कुमाऊं का ऋतु पर्व ही नहीं ऐतिहासिक व सांस्कृतिक लोक पर्व भी है घुघुतिया-उत्तरायणी

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यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये      1921 में इसी त्योहार के दौरान बागेश्वर में हुई प्रदेश की अनूठी रक्तहीन क्रांति, कुली बेगार प्रथा से मिली थी निजात घुघुतिया के नाम से है पहचान, काले कौआ कह कर न्यौते जाते हैं कौए और परोसे जाते हैं पकवान नवीन जोशी, नैनीताल। दुनिया को रोशनी के […]

दो देशों की साझा प्रतिनिधि थीं कुमाऊँ की ‘तीजनबाई’ कबूतरी दी

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यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये            पहाड़ी सफर की तरह उतार-चढ़ाव भरी जिंदगी जी कर उत्तराखंड की प्रथम लोकगायिका व कुमाऊँ की तीजनबाई भी कही जाने वाली कबूतरी देवी जी का 7 जुलाई 2018 को पिथौरागढ़ में निधन हो गया। नेपाल-भारत की सीमा के पास लगभग 1945 में पैदा हुई […]

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