नवीन समाचार, नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026 (Employment Opportunities for Agniveer)। देश के रक्षा और परिवहन क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण समाचार है। भारतीय रेल (Indian Railways) और भारतीय सेना (Indian Army) ने संयुक्त रूप से एक समन्वित सहयोग रूपरेखा (Cooperation Framework) प्रारम्भ की है, जिसके अंतर्गत सेवा निवृत्त सैनिकों और अग्निवीरों को रेलवे में रोजगार के अवसर प्रदान किये जायेंगे। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कम आयु में सैन्य सेवा पूर्ण करने वाले प्रशिक्षित युवकों-पूर्व अग्निवीरों के लिए नागरिक जीवन में सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करना लंबे समय से एक नीति संबंधी प्रश्न रहा है।
समन्वित रोजगार योजना की रूपरेखा
रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने निर्णय लिया है कि रेलवे में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए 5000 से अधिक पूर्व सैनिकों को ‘प्वाइंट्समैन’ (Pointsman) के पद पर संविदा आधार पर नियुक्त किया जायेगा। यह नियुक्ति नियमित भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रभावी रहेगी। इससे एक ओर रेलवे के परिचालन तंत्र को त्वरित मानव संसाधन मिलेगा और दूसरी ओर पूर्व सैनिकों को रोजगार का अवसर।
देश के विभिन्न रेलवे जोन और मंडलों में इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। अब तक 9 रेलवे मंडलों ने सेना से संबंधित संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding) किये हैं, जिससे चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को गति मिल सके।
आरक्षण व्यवस्था
रेलवे ने पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी सुनिश्चित किया है—
लेवल-1 पदों में पूर्व सैनिकों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण।
लेवल-2 एवं उससे उच्च पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण।
लेवल-1 पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण।
लेवल-2 एवं उससे उच्च पदों में 5 प्रतिशत आरक्षण।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 में रेलवे भर्ती में कुल 14788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किये गये थे। इनमें 6485 पद लेवल-1 तथा 8303 पद लेवल-2 एवं उससे उच्च स्तर के थे। लेवल-1 की भर्ती रेलवे भर्ती केंद्र (Railway Recruitment Cell) के माध्यम से तथा लेवल-2 एवं उससे उच्च पदों की भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) द्वारा प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से की जाती है।
यह पहल केवल रोजगार का प्रश्न नहीं है, बल्कि कौशल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के पुनः उपयोग की नीति भी है। सेना से कम आयु में सेवा निवृत्त होने वाले अनेक जवानों के पास तकनीकी दक्षता और कार्यानुभव होता है। यदि उन्हें संरचित अवसर मिलें, तो क्या यह देश की उत्पादक क्षमता को नहीं बढ़ाएगा।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राष्ट्रीय अवसंरचना, प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ता मिलेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सैन्य जीवन से नागरिक जीवन में संक्रमण को सरल बनाना है। क्या देश की सेवा कर चुके जवानों के अनुभव और अनुशासन का उपयोग अन्य राष्ट्रीय संस्थानों में किया जा सकता है। यही इस पहल का मूल विचार है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
