नवीन समाचार, नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2025 (Kailash Mansarovar Yatra willStart Again in June)। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले पांच वर्षों से स्थगित पड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरू होने जा रही है। उत्तराखंड सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को आयोजित हुई बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद यात्रा संचालन की जिम्मेदारी पूर्व की तरह कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) को सौंप दी गई है। यह भी पढ़ें :
https://navinsamachar.com/kailash-aadi-kailash-om-parvat-kmvn-heli-yatra/
भारत और चीन के बीच हाल के कूटनीतिक समझौतों ने वर्षों के इंतजार के बाद इस यात्रा को संभव बनाया है, जिससे तीर्थयात्रियों में उत्साह का माहौल है।
30 जून से होगी यात्रा की शुरुआत, पहली बार टनकपुर के रास्ते जाएगी यात्रा

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून 2025 से दिल्ली से प्रारंभ होगी। इस यात्रा में 50-5 श्रद्धालुओं के पांच दल शामिल किए जाएंगे, अर्थात कुल 250 यात्री यात्रा करेंगे। यात्रा मार्ग पर दिल्ली से प्रस्थान कर पहला पड़ाव पहली बार उत्तराखंड के चंपावत जनपद के टनकपुर में होगा, जहां एक रात्रि विश्राम के पश्चात दल पिथौरागढ़ के धारचूला पहुंचेगा। इसके उपरांत यात्रियों को गुंजी तथा नाभीढांग में दो-दो रात ठहरने के पश्चात लिपुलेख दर्रे से चीन में प्रवेश कर तकलाकोट पहुंचाया जाएगा। विदित हो कि पूर्व में यह यात्रा काठगोदाम के रास्ते शुरू होती थी।
22 दिनों की यात्रा का यह रहेगा कार्यक्रम
कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल 10 जुलाई को लिपुलेख दर्रे से चीन की सीमा में प्रवेश करेगा, जबकि अंतिम दल 22 अगस्त को वापसी यात्रा में चीन से भारत लौटेगा। प्रत्येक यात्रा दल कुल 22 दिनों की यात्रा करेगा। वापसी में यात्रियों को पिथौरागढ़ जिले के बूंदी, बागेश्वर जिले के चौकोड़ी और अल्मोड़ा में एक-एक रात विश्राम के उपरांत दिल्ली वापस लाया जाएगा। यात्रा के लिए दिल्ली में प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ गुंजी में भी यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण किया जाएगा, ताकि ऊंचाई पर यात्रा के दौरान कोई चिकित्सकीय समस्या उत्पन्न न हो।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का धार्मिक पक्ष
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है, जबकि मानसरोवर झील में स्नान करना पुण्यदायी व मोक्षदायी कहा गया है। तिब्बत क्षेत्र में स्थित ये दोनों स्थल हिंदू, बौद्ध, जैन और तिब्बती धर्मावलंबियों के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा यात्रा की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा और सुरक्षा दोनों उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था (Kailash Mansarovar Yatra willStart Again in June)
कैलाश मानसरोवर की ऊंचाई और दुर्गम रास्तों को देखते हुए स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है। दिल्ली में प्रारंभिक जांच के बाद गुंजी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा दूसरा परीक्षण होगा। केवल स्वस्थ श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। केएमवीएन ने यात्रियों की सुविधा के लिए भोजन, आवास और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की है।
यह यात्रा न केवल धार्मिक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता को भी करीब से देखने का अवसर देती है। पंजीकरण प्रक्रिया विदेश मंत्रालय की वेबसाइट और केएमवीएन के पोर्टल पर शुरू हो चुकी है। स्थानीय समुदाय और तीर्थयात्री इस यात्रा के पुनरारंभ को आध्यात्मिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। पांच वर्षों के अंतराल के बाद पुनः शुरू हो रही यह यात्रा न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करेगी, बल्कि भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों के सामरिक, सामाजिक व आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। (Kailash Mansarovar Yatra willStart Again in June, Kailash Mansarovar Yatra News, International News, Kailash Mansarovar Yatra 2025, Kailash Parvat)
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे थ्रेड्स चैनल से, व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, टेलीग्राम से, एक्स से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
(Kailash Mansarovar Yatra willStart Again in June, Kailash Mansarovar Yatra News, International News, Kailash Mansarovar Yatra 2025, Kailash Parvat, Mansarovar Lake, Uttarakhand Pilgrimage, Kumaon Mandal Vikas Nigam, Lipulekh Pass, Hindu Spiritual Journey, Lord Shiva Pilgrimage, Moksha Path, Himalayan Pilgrimage, Delhi to Kailash Yatra, Religious Tourism, Tibet Yatra, Pilgrimage Schedule, Spiritual Trek, Kailash Mansarovar Yatra 2025, Kailash Yatra Uttarakhand, Kumaon Mandal Vikas Nigam, Mansarovar Pilgrimage, Kailash Parvat Yatra, Delhi To Kailash Mansarovar,
Lipulekh Route Pilgrimage, Kailash Mansarovar Schedule, Shiv Bhakti Yatra, Hindu Pilgrimage Kailash, Kailash Mansarovar Religious Importance, Kailash Yatra Via Uttarakhand, Mansarovar Lake Pilgrimage, China Tibet Kailash Route, Indian Pilgrimage 2025, Kailash Mansarovar Health Check, Kailash Yatra Registration, Kailash Yatra After Covid, Kailash Mansarovar Through Lipulekh, Kailash Yatra Government Plan, Kailash Yatra Foreign Ministry, Mount Kailash Shiv Parvat, Mansarovar Lake Moksha, Devotional Journey Himalaya, Kailash Parikrama Yatra, Kailash Mansarovar Yatra which was suspended for the last five years will start once again,)
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

You must be logged in to post a comment.