सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है कुमाउनी शास्त्रीय होली
पौष माह के पहले रविवार से ही शुरू हो जाती हैं शास्त्रीय रागों में होलियों की बैठकें और सर्वाधिक लंबे समय चलती हैं होलियां प्रथम पूज्य गणेश से लेकर पशुपतिनाथ शिव की आराधना और राधा-कृष्ण की हंसी-ठिठोली से लेकर स्वाधीनता संग्राम व उत्तराखंड आंदोलन की झलक भी दिखती है (Holi-Kumaoni, Kumauni classical Holi, Kumauni Holi, … Read more
You must be logged in to post a comment.