नवीन समाचार, देहरादून, 9 मार्च 2025 (Charge sheet filed against former DGP BS Siddhu)। उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बीएस सिद्धू के विरुद्ध वन भूमि कब्जाने के मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले में उनके साथ तत्कालीन अपर तहसीलदार शुजाउद्दीन सिद्दीकी को भी सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोप में आरोपित बनाया गया है। दिलचस्प यह है कि इस मामले में जिसने 2013 में मुकदमा दर्ज कराया था, वही बाद में आरोपित निकला।
12 साल तक खिंचा मामला, 22 विवेचक बदले

पुलिस व संबंधितों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून के राजपुर स्थित मौजा वीरगिरवाली में वन भूमि कब्जाने के मामले में अक्टूबर 2022 में मसूरी वन प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ आशुतोष सिंह ने राजपुर थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया गया कि कुछ अधिकारियों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर वन भूमि का अतिक्रमण कर उसे अपने नाम दर्ज करा लिया।
इससे पहले, वर्ष 2013 में इसी मामले में नत्थूराम निवासी ग्राम रोहटा, मेरठ ने शिकायत दी थी, जिसमें पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू सहित दीपक शर्मा, सुभाष शर्मा, स्मिता दीक्षित, चमन सिंह व प्रभुदयाल के नाम शामिल थे। जांच में खुलासा हुआ कि पूर्व डीजीपी सिद्धू ने इन लोगों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वन भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी।
हालांकि, 12 साल तक इस केस की विवेचना लटकी रही। वर्ष 2013 में मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई। पूर्व डीजीपी सिद्धू प्रभावशाली पद पर थे, जिसके चलते कोई भी विवेचक इस मामले को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ा सका। इस दौरान 22 विवेचक बदले गए।
शिकायतकर्ता ही बन गया आरोपित
वर्ष 2013 में नत्थूराम ने मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि उसने भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह जमीन किसी और को बेच दी थी। इस कारण जब पैरवी करने वाला कोई नहीं बचा, तो वर्ष 2022 में तत्कालीन डीएफओ आशुतोष सिंह ने नया मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद ही पुलिस विभाग हरकत में आया और एसआइटी का गठन किया गया।
एसआइटी ने अप्रैल 2024 में दाखिल किया आरोप पत्र
वर्ष 2023 में आईपीएस अधिकारी सर्वेश पंवार की देखरेख में बनी एसआइटी ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के उपरांत पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू, नत्थूराम, दीपक शर्मा, स्मिता दीक्षित, सुभाष शर्मा व अन्य के विरुद्ध अप्रैल 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसके बाद अब 2022 में दर्ज मुकदमे में पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू व तत्कालीन अपर तहसीलदार शुजाउद्दीन सिद्दीकी के विरुद्ध भी सरकारी पद के दुरुपयोग की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी जांच नहीं बढ़ी (Charge sheet filed against former DGP BS Siddhu)
पूर्व डीजीपी सिद्धू वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन इसके बावजूद भी विवेचना आगे नहीं बढ़ सकी। वर्ष 2022 में जब डीएफओ ने नया मुकदमा दर्ज कराया, तब जाकर पुलिस विभाग सक्रिय हुआ और एसआइटी ने दो अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किए। (Charge sheet filed against former DGP BS Siddhu)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
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