खासी लोकप्रिय हैं, जो बुढ़ापे में पेंशन की टेंशन को खत्म कर देती हैं।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। ऐसी ही एक योजना है एलआईसी जीवन शांति, जो सेवानिवृत्ति के बाद आपको पैसों की किल्लत से नहीं जूझने देगी। इस योजना में सिर्फ एक बार निवेश करने की जरूरत होती है। उल्लेखनीय है ऐसी ही योजनाएं एचडीएफसी, टाटा एआईए और बजाज एलियांस व आईसीआईसीआई प्रो व मैक्स लाइफ की भी आती हैं। इन योजनाओं के लिए 8077566792, 7017809084 व 7617647776 पर भी संपर्क कर सकते हैं। न्यू जीवन शांति प्लान की विशेषताभारतीय जीवन बीमा निगम की अनेक पेंशन योजनाओं में न्यू जीवन शांति योजना भी शामिल हैं। जो सेवानिवृत्ति के बाद जीवनभर पेंशन दिलवाने की गारंटी देती है। इसे लेते समय ही आप अपनी पेंशन तय कर सकते हैं। इसमें निवेश करने के बाद एक से पांच साल का ‘लॉक-इन पीरियड’ रहता है, जिसके बाद आपको हर महीने जीवन पर्यंत तय पेंशन मिलने लगती है।दो तरीके से खरीद सकते हैं प्लानइस योजना में निवेश की अधिकतम कोई सीमा निर्धारित नहीं है, हालांकि इस योजना को लेने के लिए न्यूनतम निवेश 1.5 लाख रुपये तय किया गया है। इस योजना के तहत आयुसीमा 30 साल से 79 साल निर्धारित है। यानी इस उम्र के बीच का कोई भी व्यक्ति इस योजना को खरीद सकता है। इस योजना को दो तरीकों में खरीदा जा सकता है। पहला डेफर्ड एन्युटी फॉर सिंगल लाइफ (Deferred Annuity for Single Life) है, जबकि दूसरा डेफर्ड एन्युटी फॉर जॉइंट लाइफ (Deferred Annuity for Joint Life) है।एन्युटी प्लान ऐसे करता हैंइस योजना के तहत पॉलिसीधारक को जीवनभर पेंशन मिलती रहती है, लेकिन अगर पॉलिसीधारक की किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है, और उसके पास डेफर्ड एन्युटी फॉर सिंगल लाइफ प्लान है, तो उसके खाते में जमा पैसा खाते में दर्ज नॉमिनी (छवउपदमम) को दे दिया जाता है। वहीं अगर व्यक्ति ने डेफर्ड एन्युटी फॉर जॉइंट लाइफ प्लान लिया हुआ है और किसी एक व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो फिर दूसरे को पेंशन की सुविधा दी जाती है। वहीं दोनों व्यक्ति की मृत्यु होने पर सारा पैसा नॉमिनी को दे दिया जाता है।पेंशन लेने के तरीके और सरेंडर की सुविधाएलआईसी के इस पेंशन प्लान को खरीदने के बाद आप कभी भी सरेंडर कर सकते हैं। इसके अलावा आप एक बार किए गए निवेश के बाद मनचाहे अंतराल पर पेंशन प्राप्त करने का विकल्प भी चुन सकते हैं। यानी आप चाहें को अपनी पेंशन हर महीने यानी तीन महीने, छह महीने या सालान एकमुश्त पेंशन लेने के विकल्प भी चुन सकते हैं।ऐसे मिलती ही महीनेवार पेंशनभारतीय जीवन बीमा निगम के इस सिंगल प्रीमियम प्लान यानी केवल एक बार किस्त देने वाली योजना के तहत आप अगर 1.5 लाख रुपये का न्यूनतम निवेश करते हैं, तो आपकी पेंशन 1,000 रुपये नियत हो जाती है। वहीं यदि आप 10 लाख का निवेश करते हैं, तो आपकी मासिक पेंशन 11,192 रुपये नियत हो जाएगी, जो जीवनभर मिलती रहेगी। कुल मिलाकर इस पॉलिसी को सेवानिवृत्ति प्लान के तौर पर लेना फायदे का सौदा साबित हो सकता है।आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : यह पॉलिसी (Insurance) लें, सिर्फ 41 रुपए प्रतिदिन की बचत पर लें 3300 रुपए प्रतिमाह की पेंशननवीन समाचार, विविध डेस्क, 29 जुलाई 2023। (Insurance) यदि आप भी भविष्य में पैसे को लेकर चिंतित हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की है। क्योंकि एलआईसी यानी लाइफ इंश्योरेंस कार्पोरेशन यानी भारतीय जीवन बीमा निगम आपको सिर्फ 41 रुपए की प्रतिदिन बचत पर 3300 रुपए प्रतिमाह पाने का अधिकारी बना सकता है।आपको बता दें कि एलआईसी ने यह पॉलिसी अल्प आय वाले निवेशकों के लिए डिजाइन की थी। जिससे जुड़कर आपको बुढ़ापे में पैसे की टेंशन खत्म हो सकती है। यही नहीं इस योजना से जुड़ने के बाद आपको कई अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलता है।यह है सालाना 40 हजार रुपए पाने का गणितउल्लेखनीय है एलआईसी ने जीवन उमंग पॉलिसी में उम्र की कोई समय-सीमा नहीं रखी है। यह पॉलिसी बच्चे के जन्म लेते ही ली जा सकती है और 25 वर्ष तक चलानी होती है। वहीं यदि कोई इसे 15 साल की उम्र के बच्चे के लिए लेता है तो उसे लगातार 25 साल यानी 40 साल की उम्र तक प्रीमियम भरना होगा। यदि आप कम से कम 2 लाख रुपए का इंश्योरेंस लेते हैं और 25 वर्ष तक चलाते हैं तो आपको सालाना 40 हजार या प्रतिमाह 3333 रुपए की पेंशन मिल सकती है। सभी पॉलिसी के तहत इस पॉलिसी में भी प्रतिमाह, प्रति तिमाही, प्रति छमाही व सालाना किस्त भरने के विकल्प भी मिलते है।(डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : (Insurance) : कोरोना के नाम पर बीमा कंपनियों ने बदले बीमा पॉलिसी लेने और बीमा पॉलिसी पर ऋण के नियम नवीन समाचार, बिजनेस डेस्क, 8 मई 2023। अगर आपके पास जीवन बीमा (Insurence) की पॉलिसी है और आपको पैसों की जरूरत है तो आप उस पर ऋण ले सकते हैं। पॉलिसी पर व्यक्तिगत ऋण की तुलना पर आसानी से और कम ब्याज पर ऋण मिलता है। यह ऋण आप बैंक या नॉन-बैकिंग वित्तीय संस्थाओं-एनबीएफसी के जरिए ले सकते हैं। इस बारे में हम यहां आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं।(Insurance) इधर इस विषय में एक नई अपडेट यह है कि अब जीवन बीमा पर लिए गए ऋणों की किस्तों का भुगतान किया जा सकेगा। आईआरडीएआई यानी बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने इस पर रोक लगा दी है। इसके पीछे तर्क है कि क्रेडिट कार्ड से ऋण का री-पेमेंट यानी भुगमान करने पर उपभोक्ताओं को एक महीने का समय मिल जाता है। इसमें उन्हें ब्याज रहित ऋण तो मिल जाता है, लेकिन अगर वह क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान समय से नहीं कर पाए तो उन्हें बहुत अधिक ब्याज चुकाना पड़ता है। यानी वो फिर से एक कर्ज के जंजाल में फंस जाते हैं।हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस तरह से कुछ लोग अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आईआरडीएआई शायद नहीं चाहता कि उपभोक्ता इसका लाभ लें। अन्यथा उन्हें तो अपने ऋणों के भुगतान से मतलब होना चाहिए। उन्हें इससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए कि भुगतान कहां से किया जाता है। सवाल जुड़ता है कि यदि कोई व्यक्ति अधिक महंगे निजी ऋण लेकर यदि बीमा पॉलिसी पर लिए गए ऋण की किस्तों का भुगतान करता है तो क्या आईआरडीएआई ऐसे ऋण लेने पर भी रोक लगा सकता है या रोक लगाने पर विचार कर सकता है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2022 में पीएफआरटीए यानी पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण ने भी नेशनल पेंशन सिस्टम टियर 2 खातों में सदस्यता और योगदान के लिए क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करना बंद करने की घोषणा की थी।सरेंडर वैल्यू का 90 प्रतिशत तक मिलता है ऋणऋण की धनराशि पॉलिसी के प्रकार और उसकी सरेंडर वैल्यू यानी आखिर में मिलते वाली धनराशि पर निर्भर करती है। आमतौर पर मनी बैक, एंडॉमेंट पॉलिसी और यूलिप जैसी पारंपरिक बीमा योजनाओं में ऋण की राशि पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू की 80 से 90 प्रतिशत तक हो सकती है। जबकि जिन पॉलिसी में बीमा के साथ निवेश का भी हिस्सा होता है। उनमें कोई सरेंडर वैल्यू नहीं होती। वहीं, एंडावमेंट, मनीबैक और यूलिप जैसे पारंपरिक प्लान्स में सरेंडर वैल्यू होती है।क्या है सरेंडर वैल्यू?लाइफ इंश्योरेंस के मामले में पूरी अवधि तक चलाने से पहले पॉलिसी सरेंडर करने पर आपको प्रीमियम के तौर पर चुकाई गई रकम का कुछ हिस्सा वापस मिल जाता है। इसमें कुछ धनराशि काट ली जाती है। यही धनराशि सरेंडर वैल्यू कहलाती है।10-15 प्रतिशत तक देना होता है ब्याजइंश्योरेंस पॉलिसी पर ब्याज दर प्रीमियम की धनराशि और भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या पर निर्भर करती है। प्रीमियम और प्रीमियम की संख्या जितनी अधिक होगी, ब्याज दर उतनी ही कम होगी। जीवन बीमा पर ऋण की ब्याज दर 10 से 15 प्रतिशत के बीच होती है।बीमा पर ऋण लेने के लिए यह हैं जरूरी कागजातलाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर ऋण के जिए आवेदन पत्र के साथ आपको जीवन बीमा पॉलिसी के सभी जरूरी वास्तविक कागजात तथा एक निरस्त किया गया चेक जमा करना होगा। क्या है लाइफ इंश्योरेंस पर ऋण लाइफ इंश्योरेंस पॉलिस पर लिया गया ऋण अन्य ऋण की तुलना में अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें किसी और संपत्तियों की आवश्यकता नहीं होती है. आप अपने पॉलिसी को गिरवी रखकर ऋण ले सकते हैं. पर्सनल ऋण और क्रेडिट ऋण की तुलना में यह एक अच्छा विकल्प है. इसका ब्याज अलग-अलग पॉलिसी पर अलग-अलग हो सकता है.किसे दिया जाता है बीमा पॉलिसी पर ऋण अगर आपने पॉलिसी खरीदी है तो आप इस पॉलिसी पर ऋण ले सकते हैं. ऋण लेने के लिए आपकी उम्र 18 साल कम से कम होनी चाहिए. यह ऋण सिर्फ पॉलिसी खरीदने वाले उपभोक्ताओं के नाम पर ही जारी किया जा सकता है। कोई और इस पॉलिसी का लाभ नहीं ले सकता है।कोरोना हुआ है तो तीन माह बाद ले सकेंगे बीमा पॉलिसीकोरोना ही हालिया विकट परिस्थितियों में एक नया नियम यह भी लागू हुआ कि यदि किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है तो उसे नई बीमा पॉलिसी लेने के लिए स्वस्थ होने के बाद कम से कम तीन महीने का इंतजार करना होगा। कोरोना संक्रमण से उबरने के तीन माह तक किसी भी व्यक्ति को कोई बीमा पॉलिसी नहीं मिल पाएगी।माना जा रहा है कि यह नया नियम कोविड की चपेट में आ चुके लोगों की घटी जीवन प्रत्याशा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि कोरोना से पिछले 3 सालों में देश में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है और जीवन बीमा कंपनियों के पास भारी संख्या में मृत्यु के क्लेम आए हैं। इस कारण जीवन बीमा कंपनियों का खर्च भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसी कारण जीवन बीमा कंपनियां 3 महीने के वेटिंग पीरियड वाला नियम लेकर आई हैं। कहा जा रहा है कि कोरोना की चपेट में आया व्यक्ति लगभग 3 महीने के बाद संक्रमण के असर से पूरी तरह मुक्त हो पाता है। इसलिए यह अवधि ‘वेटिंग पीरियय’ के रूप में रखी गई है। कोविड फार्म भरना हुआ जरूरीअब कोई भी जीवन बीमा पॉलिसी लेने से पहले लोगों को अनिवार्य रूप से एक कोविड फॉर्म भी भरना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें अन्य चीजों के अलावा यह भी पूछा जा रहा है कि क्या आपको पिछले 90 दिनों में वे कोविड से प्रभावित हुए हैं या नहीं। इसके आधार पर संक्रमण के परीक्षण के परिणाम भी मांगे जाते हैं।अब बीमा पॉलिसी खरीदना मुश्किलएक वरिष्ठ इंश्योरेंस विशेषज्ञों के अनुसार कोविड प्रभावित लोगों के लिए बीमा पॉलिसी खरीदना अब मुश्किल हो गया है। कोरोना से पहले 40 साल के लोगों को आसानी से 25 करोड़ रुपए का रिस्क कवर मिल जाता था, लेकिन अब 10 करोड़ रुपए का ही रिस्क कवर मिल रहा है। 50 साल के लोगों के लिए तो यह कवर और भी कम हो गया है। 50 साल के लोगों को रिस्क कवर लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बीमा कंपनियों ने बढ़ाया प्रीमियमरिस्क कवर घटाने के साथ बीमा कंपनियों ने कोरोना महामारी के बाद लाइफ , हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़े नियमों में कई बदलाव करने के साथ सभी तरह के प्लानों पर प्रीमियम को बढ़ा दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण बीमा कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की कई कंपनियां अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के दावों की समीक्षा कर रही हैं और अपना प्रीमियम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी अपनी कुछ पॉलिसियों पर प्रीमियम 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने की सोच रही है। साथ ही कई बीमा कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ा दिया है। इसके अलावा स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी स्टार हेल्थ इंश्योरेंस भी कुछ पॉलिसी महंगी करने पर विचार कर रही है।हालांकि बीमा कंपनियां को विश्वास है कि इन शर्तों से इंश्योरेंस की मांग में कोई कमी नहीं आएगी। जानकारों का कहना है कि कोविड से सभी लोग प्रभावित नहीं हुए हैं और कुछ दिनों के इंतजार के बाद टर्म प्लान खरीदा जा सकता है। बाजार बड़ा है और अवसर बड़े हैं, इसलिए मांग पर इतना असर नहीं पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान कोविड महामारी के के दौरान बीमा कंपनियों के डेथ क्लेम में 73.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। IRDA के मुताबिक, बीमाकर्ताओं ने 2021-22 के दौरान 15.87 लाख पॉलिसियों से जुड़े 45,817 करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान किया है। इनमें से 17,269 करोड़ रुपये के क्लेम कोविड से हुई मौतों के कारण दिया गया था। आईआरडीए ने बीमाकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सूचीबद्ध अस्पतालों को कोविड अस्पताल में भर्ती होने के लिए राशि जमा करने से रोक दें क्योंकि कुछ अस्पताल कैशलेस पॉलिसी होने के बावजूद कोविड उपचार के लिए जमा राशि मांग रहे थे। इसके साथ ही बीमाकर्ताओं ने नियामक से ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को लेकर धोखाधड़ी के मामलों की शिकायत की है।(डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X 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