नवीन समाचार, देहरादून, 7 अप्रैल 2025 (Chaos in the Ritual of Juta Churai-Groom Beaten)। निकाह का खुशनुमा माहौल जहां खुशियों और हंसी-खुशी से भरा होता है, वहीं उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ऐसे एक समारोह में जूता चुराई की रस्म ने ऐसा तूफान मचाया कि मामला थाने तक पहुंच गया। देहरादून से बारात लेकर आये दूल्हे साबिर का आरोप है कि उसे भिखारी कहे जाने के बाद दुल्हन पक्ष ने उसके रिश्तेदारों को बंधक बनाकर पिटाई की। आइये इस पूरे प्रकरण को विस्तार से समझते हैं कि एक परंपरा कैसे विवाद का कारण बन गयी और शादी का खुशहाल माहौल जंग में कैसे बदल गया।
जूता चुराई से शुरू हुई तकरार
पुलिस व संबंधितों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना बिजनौर में उस समय हुई जब देहरादून से आये दूल्हे साबिर की शादी की रस्में चल रही थीं। परंपरा के अनुसार जूता चुराई का खेल शुरू हुआ। दुल्हन की बहन ने दूल्हे के जूते छिपाये और इसके बदले 50 हजार रुपये की मांग की। साबिर ने मोलभाव करते हुए 5 हजार रुपये देने की पेशकश की। यह धनराशि दुल्हन पक्ष को नाकाफी लगी। बातचीत के दौरान किसी ने साबिर को भिखारी कह दिया। यह शब्द सुनते ही साबिर का गुस्सा भड़क उठा और उसने इसका विरोध किया। यहीं से मामला गरमाने लगा और शादी का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बंधक बनाने और मारपीट का दृश्य
साबिर ने बताया कि भिखारी कहे जाने से वह आहत हुआ और उसने इसका जवाब दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह किसी को भी हैरान कर सकता है। दुल्हन पक्ष के लोगों ने गुस्से में साबिर को एक कमरे में बंद कर दिया। इतना ही नहीं, उसके पिता और कुछ रिश्तेदारों को भी बंधक बना लिया गया। तनाव बढ़ता देख दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गयी। इस झड़प में कई लोग घायल हो गये। साबिर के अनुसार दुल्हन पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे बारातियों में डर का माहौल बन गया। यह शादी, जो दो परिवारों के मिलन का प्रतीक थी, एक हिंसक विवाद में बदल गयी।
पुलिस थाने तक पहुंचा मामला
हंगामा इतना बढ़ गया कि स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला और घायलों को चिकित्सालय पहुंचाया। साबिर ने थाने में शिकायत दर्ज की, जिसमें उसने दुल्हन पक्ष पर बंधक बनाने और मारपीट के आरोप लगाये। दूसरी ओर, दुल्हन पक्ष का कहना है कि साबिर और उसके परिवार ने उनकी दी हुई सोने की गुणवत्ता पर सवाल उठाये और कहा कि वे लड़की से ज्यादा धनराशि को महत्व देते हैं। इस जवाब ने विवाद को और भड़का दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गयी है।
परंपरा से उत्पन्न विवाद
जूता चुराई की रस्म भारतीय विवाहों में एक हल्का-फुल्का खेल मानी जाती है, जिसमें दुल्हन की बहनें दूल्हे से मजाक में धनराशि मांगती हैं। लेकिन इस बार यह परंपरा गंभीर झगड़े का कारण बन गयी। साबिर का कहना है कि 50 हजार की मांग उसके लिए असंभव थी, इसलिए उसने 5 हजार रुपये देने की कोशिश की। दुल्हन पक्ष के इस रवैये से वह अपमानित महसूस कर रहा था। इस घटना ने यह सवाल उठाया कि क्या परंपराएं कभी-कभी अनावश्यक तनाव का कारण बन सकती हैं। इस विवाद ने शादी को अधूरा छोड़ दिया और दोनों परिवारों के बीच कड़वाहट पैदा कर दी।
सामाजिक प्रतिक्रिया और सवाल
इस घटना के बाद बिजनौर में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयीं। कुछ का मानना है कि दुल्हन पक्ष ने साबिर के साथ गलत व्यवहार किया, वहीं कुछ का कहना है कि साबिर को इस रस्म को हल्के में लेना चाहिए था। सोशल मीडिया पर भी यह मामला गूंज रहा है, जहां लोग इसे परंपराओं के गलत इस्तेमाल का उदाहरण बता रहे हैं। इस घटना ने समाज में संवेदनशीलता और आपसी सम्मान की कमी को भी उजागर किया। कई लोगों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।
पुलिस की भूमिका और आगे की कार्रवाई (Chaos in the Ritual of Juta Churai-Groom Beaten)
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं और घायलों का इलाज चल रहा है। जांच में यह पता लगाया जायेगा कि विवाद की जड़ क्या थी और इसमें कौन जिम्मेदार है। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाये हैं कि शादी जैसे आयोजनों में ऐसी स्थिति को कैसे रोका जा सकता है।
यह घटना न केवल एक शादी के बिखरने की कहानी है, बल्कि यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटी बातों पर बड़े विवाद की प्रवृत्ति को भी दर्शाती है। जांच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले का अंत क्या होगा। (Chaos in the Ritual of Juta Churai-Groom Beaten, Dehradun News, Bijnaur News, Marpeet, Shadi)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
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