News

साफ-सफाई का सन्देश देता ‘खतडु़वा’ आया, सर्दियां लाया

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

      -विज्ञान व आधुनिक बौद्धिकता की कसौटी पर भी खरा उतरता है यह लोक पर्व, साफ-सफाई, पशुओं व परिवेश को बरसात के जल जनित रोगों के संक्रमण से मुक्त करने का भी देता है संदेश डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितंबर 2021। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों, खासकर कुमाऊं अंचल में चौमांस-चार्तुमास यानी बरसात के […]

Astha

नैनीताल में 100 वर्ष से पुरानी ऐतिहासिक धरोहर का किया गया संरक्षण

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

       डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2021। डाक विभाग ने जिला व मंडल मुख्यालय में लगी लेटर बॉक्स यानी पत्र पेटियों के जीर्णोद्धार की पहल की गई है। नगर के मल्लीताल स्थित मुख्य पोस्ट ऑफिस के तत्वावधान में नगर में बचे 13 पत्र पेटिकाओं की लंबे समय बाद मरम्मत व रंग-रोगन […]

ऐपण : उत्तराखण्ड की लोक चित्रकला

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

       प्रमोद प्रसाद, इतिहास विद्यार्थी, नैनीताल। ऐपण या अल्पना एक लोक चित्रकला है। जिसका कुमाऊँ के घरों में एक विशेष स्थान है। ये उत्तराखण्ड की एक परम्परागत लोक चित्रकला है। यह चित्रकला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ क्षेत्र से सम्बन्धित है। ऐपण शब्द संस्कृत के शब्द अर्पण से व्युत्पादित है। ऐपण का वास्तविक अर्थ है लिखायी या […]

News

कुमाऊं में परंपरागत तौर पर ‘जन्यो-पुन्यू’ के रूप में मनाया जाता है रक्षाबंधन

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

      डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल। वैश्वीकरण के दौर में लोक पर्व भी अपना मूल स्वरूप खोकर अपने से अन्य बड़े त्योहार में स्वयं को विलीन करते जा रहे हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों का सबसे पवित्र त्यौहार माना जाने वाला ‘जन्यो पुन्यू’ यानी जनेऊ पूर्णिमा और देवीधूरा सहित कुछ स्थानों पर […]

दो देशों की साझा प्रतिनिधि थीं कुमाऊँ की ‘तीजनबाई’ कबूतरी दी

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

             पहाड़ी सफर की तरह उतार-चढ़ाव भरी जिंदगी जी कर उत्तराखंड की प्रथम लोकगायिका व कुमाऊँ की तीजनबाई भी कही जाने वाली कबूतरी देवी जी का 7 जुलाई 2018 को पिथौरागढ़ में निधन हो गया। नेपाल-भारत की सीमा के पास लगभग 1945 में पैदा हुई कबूतरी दी को संगीत की शिक्षा पुश्तैनी […]

177 साल के नैनीताल में कुमाउनी रेस्टोरेंट की कमी हुई पूरी

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

      -पूरी तरह कुमाउनी थीम पर स्थापित किया गया है 1938 में स्थापित अनुपम रेस्टोरेंट -अब यहां लीजिये कुमाउनी थाली के साथ ही पहाड़ी शिकार सहित अनेक पहाड़ी जड़ी-बूटी युक्त व्यंजनों का भी स्वाद नवीन जोशी, नैनीताल। 1841 में अपनी बसासत से ही अंग्रेजी रंग में रंगी ‘छोटी बिलायत’ भी कहलाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल में अंग्रेजी […]

चंद राजाओं की विरासत है कुमाऊं का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

      नवीन जोशी, नैनीताल। आधुनिक भौतिकवादी युग के मानव जीवन में सैकड़ों-हजारों वर्ष पुरानी कम ही सांस्कृतिक परंपराएं शेष रह पाई हैं। इन्हीं में एक आज कुमाऊं ही नहीं उत्तराखंड राज्य की सांस्कृतिक पहचान बन चुका प्रसिद्ध छल या छलिया और हिन्दी में छोलिया कहा जाने वाला लोकनृत्य है, जो कि मूलतः युद्ध का नृत्य बताया जाता है। […]