हरीश रावत ने दोहराया 2027 में चुनाव न लड़ने का फैसला। मंदिरों में न्याय की गुहार, और बीजेपी पर डेमोग्राफी बदलाव का आरोप।
लेकिन क्या कांग्रेस की रणनीति में अब आएगा बड़ा बदलाव?
2022 का चुनाव क्यों बना हरीश रावत के जीवन का पछतावा?
अब मंदिरों से न्याय माँगने निकले हैं पूर्व मुख्यमंत्री — लेकिन किसके खिलाफ?
👉 क्या 2027 में कांग्रेस की रणनीति बदलने वाले हैं रावत?
👉 ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ वादे से जुड़े झूठ पर क्या बोले?
👉 और भाजपा पर क्यों लगाए ‘झूठ, लूट और फूट’ के आरोप?
🔗 [पूरी कहानी पढ़ें — बेहद दिलचस्प मोड़ के साथ]
“Not Again!” — Harish Rawat admits his biggest political mistake
Why does the ex-CM regret contesting the 2022 elections?
From temples to town halls—what is he trying to fix before 2027?
🗣️ Says BJP thriving on ‘lies, loot & divide’
📜 Denies any promise of a Muslim University—offers to give up property if proven!
⚖️ Now on a mission to test public sentiment & revive Congress from ground up
🔗 [Full interview insights here]
राजनीति की सबसे बड़ी ‘भूल’ — हरीश रावत ने फिर कबूल किया सच!
हरीश रावत ने दोहराया 2027 में चुनाव न लड़ने का फैसला। मंदिरों में न्याय की गुहार, और बीजेपी पर डेमोग्राफी बदलाव का आरोप।
लेकिन क्या कांग्रेस की रणनीति में अब आएगा बड़ा बदलाव?
2022 का चुनाव क्यों बना हरीश रावत के जीवन का पछतावा?
अब मंदिरों से न्याय माँगने निकले हैं पूर्व मुख्यमंत्री — लेकिन किसके खिलाफ?
👉 क्या 2027 में कांग्रेस की रणनीति बदलने वाले हैं रावत?
👉 ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ वादे से जुड़े झूठ पर क्या बोले?
👉 और भाजपा पर क्यों लगाए ‘झूठ, लूट और फूट’ के आरोप?
🔗 [पूरी कहानी पढ़ें — बेहद दिलचस्प मोड़ के साथ]
“Contesting in 2022 was my biggest mistake…”
Harish Rawat confirms he won’t fight in 2027, roams temples seeking justice, blames BJP for demographic change.
But is the Congress gearing up for a major strategic shift?
