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रात्रि में हुए ध्वस्तीकरण के बाद अब बदलेगी नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र की सूरत…

       नवीन समाचार, नैनीताल, 6 नवंबर 2022। सरोवरनगरी नैनीताल में मल्लीताल के बाद अब नगर के प्रवेश द्वार तल्लीताल क्षेत्र की स्थिति भी बदलने, बल्कि कहें तो बेहद आकर्षक होने जा रही है। इसी कड़ी में बीती रात्रि यहां पुराने बस अड्डे को ध्वस्त करने का कार्य रात्रि में शुरू हो गया। देखें वीडियो: डीएम […]

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परम्परागत तौर पर कैसे मनाई जाती थी दिवाली ? कैसे मनाएं दीपावली कि घर में वास्तव में लक्ष्मी आयें, क्यों भगवान राम की जगह लक्ष्मी-गणेश की होती है पूजा ?

      बिन पटाखे, कुमाऊं में ‘च्यूड़ा बग्वाल’ के रूप में मनाई जाती थी परंपरागत दीपावली -कुछ ही दशक पूर्व से हो रहा है पटाखों का प्रयोग-प्राचीन लोक कला ऐपण से होता है माता लक्ष्मी का स्वागत और डिगारा शैली में बनती हैं महालक्ष्मीडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार,  नैनीताल। वक्त के साथ हमारे परंपरागत त्योहार अपना […]

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नैनीताल की सीख से विधानसभा अध्यक्ष ने अपने सरकारी आवास पर बनाए ऐपण से माता लक्ष्मी के पग चिन्ह, प्रदेश वासियों से भी किया बड़ा आह्वान…

      नवीन समाचार, देहरादून, 22 अक्तूबर 2022। महिलाएं कितने भी बड़े पद पर हों लेकिन अपनी जिम्मेदारियां नहीं छोड़तीं। उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने धनतेरस पर्व पर शनिवार को देहरादून स्थित अपने शासकीय आवास पर ऐपण कला के जरिए मां लक्ष्मी के चरण और कई सुंदर कलाकृतियां बनाकर दीपावली की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं […]

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बॉलीवुड कलाकार हेमंत पांडे ने उठाया उत्तराखंड के लुप्त हो रहे वाद्य यंत्रों को बनाने वालों के संरक्षण का बीड़ा

      -लोक वाद्यों की प्रदर्शनी लगाने, विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित करने, इन वाद्यों को बजाने वालों के लिए विशेष आयोजन करने एवं सरकार की ओर से इन लोगों के लिए पूर्व मे घोषित योजनाओं का लाभ दिए जाने की जताई आवश्यकता नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अक्तूबर 2022। कृष सहित कई बॉलीवुड फिल्मों में पहाड़ की लोक […]

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पाषाण देवी शक्तिपीठ: जहां घी, दूध का भोग करती हैं सिंदूर सजीं मां वैष्णवी

       डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2022। उत्तराखंड को देवभूमि इसीलिए कहा जाता है, कि यहां के कण-कण में देवों कावास है। बदरी, केदार सहित चार धामों और गंगा, यमुना की इसी धरती में शिवके धाम कैलाश का द्वार है, और यहीं शिवा यानी माता पार्वती का मायका हिमालय भी है। […]