नवीन समाचार, देहरादून, 4 मार्च 2026 (Obesity in Uttarakhand-5-2-1-0 Mantr)। उत्तराखंड (Uttarakhand) सहित पूरे देश में बदलती जीवनशैली, जंक-फूड (Junk Food) की बढ़ती आदत और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण मोटापा तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल शरीर के आकार में बदलाव का मामला नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जो आगे चलकर मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और कई अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। उत्तराखंड के लिए भी विशेष चिंताजनक तथ्य सामने है कि यहाँ पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में मोटापा 2.1 से बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गया है।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (Indian Academy of Pediatrics) की उत्तराखंड शाखा के सचिव तथा हिमालयन अस्पताल (Himalayan Hospital) के बाल रोग विभाग में कार्यरत डॉ. राकेश कुमार (Dr. Rakesh Kumar) का कहना है कि मोटापा अब केवल सौंदर्य से जुड़ा विषय नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति बन चुका है, जिस पर समय रहते नियंत्रण करना बेहद आवश्यक है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Family Health Survey – NFHS) 2019-21 के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में अधिक वजन या मोटापे की दर 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई है। राज्य में सबसे अधिक दर हरिद्वार (Haridwar) जनपद में लगभग 7 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।
बदलती जीवनशैली ने बढ़ाई समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आज के दौर में मोटापे के प्रमुख कारणों में फास्ट-फूड, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, अधिक चीनी और वसा युक्त भोजन का बढ़ता सेवन शामिल है। इसके साथ ही बच्चों और युवाओं में मोबाइल फोन, टीवी और अन्य स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की आदत भी शारीरिक गतिविधियों को कम कर रही है।
डॉ. राकेश बताते हैं कि पारंपरिक और पौष्टिक घर के भोजन की जगह जंक-फूड का बढ़ता चलन बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। यदि यह स्थिति जारी रहती है तो आने वाले समय में मोटापा एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है।
5-2-1-0 नियम: मोटापे से बचाव का सरल उपाय
डॉ. राकेश कुमार ने मोटापे से बचाव के लिए 5-2-1-0 नियम अपनाने की सलाह दी है, जिसे जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके आसानी से अपनाया जा सकता है।
5 – प्रतिदिन कम से कम 5 बार फल और सब्जियों का सेवन
2 – स्क्रीन टाइम 2 घंटे से कम रखें
1 – रोजाना कम से कम 1 घंटा सक्रिय खेल या व्यायाम करें
0 – शुगर युक्त कोल्ड ड्रिंक और मीठे पेय पदार्थों से पूरी तरह दूरी रखें
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चे और वयस्क इस नियम को नियमित रूप से अपनाएं तो मोटापा नियंत्रित करने में काफी मदद मिल सकती है।
बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित करने में अभिभावकों की भूमिका
डॉ. राकेश कुमार के अनुसार बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि घर में संतुलित और पौष्टिक भोजन, नियमित दिनचर्या और आउटडोर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए तो बच्चों में मोटापे की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।
परिवार के स्तर पर छोटे-छोटे बदलाव जैसे साथ में टहलना, खेलकूद के लिए समय देना और जंक-फूड की जगह घर का पौष्टिक भोजन अपनाना बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
विश्व मोटापा दिवस का उद्देश्य
विश्व मोटापा दिवस (World Obesity Day) हर वर्ष 4 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ती मोटापे की समस्या के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इस दिन विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय संगठन मोटापे के कारणों, उससे जुड़ी गलत धारणाओं और संभावित समाधानों पर चर्चा करते हैं ताकि इस बढ़ती वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती से निपटा जा सके।
2026 का विषय
विश्व मोटापा दिवस 2026 का विषय है: “मोटापे पर कार्रवाई करने के 8 अरब कारण” (Eight Billion Reasons To Act On Obesity)
इस विषय का उद्देश्य यह बताना है कि दुनिया में 8 अरब से अधिक लोगों की आबादी होने के कारण मोटापा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि एक वैश्विक और प्रणालीगत चुनौती है। इसे रोकने के लिए नीतिगत बदलाव, बेहतर पोषण व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच आवश्यक है।
मोटापा क्यों है खतरनाक
मोटापा एक जटिल बीमारी है जिसमें शरीर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है। यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है, जैसे—
हृदय रोग
मधुमेह
उच्च रक्तचाप
उच्च कोलेस्ट्रॉल
यकृत रोग
स्लीप एपनिया
कुछ प्रकार के कैंसर
विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी-सी भी वजन कमी इन बीमारियों के जोखिम को कम कर सकती है।
मोटापा मापने का तरीका: बीएमआई
मोटापे का आकलन करने के लिए बॉडी मास इंडेक्स (Body Mass Index – BMI) का उपयोग किया जाता है।
बीएमआई = वजन (किलोग्राम) ÷ ऊंचाई (मीटर²)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization – WHO) के अनुसार:
| BMI | वजन की स्थिति |
|---|---|
| 18.5 से कम | कम वजन |
| 18.5 – 24.9 | सामान्य |
| 25 – 29.9 | अधिक वजन |
| 30 या उससे अधिक | मोटापा |
एशियाई देशों में 23 से अधिक बीएमआई होने पर भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है।
इसके अलावा कमर की परिधि (Waist Circumference) भी स्वास्थ्य जोखिम का संकेत देती है।
पुरुषों में 102 सेंटीमीटर से अधिक
महिलाओं में 89 सेंटीमीटर से अधिक
कमर की परिधि होने पर वजन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
कब लें चिकित्सक की सलाह
यदि किसी व्यक्ति को अपने वजन या उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिंता हो तो उसे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। चिकित्सक स्वास्थ्य जोखिमों का मूल्यांकन कर आहार, व्यायाम, व्यवहार परिवर्तन या अन्य चिकित्सा विकल्पों के बारे में सलाह दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मोटापे की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों को इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
