Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

साफ-सफाई का सन्देश देता ‘खतडु़वा’ आया, सर्दियां लाया

-विज्ञान व आधुनिक बौद्धिकता की कसौटी पर भी खरा उतरता है यह लोक पर्व, साफ-सफाई, पशुओं व परिवेश को बरसात

Read more

कुमाऊं में परंपरागत तौर पर ‘जन्यो-पुन्यू’ के रूप में मनाया जाता है रक्षाबंधन

वैश्वीकरण के दौर में लोक पर्व भी अपना मूल स्वरूप खोकर अपने से अन्य बड़े त्योहार में स्वयं को विलीन

Read more

दो देशों की साझा प्रतिनिधि थीं कुमाऊँ की ‘तीजनबाई’ कबूतरी दी

      पहाड़ी सफर की तरह उतार-चढ़ाव भरी जिंदगी जी कर उत्तराखंड की प्रथम लोकगायिका व कुमाऊँ की तीजनबाई

Read more

177 साल के नैनीताल में कुमाउनी रेस्टोरेंट की कमी हुई पूरी

-पूरी तरह कुमाउनी थीम पर स्थापित किया गया है 1938 में स्थापित अनुपम रेस्टोरेंट -अब यहां लीजिये कुमाउनी थाली के

Read more

चंद राजाओं की विरासत है कुमाऊं का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य

नवीन जोशी, नैनीताल। आधुनिक भौतिकवादी युग के मानव जीवन में सैकड़ों-हजारों वर्ष पुरानी कम ही सांस्कृतिक परंपराएं शेष रह पाई हैं। इन्हीं

Read more

आस्था के साथ ही सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर भी हैं ‘जागर’

इस तरह ‘जागर’ के दौरान पारलौकिक शक्तियों के वसीभूत होकर झूमते हें ‘डंगरिये’ कुमाऊं के जटिल भौगोलिक परिस्थितियों वाले दुर्गम

Read more

कुमाउनी ऐपण: शक, हूण सभ्यताओं के साथ ही तिब्बत, महाराष्ट्र, राजस्थान व बिहार की लोक चित्रकारी की भी मिलती है झलक

नवीन जोशी, नैनीताल। लोक कलाएं संबंधित क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ ही उस संस्कृति के उद्भव और विकास

Read more

कुमाउनी लोक संगीत को बचाने में जुटेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय

कुमाऊं विवि ने बनाया कुमाऊं के लोक संगीत को अपना ‘मैन्डेट’ -कुमाऊं के परंपरागत लोकगीतों न्यौली, छपेली, चांचरी व शगुराखरों

Read more
Loading...