EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2025 (Khurshids advocacy did not work for Abdul Malik)। हल्द्वानी के वनभूलपुरा में 8 फरवरी 2024 को हुई बहुचर्चित हिंसा के मुख्य आरोपित अब्दुल मलिक की सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता की पैरवी के बावजूद जेल से बाहर निकलने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंदर और वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने उसकी जमानत याचिका रद्द कर दी है और उसे निचली अदालत में जमानत के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है और निचली अदालत को आरोप पत्र और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन कर निर्णय लेने के लिए कहा है।मामले का विवरण 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम पर अतिक्रमणकारियों और अन्य लोगों ने पथराव, आगजनी और गोलीबारी की थी। हिंसा के दौरान दंगाइयों ने कई वाहनों सहित थाने को भी घेरकर गोलीबारी की, जिसमें कई लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक लोग घायल हुए।जांच और गिरफ्तारीपुलिस ने हिंसा के बाद व्यापक जांच की, जिसके दौरान 100 से अधिक दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया। इन्हीं में अब्दुल मलिक को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब्दुल मलिक पर दंगा भड़काने और दंगाइयों का सहयोग करने के आरोप लगाए। जमानत याचिका पर तर्क जमानत प्रार्थना पत्र में अब्दुल मलिक की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कॉंग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पैरवी करते हुए दावा किया कि घटना के समय वह दिल्ली में मौजूद था और उसे गलत तरीके से फंसाया गया। यह भी तर्क दिया कि जब उसने अपराध किया ही नहीं, तो उसके विरुद्ध झूठा अभियोग क्यों दर्ज किया गया। अब्दुल मलिक ने यह भी बताया कि अतिक्रमण के मामले में उसे पहले ही उच्च न्यायालय की एकलपीठ से जमानत मिल चुकी है।यह भी पढ़ें : राहत का समाचार : जंगली जानवरों के हमले में घायल व्यक्तियों के इलाज पर उत्तराखंड सरकार उठाएगी ₹15 लाख तक खर्च, शासनादेश जल्दन्यायालय का निर्णय (Khurshids advocacy did not work for Abdul Malik)खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि निचली अदालत चार्जशीट और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण करके उचित निर्णय ले। खंडपीठ ने अब्दुल मलिक की याचिका खारिज कर दी, जिससे उसे निचली अदालत में पुनः जमानत के लिए आवेदन करना होगा। न्यायालय के इस निर्णय ने हिंसा से जुड़े गंभीर मामलों में साक्ष्य और जांच की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। (Khurshids advocacy did not work for Abdul Malik)आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे थ्रेड्स चैनल से, व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, टेलीग्राम से, एक्स से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..। ‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। (Khurshids advocacy did not work for Abdul Malik, Nainital News, Haldwani Violence, Court News, Court Order, Uttarakhand High Court, Nainital High Court, Abdul Malik, Haldwani Violence, Vannbhulpura, Bail Petition, Salman Khurshid, Uttarakhand News, Senior Supreme Court advocate Salman Khurshid’s advocacy did not work for Abdul Malik, Main accused in the Haldwani Violence,)यह भी पढ़ें : किसान सुखवंत सिंह प्रकरण में उधम सिंह नगर पुलिस पर बड़ी कार्रवाई, आईटीआई कोतवाली प्रभारी सहित 2 उप निरीक्षक निलंबित और 10 पुलिसकर्मी लाइन हाजिरShare this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationमहाकुंभ के लिए प्रयागराज जा रही स्पेशल ट्रेन : यहां देखें पूरी जानकारी… रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध अभियोग दर्ज, जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा, पत्रकारिता के अनुभव से समस्याओं के समाधान का वादा व निकाय चुनाव सक्रिय हुए युवा…
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