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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसंबर 2025 (Subsidy on Dragon Fruit in UK)। देहरादून जनपद से जुड़ी यह सूचना उत्तराखंड के किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है। राज्य सरकार ने किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों से जोड़ने के उद्देश्य से ड्रैगन फ्रूट नीति 2025 लागू की है।
इस नीति के तहत ड्रैगन फ्रूट के बागान लगाने पर प्रति एकड़ लागत का 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। खास बात यह है कि यह फसल कम पानी वाली, वर्षा आधारित और बंजर मानी जाने वाली भूमि पर भी सफलतापूर्वक उगाई जा सकती है, जिससे पर्वतीय और तराई क्षेत्रों दोनों के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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Toggleड्रैगन फ्रूट नीति 2025 में 8 लाख की लागत पर 6.40 लाख का सरकारी सहयोग
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ड्रैगन फ्रूट नीति 2025 के अनुसार एक एकड़ में ड्रैगन फ्रूट बाग लगाने की अनुमानित लागत आठ लाख रुपये तय की गई है। इसमें से किसानों को 6 लाख 40 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा, जबकि शेष 1 लाख 60 हजार रुपये किसान को स्वयं वहन करने होंगे। यह योजना वर्ष 2025 से 2028 तक लागू रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को कम जोखिम में अधिक लाभ मिलेगा और कृषि आय में स्थिरता आएगी।
किन जिलों को मिलेगा योजना का लाभ-सात जनपद चिन्हित, 228 एकड़ में विस्तार का लक्ष्य
उद्यान विभाग के अनुसार ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, देहरादून और टिहरी जनपदों को इस योजना के लिए पात्र बनाया गया है। विभाग का लक्ष्य 228 एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट की खेती का विस्तार करना है, जिससे लगभग 450 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास न्यूनतम पांच नाली भूमि होना अनिवार्य रखा गया है। वर्तमान में ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में इस फसल को लेकर किसानों में विशेष रुचि देखी जा रही है।
कम पानी, कम खतरा और ज्यादा मुनाफा-जंगली जानवरों से भी सुरक्षित फसल
ड्रैगन फ्रूट की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जा रही है कि यह असिंचित भूमि और कम पानी की स्थिति में भी अच्छी पैदावार देता है। कटीली संरचना के कारण जंगली जानवरों से इसे बहुत कम नुकसान होता है, जो उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में किसानों के लिए बड़ी समस्या रही है। शहरी बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है।
सेहत और बाजार दोनों में मजबूत मांग-पोषक तत्वों से भरपूर फल
ड्रैगन फ्रूट को पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने, हृदय स्वास्थ्य और रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायक बताया जाता है। आयरन और एंटीआक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण शहरी उपभोक्ताओं में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे यह किसानों के लिए एक भरोसेमंद नकदी फसल बन सकती है।
सरकार का पक्ष-किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल
कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी के अनुसार ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बताया कि सितारगंज स्थित नर्सरी में इसकी पौध तैयार की जा रही है और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाएं और आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
ड्रैगन फ्रूट नीति 2025 को उत्तराखंड में कृषि विविधीकरण और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इसका वास्तविक प्रभाव जमीन पर कितना दिखाई देगा, यह किसानों की भागीदारी और विभागीय क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।