नवीन समाचार, देहरादून, 3 जनवरी 2026 (Bridge Corce for BEd Teachers)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक महत्वपूर्ण शैक्षिक निर्णय सामने आया है, जिसका सीधा प्रभाव प्रदेश के हजारों प्राथमिक शिक्षकों पर पड़ेगा। राज्य में कक्षा एक से पांच तक तैनात उन शिक्षकों, जिनकी नियुक्ति केवल बीएड की योग्यता के आधार पर हुई थी, को अब पुनः अध्ययन करना होगा। ऐसे लगभग छह से आठ हजार शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स अनिवार्य किया गया है, जिसे राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS-National Institute of Open Schooling) के माध्यम से कराया जाएगा। यह निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता और कानूनी मानकों के अनुपालन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्रिज कोर्स क्यों हुआ अनिवार्य
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अनुसार यह व्यवस्था उन शिक्षकों पर लागू होगी, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में हुई थी। इस अवधि में बीटीसी और टीईटी जैसी अनिवार्य योग्यताओं के बिना केवल बीएड के आधार पर नियुक्तियां की गई थीं। बाद में प्राथमिक स्तर के लिए बीएड योग्यता को अमान्य ठहराया गया, जिसके बाद इस अंतर को भरने के लिए ब्रिज कोर्स को आवश्यक बनाया गया।
National Institute of Open Schooling के माध्यम से होगा अध्ययन
यह छह माह का ब्रिज कोर्स एनआइओएस के जरिए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग पद्धति से संचालित किया जाएगा, ताकि कार्यरत शिक्षक बिना विद्यालयी दायित्व छोड़े अध्ययन पूरा कर सकें। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं और जनपद स्तर पर पात्र शिक्षकों से आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की पृष्ठभूमि
यह पूरा प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय के अंशुमान सिंह बनाम नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन एवं अन्य मामले से जुड़ा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि प्राथमिक कक्षाओं के लिए बीएड पर्याप्त योग्यता नहीं है और पहले से नियुक्त ऐसे शिक्षकों को छह माह का ब्रिज कोर्स कराना अनिवार्य होगा। इसी आदेश के अनुपालन में उत्तराखंड सरकार ने यह कदम उठाया है।
कोर्स पूरा न करने पर क्या होगा
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक निर्धारित समयसीमा में ब्रिज कोर्स पूरा नहीं करेंगे, उन्हें अयोग्य माना जाएगा और उनकी नियुक्ति अमान्य हो सकती है। इसके लिए संबंधित शिक्षक स्वयं उत्तरदायी होंगे। यह चेतावनी शिक्षा विभाग की गंभीरता को दर्शाती है और शिक्षकों के लिए इसे अनदेखा करना जोखिम भरा हो सकता है।
शुल्क को लेकर बनी हुई है असमंजस की स्थिति
ब्रिज कोर्स के शुल्क को लेकर शिक्षकों में अभी स्पष्टता नहीं है। विभागीय स्तर पर बताया जा रहा है कि शुल्क लगभग 25 हजार रुपये हो सकता है, लेकिन यह धनराशि विभाग वहन करेगा या शिक्षकों को स्वयं जमा करनी होगी, इस पर अभी कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। पूर्व में ऐसे मामलों में शुल्क सरकार द्वारा वहन किया गया था, इसी आधार पर शिक्षक भी स्पष्ट दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा अहम निर्णय
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय नौडियाल के अनुसार वर्ष 2018 से 2023 के मध्य प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त सभी बीएड योग्यताधारी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से इस ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन करना होगा। यह निर्णय केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को मजबूत करने से भी जुड़ा है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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