चिंता की बात यह है कि इस प्रयास में अभ्यर्थियों के माता-पिता के भी साथ देने की बात सामने आयी है। सेना भर्ती अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लंबाई को लेकर संदेह होने पर दोबारा माप लिया जाता है और लंबे बालों के कारण संदेह होने पर अभ्यर्थियों को बाल कटवाकर लौटने के लिए समय दिया जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुड़की स्थित बंगाल इंजीनियर समूह एवं केंद्र (बीईजी) के पवेलियन मैदान में 5 से 23 अक्टूबर तक भर्ती रैली आयोजित की जा रही है। भर्ती वर्ष 2027 के लिए हो रही इस प्रक्रिया में वही अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं जिन्होंने 1 से 12 जून 2026 के बीच आयोजित ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) उत्तीर्ण की है। इसमें उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के सातों जनपदों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में भाग ले रहे हैं।लंबाई की शर्त पूरी करने के लिए अपनाया जा रहा खतरनाक तरीका
कुछ अभ्यर्थियों के सिर पर डंडे मारकर सूजन पैदा करने की जानकारी सामने आयी है। बताया जा रहा है कि सिर पर उभरी सूजन के कारण माप के समय लंबाई अधिक दिखने की उम्मीद में ऐसा किया जा रहा है। चोट के निशान या सूजन को छिपाने के लिए नींबू रगड़ने की बात भी सामने आयी है। हालांकि इस तरीके से निर्धारित लंबाई की पात्रता पूरी होने की कोई गारंटी नहीं है। इसके विपरीत सिर पर चोट मारने से गंभीर शारीरिक नुकसान हो सकता है।
इस मामले में उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश के कुछ अभ्यर्थियों के भी शामिल होने की जानकारी दी गयी है। कितने अभ्यर्थियों ने ऐसा किया, इसकी आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी है। अभ्यर्थियों के माता-पिता की भूमिका को लेकर भी सामने आयी जानकारी की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
संदेह होने पर दोबारा माप रहे सेना के अधिकारी
सेना भर्ती कार्यालय लैंसडाउन के निदेशक कर्नल रंजीत सिंह पवार के अनुसार अभ्यर्थियों की लंबाई को लेकर थोड़ा भी संदेह होने पर दोबारा माप लिया जाता है। लंबे बाल रखने वाले अभ्यर्थियों को बाल छोटे करवाकर वापस आने के लिए लगभग दो से ढाई घंटे का समय दिया जाता है। इसके बाद उनकी लंबाई की फिर से जांच की जाती है।
भर्ती के दौरान सेना के अधिकारी अभ्यर्थियों की लंबाई मापने के साथ उसका रिकॉर्ड भी दर्ज कर रहे हैं। ऐसे में शारीरिक माप में किसी प्रकार की अनियमितता या कृत्रिम तरीके से लंबाई बढ़ाने का प्रयास अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
23 अक्टूबर तक चलेगी भर्ती रैली, गढ़वाल के सात जनपदों का कार्यक्रम
रुड़की के पवेलियन मैदान में 5 अक्टूबर से शुरू हुई भर्ती रैली 23 अक्टूबर तक चलेगी। इसका कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है।
- 5 अक्टूबर को उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अभ्यर्थियों की अग्निवीर लिपिक एवं स्टोर कीपर तकनीकी श्रेणी की भर्ती आयोजित हुई।
- 6 से 12 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के अयोध्या, मेरठ, आगरा, लखनऊ और वाराणसी क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की इसी श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया निर्धारित थी।
- 13 और 14 अक्टूबर को उत्तरकाशी और चमोली के अभ्यर्थियों की भर्ती निर्धारित है।
- 15 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल, 16 और 17 अक्टूबर को पौड़ी गढ़वाल तथा 18 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग और देहरादून के अभ्यर्थियों की भर्ती होनी है।
- 19 अक्टूबर को देहरादून और हरिद्वार के अभ्यर्थियों की भर्ती निर्धारित है।
- 20 अक्टूबर को गढ़वाल मंडल के सातों जनपदों के अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर तकनीकी और ट्रेड्समैन की भर्ती होगी। इसमें आठवीं और दसवीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की श्रेणियां शामिल हैं।
भर्ती वर्ष 2027 की इस प्रक्रिया में केवल ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भाग ले सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भर्ती का परिणाम नवंबर से दिसंबर के बीच आने की संभावना बतायी गयी है।
निर्धारित मानकों के अनुसार चयन ही सफलता का आधार
अग्निवीर भर्ती युवाओं के लिए सेना में सेवा करने का अवसर है। इसमें शारीरिक मापदंडों को पूरा करना चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्धारित लंबाई पूरी नहीं होने की आशंका से अपने शरीर को चोट पहुंचाना न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि इससे चयन की पात्रता सुनिश्चित भी नहीं होती।
अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को यह समझने की आवश्यकता है कि भर्ती में सफलता किसी अस्थायी सूजन या बाहरी बदलाव से नहीं, बल्कि निर्धारित मानकों और पूरी चयन प्रक्रिया को पूरा करने से मिलती है। सिर पर चोट मारने से गंभीर चोट, रक्तस्राव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी स्थिति में इस तरह का प्रयास नहीं करना चाहिए।
सेना की ओर से अभ्यर्थियों को दलालों, बिचौलियों और चयन कराने के नाम पर दिये जाने वाले भ्रामक आश्वासनों से दूर रहने की सलाह दी गयी है। भर्ती प्रक्रिया को योग्यता और निर्धारित नियमों के आधार पर पूरा किया जाता है।
रुड़की में सामने आया यह मामला युवाओं पर भर्ती में सफल होने के दबाव और शारीरिक पात्रता को लेकर उनकी चिंता की ओर भी ध्यान दिलाता है। अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक है कि वे अपनी तैयारी, शारीरिक क्षमता और आधिकारिक निर्देशों पर ध्यान दें, न कि जान जोखिम में डालने वाले तरीकों पर। क्या भर्ती की तैयारी के दौरान युवाओं को शारीरिक मापदंडों और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में पर्याप्त जानकारी मिल रही है?
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
