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नवीन समाचार, देहरादून, 12 फरवरी 2026 (Rajya Aandolankari Pension)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) से राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और जनकल्याण से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने राज्य आंदोलन से जुड़े शहीदों के आश्रितों और आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2025 को स्वयं की गई घोषणा के 3 माह से भी अधिक समय बाद मंजूरी दे दी है। इस माह राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन नहीं मिली है। उम्मीद की जा रही है कि अब उन्हें इस माह की पेंशन भी बढ़ी हुई मिल सकेगी।
इसके साथ ही राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 397.39 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई है, जिससे सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत विकास को बल मिलने की अपेक्षा है।
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Toggleराज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और विकास योजनाओं को बढ़ावा
उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों और उनके परिजनों को आर्थिक सहयोग बढ़ाने का निर्णय राज्य स्थापना दिवस पर की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। गृह विभाग (Home Department) के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद विभिन्न श्रेणियों में पेंशन राशि में वृद्धि लागू होगी।
किस श्रेणी में कितनी बढ़ी पेंशन
सरकार के निर्णय के अनुसार—
राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है।
पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।
सात दिन तक कारागार में रहे अथवा घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रतिमाह की गई है।
अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय राज्य आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले परिवारों और आंदोलनकारियों के योगदान के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्या इससे वर्षों से आर्थिक सहयोग की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिलेगी? इस प्रश्न का उत्तर आने वाले समय में इसके प्रभाव से स्पष्ट होगा।
‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:
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विकास योजनाओं के लिए 397.39 करोड़ रुपये की स्वीकृति
राज्य सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से अनेक योजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत की है। प्रमुख स्वीकृतियों में—
चमोली (Chamoli) जनपद के नंदानगर (Nandnagar) में पार्किंग निर्माण के लिए 3.20 करोड़ रुपये।
विश्व बैंक (World Bank) सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना (U-PREPAIR Project) के लिए 30 करोड़ रुपये।
राज्य आपदा मोचन निधि (State Disaster Response Fund) से विभिन्न जिलों में अहेतुक सहायता, गृह अनुदान, मार्ग मरम्मत और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण हेतु 92.50 करोड़ रुपये।
पंचम राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) की संस्तुतियों के अंतर्गत नगर पंचायत चमियाला (Chamyala) में एलईडी प्रकाश व्यवस्था और नियंत्रण प्रणाली के लिए 3.07 करोड़ रुपये।
जिला पंचायतों को 79.09 करोड़ रुपये की चौथी त्रैमासिक किस्त जारी करने की स्वीकृति।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right To Education Act) के अंतर्गत 178 करोड़ रुपये की धनराशि।
हरिद्वार (Haridwar) के सतीकुंड (Satikund) पुनर्विकास और अल्मोड़ा (Almora) में स्वचालित वाहन परीक्षण ट्रैक निर्माण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
सरकार के अनुसार पेंशन वृद्धि से राज्य आंदोलन से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा विकास योजनाओं से स्थानीय स्तर पर आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। इससे रोजगार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए यह निर्णय राज्य के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन निर्णयों का क्रियान्वयन किस स्तर तक प्रभावी रूप से हो पाता है और आम नागरिकों को इसका कितना लाभ मिलता है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।













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