नवीन समाचार, नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026 (New Rules for Credit Cards)। वित्तीय अनुशासन और कर अनुपालन से जुड़ा महत्वपूर्ण समाचार है। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने ड्राफ्ट आयकर नियम 2026 (Draft Income Tax Rules 2026) जारी किए हैं, जिनके लागू होने पर 1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड (Credit Card) लेन-देन की निगरानी और सख्त हो सकती है। इसका सीधा प्रभाव उन लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो दैनिक खर्च, ऑनलाइन खरीदारी और बिल भुगतान के लिए कार्ड का व्यापक उपयोग कर रहे हैं।
देश में डिजिटल भुगतान (Digital Payments) तेजी से बढ़ा है और अब छोटे शहरों तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग सामान्य हो गया है। ऐसे में सरकार पारदर्शिता बढ़ाने और उच्च मूल्य के लेन-देन पर नजर मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठा रही है।
क्या बदल सकता है और क्यों महत्वपूर्ण है
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल गैर-नकद माध्यम जैसे यूपीआई (UPI), बैंक अंतरण (Bank Transfer) या चेक से चुकाता है, तो बैंक या कार्ड जारीकर्ता संस्था इसकी सूचना आयकर विभाग को देगी। इसी प्रकार एक लाख रुपये या उससे अधिक का नकद भुगतान होने पर भी सूचना देनी अनिवार्य होगी।
यह व्यवस्था पहले भी थी, लेकिन अब इसे स्पष्ट और अधिक सुसंगठित रूप देने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य संदिग्ध उच्च व्यय पर निगरानी बढ़ाना और कर आधार को मजबूत करना है। क्या इसका अर्थ यह है कि सामान्य उपभोक्ता परेशान होंगे? विशेषज्ञों के अनुसार यदि लेन-देन वैध है और आय घोषित है, तो चिंता की आवश्यकता नहीं है।
पैन आवेदन में नया प्रावधान
नए प्रस्ताव के तहत पैन कार्ड (PAN Card) आवेदन के समय क्रेडिट कार्ड विवरण पत्र (Credit Card Statement) को पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकेगा। शर्त यह है कि दस्तावेज तीन महीने से अधिक पुराना न हो। इससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी और आवेदकों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
कर भुगतान के डिजिटल माध्यम
ड्राफ्ट नियमों में आयकर भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग (Net Banking) को आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव है। इससे करदाताओं को अधिक सुविधा मिलेगी और नकद व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कंपनी कार्ड पर कर देयता कब
यदि किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया गया है और उसके निजी खर्च का भुगतान कंपनी करती है, तो इसे परिलाभ (Perquisite) माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी की आय में जोड़ा जा सकता है। हालांकि यदि व्यय पूरी तरह आधिकारिक कार्य से संबंधित है और उसका अभिलेख उपलब्ध है, तो कर देयता नहीं बनेगी। कंपनियों के लिए पारदर्शी अभिलेख रखना इसलिए और महत्वपूर्ण हो गया है।
बिना पैन नया कार्ड नहीं
प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था को नया क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले आवेदक का पैन लेना अनिवार्य होगा। इससे उच्च मूल्य के वित्तीय लेन-देन की निगरानी मजबूत होगी और कर अनुपालन बेहतर होने की संभावना है।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव पारदर्शिता बढ़ाने, कर आधार मजबूत करने और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की दिशा में उठाया गया कदम हैं। आने वाले समय में अंतिम नियम अधिसूचना के बाद इनका वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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