EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें -बिजली की दरों में 9 प्रतिशत की हुई वृद्धि नवीन समाचार, देहरादून, 30 मार्च 2023 (hike in electricity rates)। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग-यूईआरसी ने उत्ताखंड में बिजली की नई बढ़ी हुई दरों की घोषणा कर दी है। नई व्यवस्था में घरेलू उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट 25 पैसे, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से 30 से 80 पैसे और उद्योग में 65 से 70 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी है। बिजली की नईं दरें 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगी। यह भी पढ़ें : रामनवमी पर बड़ा हादसा, 25 लोग मंदिर में 50 फिट की ऊंचाई से पानी में गिरे… अलबत्ता एक राहत की बात यह है कि दूसरी ओर यूईआरसी ने इस बार समय पर बिल जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को राहत दी है। डिजिटल भुगतान करने पर छूट को 1.25 प्रतिशत से बढ़ा कर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य माध्यमों से बिल भुगतान पर छूट को 0.75 से बढ़ाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। लंबे समय बाद बीपीएल श्रेणी में भी बिल बढ़ा दिया गया है। बीपीएल श्रेणी में 10 पैसा प्रति यूनिट बढ़ा दिया गया है। यह भी पढ़ें : पति के बाहर जाने पर पत्नी ने बुला लिया प्रेमी को, पति लौट आया तो बता दिया बदमाश, फिर मोबाइल से बचा प्रेमी और खुली पूरी कहानी…घरेलू श्रेणी के अंतर्गत आने वाले 47 प्रतिशत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट माह तक इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं हेतु बिजली दरें में सिर्फ 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इसके अलावा यूपीसीएल ने खुद के खर्चों के लिए यूईआरसी को अगले वितीय वर्ष 2023-24 के लिए 16.96 फीसदी तक दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव भेजा था। डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : उत्तराखंड में जी-20 की बैठक से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत…यह भी पढ़ें : डबल इंजन का फायदा: उत्तराखंड से केंद्र को बड़ा तोहफा, वरना आज से ही हो सकती थी उत्तराखंड की बिजली गुल !यह भी पढ़ें : घरेलू उपभोक्ताओं को वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से भी अधिक महंगी मिल रही है बिजलीयह भी पढ़ें : सुबह का सुखद काम का समाचार: बिजली जाए, उपकरण फुंकें तो उपभोक्ताओं को 10 गुना अधिक तक मिलेगा मुआवजा, 15 साल बाद बदले नियमयह भी पढ़ें : कल गुल रहेगी नैनीताल की बिजली, जानें क्यों, कहां-कहां और कितने समय…?यह भी पढ़ें : जुड़ा स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन, फिर रोशन हुई सरोवरनगरी…यह भी पढ़ें : 3.32 करोड़ के बिल न चुकाने से नैनीताल की स्ट्रीट लाइटें ठप, नगर पालिका की बिल चुकाने की जगह कार्यालय में तालाबंदी की धमकीयह भी पढ़ें : बिजली का करंट लगने से 11 वर्षीय बालक की मौतयह भी पढ़ें : बिजली का झटका लगने से 40 वर्षीय कर्मी हुआ घायल, हायर सेंटर रेफरयह भी पढ़ें : करीब 20 घंटे बाद बिजली कर्मियों की हड़ताल समाप्त, जानें कैसे हुई हड़ताल समाप्त…यह भी पढ़ें : विद्युत कर्मियों की हड़ताल के बाद कमोबेश सुचारू रही विद्युत आपूर्ति, डीएम ने संभाली कमान…यह भी पढ़ें : केजरीवाल पर हरीश रावत का तंज, ऐसे तो हम 400 यूनिट बिजली मुफ्त दे देते…यह भी पढ़ें : धामी सरकार की घोषणा से ‘आप’ को लगा करंट ! केजरीवाल दून पहुंचे, ‘बड़ा चारा’ डालने की की कोशिश !!यह भी पढ़ें : मुफ्त बिजली का कितना मिलेगा आमजन को लाभ ? उत्तराखंड में चल पायेगा दिल्ली का फॉर्मूला ?यह भी पढ़ें : जिला मुख्यालय के निकट के दर्जन भर गांवों में पिछले 4 दिनों से बिजली नहीं, ग्रामीण मंगलवार को करेंगे ईई का घेराव-प्रदर्शनयह भी पढ़ें : उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरें बढ़ाने पर नैनीताल में ली जनता की राय, 7 से 12 फीसद तक बढ़ सकती हैं दरें, एनएचआरए ने भी दिया सुझावयह भी पढ़ें : राज्य में 16 फीसद तक बढ़ सकती है बिजली की दर, जल्द नैनीताल-दून में होगी जनसुनवाईयह भी पढ़ें : बिजली की बढ़ी दरों के दृष्टिगत किस्तों में बिल भुगतान की नई मांगयह भी पढ़ें : नैनीताल में हाई वोल्टेज से लाखों के विद्युत उपकरण फुंके, केबल प्रसारण भी अवरुद्धLike this:Relatedयह भी पढ़ें : उत्तराखंड में जी-20 की बैठक से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत…-बिजली कटने से हैं परेशान नवीन समाचार, रामनगर, 14 मार्च 2023। राज्य के रामनगर में इस माह के अंत में आयोजित होने जा रही, देश-प्रदेश व जनपद को गौरवान्वित करने वाली जी-20 की बैठक राज्य में हो रही उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए रुद्रपुर से लेकर रामनगर एवं कालाढुंगी क्षेत्र को बड़े पैमाने पर सजा-संवारकर यहां का कायाकल्प किया जा रहा है। यह भी पढ़ें : कैंची धाम जा रहे श्रद्धालुओं की कार ट्रक से टकराने के बाद पलटी, पुलिस ने बचाई जान… इस कड़ी में सड़क किनारे खड़े बिजली के पोलों को हटाया जा रहा है। इस कारण विद्युत आपूर्ति लगातार बड़े पैमाने पर बाधित हो रही है। इस पर परीक्षार्थी बच्चे बड़े स्तर पर परेशानी हो रहे हैं। बिजली न आने से एक ओर बच्चों को शुरू हो चुकी गर्मी के कारण समस्या आ रही है तो साथ ही कोरोना काल के बाद काफी हद तक इंटरनेट पर यूट्यूब जैसे माध्यमों से पढ़ने के अभ्यस्त हो चुके बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी: नेपालियों से कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर उड़ाया माल, नेपाली ही गिरफ्तार…पूरे वर्ष इस तरह ही पढ़ने के बाद अब परीक्षा के समय इन माध्यमों के छूट जाने से बच्चे बुरी तरह से असहज हो गए हैं। इस संबंध में स्थानीय एसडीओ श्री पाठक ने स्वीकार किया कि जी-20 की बैठक की तैयारियों की कड़ी में चल रहे कार्यों की वजह से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है। व्यवस्थाओं को यथाशीघ्र सुचारू करने के प्रयास बड़े पैमाने पर किए जा रहे हैं। डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : डबल इंजन का फायदा: उत्तराखंड से केंद्र को बड़ा तोहफा, वरना आज से ही हो सकती थी उत्तराखंड की बिजली गुल !नवीन समाचार, देहरादून, 1 मार्च 2023। उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच केंद्र से उत्तराखंड के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र ने उत्तराखंड को 300 मेगावाट बिजली यानी 7.2 मिलियन यूनिट देने की सहमति दे दी है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार 28 फरवरी की रात को केंद्र की दी हुई राहत की अवधि खत्म हो गई थी, जिसे बढ़ा दिया है। यह भी पढ़ें : युवती को लड़कों के साथ जाना पड़ा भारी, कर दिया सामूहिक दुष्कर्म‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। 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कोटे से 12 जनवरी को उत्तराखंड को सभी राज्यों से अधिक 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली दी थी। लेकिन अतिरिक्त बिजली की अवधि 28 फरवरी को खत्म हो गई थी, जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ा दिया है। यदि केंद्र सरकार यह अवधि न बढ़ाती तो उत्तराखंड में बिजली संकट खड़ा हो सकता था और उत्तराखंड कोे मंहगे दामों पर अन्य राज्यों से बिजली खरीदनी पड़ती। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा, युकां कार्यकर्ताओं ने निभाई परिपाटी, युवाओं ने दोहराईं मांगें…वर्तमान में प्रदेश में बिजली की स्थिति पर नजर डाले तो उत्तराखंड को राज्य के पूल से यूजेवीएनएल यानी उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड) से 8 से 10 मिलियन यूनिट और केंद्र के सभी पूल से 18 से 20 मिलियन यूनिट मिल रही है। वहीं केंद्र और राज्य से कुल 28 से 31 मिलियन यूनिट मिल रही है। वहीं जरूरत की बात की जाए तो उत्तराखंड को 40 से 41 मिलियन यूनिट की जरूरत है। ऐसे में राज्य में औसतन 7 से 9 मिलियन यूनिट बिजली की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए टेंडर के जरिए 6 से 7 मिलियन यूनिट और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से रोजाना एक से तीन मिलियन यूनिट बिजली खरीदी जा रही है। डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : 25 वर्षीय आईएएस अंशुल भट्ट ने ग्राहक बनकर पकड़ा बिना पंजीकरण के चल रहा होटल और किया सील, प्रश्न-जनपद मुख्यालय में प्रशासन ऐसी ही स्थितियों में मौन क्यों...?यह भी पढ़ें : घरेलू उपभोक्ताओं को वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से भी अधिक महंगी मिल रही है बिजली-नैनीताल होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बिजली की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव का तार्किक आधार पर विरोध किया नवीन समाचार, नैनीताल, 24 फरवरी 2023। नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बिजली की दरों में प्रस्तावित वृऋि पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के समक्ष अपना विरोध दर्ज किया है। कहा है कि बिजली बिलों में फिक्स चार्ज, एडिशनल परचेज सरचार्ज, फ्यूल सरचार्ज आदि जैसे चार्जेज की बहुलता को खत्म किये जाने की मांग करते हुए बिजली मीटर में दर्शाई गई वास्तविक खपत का ही शुल्क लिया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें : नैनीताल : तीक्ष्ण ढाल वाले सीसी मार्ग पर दंपति की कार पलटीयह भी कहा कि घरेलू संयोजनों पर प्रथम 200 यूनिट पर विद्युत शुल्क प्रथम 400 यूनिट तक बढ़ाया जाए। वर्तमान में, घरेलू उपभोक्ता वास्तव में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से भी अधिक भुगतान कर रहे हैं, क्योंकि वाणिज्यिक शुल्क 5.90 रुपये है जबकी घरेलू शुल्क का उच्चतम स्लैब 6.55 रुपये है, इसलिए इस टैरिफ अनुसूची को उपभोक्ताओं के हित में सही करने की आवश्यकता है। साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग मासिक आधार पर होनी चाहिए न की दैनिक आधार पर। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की महिला ने नाबालिग किशोर के साथ बनाया पोर्न वीडियो, सोशल मीडिया पर डाला, मामला दर्ज..एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि राज्य पर्यटन का क्षेत्र उत्तराखंड राज्य में सबसे अधिक रोजगार सृजित करता है और राज्य सरकार के लिए बहुत अधिक राजस्व भी उपलब्ध करता है। यह उद्योग कोविड-19 महामारी के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राज्य पहले से ही राज्य में बिजली की दरें बहुत अधिक हैं। यह जनवरी 2021 में 5.75 रुपये से बढ़कर मई 2021 में 5.80 रुपये और फिर अप्रैल 2022 में 5.90 रुपये की गयी थीं। साथ ही नियत शुल्क भी जनवरी 2021 में 0.85 रुपये से बढ़कर मई 2021 में 0.90 रुपये और फिर अप्रैल 2022 में 0.95 रुपये हो गया है। ऐसे में बिजली की दरों में किसी भी बढ़ोत्तरी से राज्य में आतिथ्य उद्योग पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। यह भी पढ़ें : नैनीताल पुलिस ने 15 मिनट में ढूंढ निकाली गुमशुदा लड़की, योगी की पुलिस भी नैनीताल पुलिस की तेजी देखकर रह गई दंग…यह भी कहा कि राज्य में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फिक्स्ड चार्ज यानी नियत शुल्क स्वीकृत भार की जगह वास्तविक भार पर वसूला जाता है। वास्तविक भार स्वीकृत भार से अधिक होने पर, यूपीसीएल अतिरिक्त भार पर दोगुना नियत शुल्क वसूलता है। जबकि तार्किक रूप से नियत शुल्क वास्तविक मांग के अनुसार लगाया जाना चाहिए न की स्वीकृत भार पर। उपभोक्ता को वास्तविक खपत से अधिक भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, 1 सितंबर 2022 से 0.77 रुपये प्रति यूनिट की दर से एक ‘अतिरिक्त खरीद अधिभार’ भी लगाया गया है, जिससे कुल टैरिफ प्रति यूनिट अत्यधिक स्तर पर पहुंच गया है। डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : सुबह का सुखद काम का समाचार: बिजली जाए, उपकरण फुंकें तो उपभोक्ताओं को 10 गुना अधिक तक मिलेगा मुआवजा, 15 साल बाद बदले नियमनवीन समाचार, देहरादून, 5 नवंबर 2022। उत्तराखंड में आम उपभोक्ताओं को अब बिजली के नये संयोजन आवेदन करने के 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से देने होंगे। यदि संयोजन तय समय पर नहीं दिया गया तो यूपीसीएल उसके बाद उपभोक्ता को प्रतिदिन के हिसाब से पांच रुपये मुआवजा देगा। इसी तरह विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत उपभोक्ताओं को विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाले मुआवजे को अब तक प्रचलित दरों के सापेक्ष 10 गुना तक बढ़ा दिया है। यह भी पढ़ें : नैनीताल : नैनीताल: चेक बाउंस के मामले में एक वारंटी गिरफ्तारविद्युत नियामक आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष डीपी गैरोला और सदस्य एमके जैन की ओर से विद्युत नियामक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि विद्युत नियामक आयोग की ओर से यूपीसीएल के कार्य निष्पादन के नियमों में 15 सालों के बाद बदलाव कर उपभोक्ताओं को राहत देने के प्रयास किए गए है। समय की जरूरत और उपभोक्ताओं को सेवा समय पर सुनिश्चित करने के लिए कई नई सेवाओं को भी समय सीमा के भीतर लाया गया है। जबकि कई की अवधि को कम किया गया है। यह भी पढ़ें : शादी में हुए विवाद के बाद रिश्ते के मामा ने किया 21 वर्षीय भांजे का कत्ल….आयोग ने वोल्टेज की वजह से टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण फुंकने पर भी मुआवजा बढ़ा दिया है। 43 इंच से अधिक के कलर टीवी, पूरी तरह ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन, कम्प्यूटर, एयर कंडीश्नर, डिशवॉशर और 200 लीटर से अधिक का फ्रिज फूंकने पर अब मुआवजा 5000 रुपये कर दिया गया है। यह पहले अधिकतम पांच सौ रुपये था। इसी श्रेणी के छोटे या कम क्षमता के उपकरणों पर कम से कम एक हजार रुपये का मुआवजा तय किया है। यानी अब उपकरण फूंकने पर उपभोक्ताओं को एक हजार से पांच हजार रुपये तक मुआवजा मिलेगा। यह भी पढ़ें : चिंताजनक : 46 वर्षीय शिक्षक कक्षा में पढ़ाते-पढ़ाते गिर पड़े, हुई हृदयाघात से मौत….इसके अलावा विद्युत संयोजन धारक का नाम बदलने के लिए दो माह का समय तय किया गया है। इस अवधि में न करने पर यूपीसीएल को उपभोक्ता को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा अदा करना होगा। नियमों में किए गए बदलाव राज्य में लागू हो गए हैं। उपभोक्ता एसडीओ कार्यालय को अपनी शिकायत कर सकते हैं। आयोग ने नौ माह के भीतर शिकायतों के लिए ऑन लाइन सिस्टम तैयार करने को कहा है। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड हाईकोर्ट के स्थानांतरण के विरोध में जुलूस की तैयारियां और लामबंदी तेज, बार के पूर्व अध्यक्ष व सांसद का भी समर्थन..मीटर खराबी की शिकायत पर 30 दिन के भीतर टेस्टिंग करनी होगी। इसके बाद जरूरी होने पर 15 दिन के भीतर मीटर बदलना होगा। ऐसा न करने पर 50 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। इसी तरह फ्यूज उड़ने पर राज्य के शहरी क्षेत्रों में चार घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में आठ घंटे और ऐसे पर्वतीय क्षेत्र जो सड़क से नहीं जुड़े हैं वहां 12 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति सुचारु करनी होगी। ऐसा नहीं हो पाता तो उपभोक्ताओं को मुआवजा देना होगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : कल गुल रहेगी नैनीताल की बिजली, जानें क्यों, कहां-कहां और कितने समय…?डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्तूबर 2022। नैनीताल जनपद के करीब-करीब पूरे पर्वतीय क्षेत्र की बिजली शुक्रवार को गुल रहेगी। विद्युत विभाग की ओर से इस संबंध में उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों में एसएमएस भी भेजे गए हैं, और बताया है कि 14 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से अपराह्न पांच बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड ब्रेकिंग: आईपीएस अधिकारियों के तबादले…इधर विद्युत वितरण खंड के उप खंड अधिकारी पर्यंक पांडे ने बताया कि पिटकुल के द्वारा कल मेहरागांव स्थित 132केवीए उपकेंद्र में अनुरक्षण का कार्य किया जाना है। इसलिए नैनीताल विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत नैनीताल, भवाली, भीमताल के साथ ज्योलीकोट, ओखलकांडा, धारी, रामगढ़, कोश्यांकुटौली, मुक्तेश्वर आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : जुड़ा स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन, फिर रोशन हुई सरोवरनगरी…-पालिका ने विद्युत विभाग को दिए 5 लाख डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2022। बीते सप्ताह से बिलों को भुगतान न होने के कारण विद्युत विभाग द्वारा काट दी गई नगर की स्ट्रीट लाइटों के संयोजन को बुधवार को फिर से जोड़ दिया गया है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता तरुण कुमार एवं अधिशासी अभियंता हारून रशीद ने पूछे जाने पर बताया कि नगर पालिका की ओर से संयोजन जोड़ने लिए अनुरोध किया गया था।साथ ही टोकन मनी के रूप में विभाग में 5 लाख रुपए जमा करवाए गए, एवं शेष धनराशि के बिलों को शासन को भेजने की पहल की है। श्री रशीद ने कहा, अब तक नगर पालिका बिलों को शासन को भेजने की पहल भी नहीं कर रही थी। लिहाजा जनहित को देखते हुए विद्युत संयोजन जोड़ दिया गया है।उन्होंने बताया कि गत दिनों 3.32 करोड़ रुपए के बिलों के अवशेष होने की वजह से स्ट्रीट लाइटों के संयोजन को काट दिया गया था। अलबत्ता, इस बारे में बात करने के लिए नगर पालिका के अधिकारियों ने हमेशा की तरह फोन नहीं उठाया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : 3.32 करोड़ के बिल न चुकाने से नैनीताल की स्ट्रीट लाइटें ठप, नगर पालिका की बिल चुकाने की जगह कार्यालय में तालाबंदी की धमकीडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2022। सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के करीब आते पथ प्रकाश व्यवस्था ठप हो गई है। इससे रात्रि में नगर के सभी मार्गों पर अंधेरा छा गया है। ऐसा इसलिए कि विद्युत विभाग ने नगर पालिका द्वारा पथ प्रकाश व्यवस्था के 3.32 करोड़ रुपए के विद्युत बिल शेष होने के कारण नगर पालिका द्वारा 17 स्थानों से संचालित स्ट्रीट लाइटों के विद्युत संयोजन काट दिए हैं।ठंडी सड़क पर रात में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।इस पर पहले ही शासन से पूरी धनराशि मिलने के बावजूद बुरी आर्थिक स्थिति से गुजर रही और अपने कर्मियों को वेतन व मानदेय ही न दे पा रही नगर पालिका एक और समस्या में फंस गई है। अलबत्ता बहाना बनाया जा रहा है कि विद्युत विभाग का कार्यालय नगर पालिका के भवन में है, और नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत विद्युत विभाग के 41 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनका 1997 से विद्युत विभाग द्वारा नगर पालिका को करीब 20 लाख 99 हजार 375 रुपए बिल नहीं दिया गया है। नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी की ओर से कहा गया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर विद्युत विभाग यह धनराशि नहीं चुकाता है तो विद्युत विभाग के कार्यालय में नगर पालिका की ओर से ताले डाल दिए जाएंगे।जबकि दूसरी ओर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता हारून रशीद का कहना है कि नगर पालिका की ओर से इस धनराशि का कोई बिल या पत्र या नोटिस उन्हें प्राप्त ही नहीं हुआ है। यानी एक ओर नगर पालिका अपने बिल ही नहीं दे पा रही है, और न दूसरे विभागों को बिलों का भुगतान ही कर पा रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : खुशखबरी ! अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह राजस्व पोर्टल शुरूयह भी पढ़ें : बिजली का करंट लगने से 11 वर्षीय बालक की मौतनवीन समाचार, हल्द्वानी, 16 जनवरी 2022। शहर में बिजली का करंट लगने से झुलसे एक बालक की एसटीएच में उपचार के दौरान मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजीव नगर खटीमा निवासी 11 वर्षीय शिव राठौर पुत्र रूप नारायण शनिवार को बिजली के करंट की चपेट में आकर झुलस गया था। उसे उपचार के लिए डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय लाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सालय प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : बिजली का झटका लगने से 40 वर्षीय कर्मी हुआ घायल, हायर सेंटर रेफरप्रतीकात्मक चित्रडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2022। जिला मुख्यालय की भवाली रोड पर पाइन्स क्षेत्र में बिजली के पोल में काम करने के दौरान एक 40 वर्षीय कर्मी बिजली का झटका लगने से जमीन पर गिरकर घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां पर उसके सिर आदि में लगी चोटों को देखते हुए उसे सीटी स्कैन व अन्य जांचों के लिए हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलतः सौड़ निवासी व वर्तमान में नगर के सूखाताल क्षेत्र में रहने वाले स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत विद्युत विभाग में कार्यरत 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह बिष्ट गुरुवार को भवाली रोड स्थित पाइन्स क्षेत्र में बिजली के पोल पर काम कर रहा था। इस बीच उसे बिजली का जोरदार झटका लग गया। इससे वह करीब 15-20 फिट की ऊँचाई से जमीन पर आ गिरा।गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई और नाक-मुह से खून भी निकने लगा। उसे तत्काल ही मौके पर मौजूद विद्युत कर्मियों व अन्य की मदद से जिला चिकित्सालय लाया गया। जहा पर उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद स्थिति गम्भीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया।विद्युत विभाग के एसडीओ पर्यक पांडे ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कर्मी स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत कार्यरत है। वह खतरे से बाहर है। अपने पैरों पर चल-फिर व बोल रहा है। सीटी स्कैन की ओर से उसे विभागीय मदद के साथ हल्द्वानी ले जाया जा रहा है। वहीं ईएमओ डॉ. हिमानी पलाडिया ने बताया कि ऊँचाई से गिरने के कारण राजेंद्र सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है। उसे प्राथमिक उपचार देकर स्थिति गंभीर होने के कारण हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : करीब 20 घंटे बाद बिजली कर्मियों की हड़ताल समाप्त, जानें कैसे हुई हड़ताल समाप्त…नवीन समाचार, देहरादून, 27 जुलाई 2021। सरकार द्वारा दिन में एस्मा यानी अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम लगाने के बाद बिजली कर्मचारियों की हड़ताल करीब 20 घंटों बाद ही समाप्त हो गई है। सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने के बाद यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के कर्मचारियों में काफी गुस्सा देखा गया, लेकिन काफी मान मनोव्वल के बाद उनका गुस्सा ठंडा पड़ गया और वे हड़ताल को समाप्त करने पर राजी हो गए।उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 14 सूत्री मांगों को लेकर 3500 से ज्यादा बिजली कर्मचारियों ने मध्य रात्रि से हड़ताल शुरू कर दी थी। इससे जगह-जगह बिजली की आपूर्ति बाधित होने की खबरें आने लगीं। इस पर प्रदेश की ऊर्जा सचिव सौजन्या ने एस्मा का आदेश जारी किया। वहीं दूसरी ओर पहले एमडी स्तर पर बिजली कर्मचारियों से वार्ता हुई, और फिर करीब तीन घंटे तक ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत से वार्ता हुई। वार्ता के बाद ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने सभी मांगों को पूरा करने के लिए एक माह का समय मांगा है।वार्ता के बाद मोर्चा के संयोजक इंसारुल हक ने मीडिया के सामने हड़ताल स्थगित करने का एलान कर दिया। लेकिन इस पर कई संगठन असहमत होते हुए बाहर चले गए। इस असहमति के बवाल को थामने के लिए मोर्चा की बैठक दोबारा बुलाई गई। बैठक में कहा गया कि जब तक ऊर्जा मंत्री से बातचीत के ब्यौरे लिखित में नहीं आएंगे, तब तक वह हड़ताल जारी रखेंगे। रात करीब साढ़े नौ बजे तीनों निगमों के एमडी के हस्ताक्षर हुए मिनट्स आए, जिस पर कर्मचारी नेताओं ने भी हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद हड़ताल पूर्ण रूप से स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। हड़ताल खत्म होते ही बिजली कर्मचारी अपने काम पर लौटने लगे। देर रात तक कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति सुचारु हो गई थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : विद्युत कर्मियों की हड़ताल के बाद कमोबेश सुचारू रही विद्युत आपूर्ति, डीएम ने संभाली कमान…डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल ने विद्युत कर्मियों की सोमवार रात्रि से शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल के दृष्टिगत जनपद के सभी विद्युत सब स्टेशन यानी बिजली घरों को सही से संचालित करने एवं उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति न होने देने के लिए कमान संभालते हुए वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्य अभियंता विद्युत, राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। इस हेतु मुख्य अभियंता विद्युत पुलिस की मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही डीएम ने विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है। संभवतया इसके प्रभाव से ही पहले दिन कुछ क्षेत्रों में प्रभावित होने के अलावा मुख्यालय में विद्युत आपूर्ति आम तौर पर सुचारू रही।डीएम ने बैठक में विद्युत विभाग को मांग के अनुसार आईटीआई तथा उपनल के माध्यम से कुशल सबस्टेशन ऑपरेटरों की तैनाती हेतु सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश उप जिलाधिकारी हल्द्वानी एवं सब स्टेशनों की सुरक्षा हेतु मांग अनुसार पुलिस बल मुहैया कराने के निर्देश भी एसपी सिटी हल्द्वानी को दिये हैं। इसके अलावा उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में ट्यूबवेल तथा फिल्टरेशन प्लांटों को सफतापूर्वक संचालित करने के लिए वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के रूप में 20 से 25 विद्युत जनरेटरों एवं पेयजल की आपूर्ति के लिए 60 टैंकरों की व्यवस्था करने को भी कहा। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी जल संस्थान के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाये रखने के निर्देश भी दिये। वीसी में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, एडीएम अशोक जोशी, मुख्य अभियंता विद्युत श्री गर्ब्याल, एसई जल संस्थान विशाल कुमार सक्सेना, एसडीएम विनोद कुमार, गौरव चटवाल, विजयनाथ शुक्ल, मनीष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह, ईई जल संस्थान संतोष उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।विद्युत कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किया प्रदर्शन नैनीताल। 14 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल के तहत मुख्यालय के ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मुख्यालय में भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मल्लीताल स्थित कार्यालय में कर्मचारियों ने मंगलवार को बैठक कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से संगठन पुरानी पेंशन योजना लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने, कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार भत्ते देने, अभियंता व अवर अभियंता संवर्ग में नियमित भर्ती करने, तीनों निगमों में उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मियों को वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता दिए जाने, अवर अभियंताओं के ग्रेड पे बढ़ाने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। मगर सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि कार्य बहिष्कार के दौरान यदि विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो सरकार ही उत्तरदाई होगी। इस दौरान रघुनाथ सिंह, उमेश मेहता, रमेश सिंह, दीप, अर्चना, विनोद सिंह, योगिता भाकुनी, विनोद, रमेश बिष्ट, नवीन, हरीश भट्ट, गजेंद्र, राजू, सूरज, रमेश चंद्र, देवेंद्र कुमार, सुरेंद्र, पानू, रुबीन खान आदि कर्मी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : केजरीवाल पर हरीश रावत का तंज, ऐसे तो हम 400 यूनिट बिजली मुफ्त दे देते…डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2021। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक दिन पूर्व उत्तराखंड वासियों को 300 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा करने वाले आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को कटघरे में खड़ा करते हुए ऐसा घेरा है कि शायद वह जवाब ही न दे पाएं। केजरीवाल पर तंज कसते हुए रावत ने लिखा है, ‘उत्तराखंड में 300 यूनिट बिजली प्रति परिवार फ्री देने का वादा। दिल्ली में मुख्यमंत्री के रूप में श्री केजरीवाल जी का यह दूसरा टर्म है और वहां लोगों को केवल 200 यूनिट तक बिजली फ्री दी जा रही है। 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर पूरा बिल वसूल किया जाता है। सनद रहे दिल्ली में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से 7 रुपया 75 पैसा पर यूनिट बिजली का बिल वसूला जाता है, जबकि उत्तराखंड में 5 रुपया 80 पैसा देना पड़ता है। फिर दिल्ली की आमदनी और उत्तराखंड की आमदनी का कोई मुकाबला नहीं है। यदि उत्तराखंड का बजट भी दिल्ली के वार्षिक बजट के बराबर हो तो कांग्रेस 400 यूनिट तक बिजली का बिल माफ कर देगी। राज्य के संसाधनों को देखकर हमारा वादा है कि सत्ता में आने के वर्ष 100 यूनिट और दूसरे वर्ष में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देंगे।’ आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।श्री केजरीवाल उपवाच्:! #उत्तराखंड में 300 यूनिट बिजली प्रति परिवार फ्री देने का वादा। #दिल्ली में मुख्यमंत्री के रूप में श्री @ArvindKejriwal जी का यह दूसरा टर्म है और वहां लोगों को केवल 200 यूनिट तक #बिजली फ्री दी जा रही है। 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर 1/2 pic.twitter.com/NL9JEnvOpP— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) July 11, 2021यह भी पढ़ें : धामी सरकार की घोषणा से ‘आप’ को लगा करंट ! केजरीवाल दून पहुंचे, ‘बड़ा चारा’ डालने की की कोशिश !!नवीन समाचार, देहरादून, 11 जुलाई 2021। धामी सरकार के आते ही राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने राज्य में 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा क्या की, लगता है आम आदमी पार्टी को सबसे पहले ‘करंट’ लग गया है। राज्य में सियासी जमीन तलाशने में लगी पार्टी के प्रमुख दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तत्काल ही सिर्फ बिजली के मुद्दे को लेकर देहरादून पहुंच गए और राज्य की जनता को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ‘बड़ा चारा’ डालते हुए राज्य में अपनी सरकार आने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा कर दी। खुद बताया कि दिल्ली में 200 यूनिट ही बिजली मुफ्त दे रहे हैं। फिर उत्तराखंड पर यह दरियादिली क्यों ? पहले जहां सत्ता में हैं, वहां दे दें।यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में नई समस्या बने नीले ड्रम, ‘देशी गीजर’ बनाकर हो रही बिजली चोरी, रुड़की ऊर्जा निगम की कार्रवाई में 148 नीले ड्रम बरामद...बोले, दिल्ली में 200 यूनिट खर्चने वाले को मुफ्त और 200 से 400 यूनिट खर्चने वालों को 50 फीसद छूट दे रहे हैं, इसलिए यहां 200 व 400 का औसत 300 यूनिट देंगे। साथ ही कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर गलत व बड़े बिल आए हैं, इसलिए पुराने बिजली के बिल माफ करने, किसानों को मुफ्त बिजली देने और 24 घंटे बिजली देने का वादा भी किया। बिजली के अलावा कोई बड़ा वादा नहीं किया, मानो उत्तराखंडवासियों की सबसे बड़ी समस्या बिजली के बिल ही हों। राज्य में और कोई समस्या ही न हो। गौरतलब है कि राज्य में नई-नई आम केजरीवाल की पार्टी केवल हर मुद्दा लपकने, हर छोटे-बड़े आंदोलन में खुद भी घुसने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि खुद को जनता की समस्याओं में खुद को साझीदार बताने का ढोंग कर सकें।Uttarakhand के लिए Kejriwal जी की 4 बड़ी गारंटी‼️AAP की सरकार बनने के बाद देवभूमि के लोगों को –⚡हर महीने 300 Unit Bijli Free⚡पुराने बिजली Bill माफ होंगे⚡24 घंटे Electricity देंगे⚡किसानों को मुफ़्त बिजली मिलेगी– CM @ArvindKejriwal#KejriwalKiBijliGuarantee⚡ pic.twitter.com/IzeG1R8EhT— AAP (@AamAadmiParty) July 11, 2021(डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : मुफ्त बिजली का कितना मिलेगा आमजन को लाभ ? उत्तराखंड में चल पायेगा दिल्ली का फॉर्मूला ?डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2021। उत्तराखंड सरकार राज्य वासियों को 100 यूनिट बिजली देना का जल्दी ही ऐलान कर सकती है। इसकी कवायद शुरू हो गई है। बुधवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव बनाने को कहा। इसके बाद इस दिशा में विभागीय अधिकारियों ने होमवर्क शुरू कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार सरकार घरेलू उपभोक्ताओं से प्रतिमाह उनके द्वारा खर्च की जाने वाली 100 यूनिट बिजली का शुल्क नहीं लेगा। इसका मतलब है कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली का खर्च प्रतिमाह 100 यूनिट यानी हर दो माह में आने वाले बिल में 200 यूनिट आएगा, उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। वहीं इससे अधिक यूनिट खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 200 के अलावा शेष यूनिट का ही शुल्क देना होगा। यानी यदि कोई उपभोक्ता दो माह में 400 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो उसे 200 यूनिट का ही शुल्क देना होगा।बताया गया है कि राज्य के करीब 13 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 100 से 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली खर्च के दायरे में आते हैं। वहीं करीब सात लाख उपभोक्ता हैं तो प्रतिमाह 100 यूनिट तक ही खर्च करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को कोई शुल्क नहीं देना होगा। इस तरह जिन परिवारों का खर्च 100 यूनिट तक था, उनका बिल अभी करीब 400 रुपये का आता है। उन्हें हर महीने 400 रुपए की बचत होगी। जल्द की मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव लाया जा सकता है, जिसके बाद यह योजना लागू हो सकती है। देखने वाली बात होगी कि सरकार फिक्स्ड चार्जेज पर कहीं अधिक पैंसा न ले ले। उल्लेखनीय है कि बिलों में विद्युत विभाग भी खेल करता है। एक की जगह दो माह के बिल साथ आते हैं। अभी सामान्य बिलों पर 190 रुपए फिक्स्ड चार्जेज लिए जा रहे हैं। साथ ही 100 यूनिट प्रतिमाह तक 1.75 रुपए एवं इससे अधिक पर 2.8 रुपए की दरें हैं। आगे देखने वाली बात होगी कि सरकार इस पर क्या स्थिति साफ करती है।गौरतलब है कि दिल्ली में अभी 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है। वहां प्रतिमाह 100 से अधिक खर्च करने वालों को बिलों में 50 फीसद की ही छूट दी जा रही है। आम आदमी पार्टी चुनाव में 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का वादा भी कर सकती है, जबकि कांग्रेस की ओर से हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर शुरुआत में 100 एवं बाद में 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी और सुनिश्चित किया जाएगा कि बिजली कटे नहीं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़ें : जिला मुख्यालय के निकट के दर्जन भर गांवों में पिछले 4 दिनों से बिजली नहीं, ग्रामीण मंगलवार को करेंगे ईई का घेराव-प्रदर्शननवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2021। मुख्यालय के निकटवर्ती दर्जन भर गांवों में पिछले चार दिनों से बिजली नहीं है। इससे इन गांवों की करीब 8 हजार की आबादी पिछले चार दिनों से बिजली की सुविधा से वंचित है। इससे परेशान व आक्रोशित क्षेत्रीय लोगों ने अब मंगलवार सुबह तक बिजली न आने पर मंगलवार को मुख्यालय में विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता घेराव व धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।क्षेत्र के पूर्व प्रधान दिनेश बुधलाकोटी ने बताया कि गत 16 अप्रैल को आए आंधी-तूफान से गैरीखेत-चारखेत के पास पोल गिरने से गैरीखेत, कुड़, अधौड़ा, सौन, खमारी, पिनोनिया, तल्ला व मल्ला बगड़, दोनियाखान, महरोड़ा, हरियाल, पाली, पंगोट, घुघूखान, सिगड़ी, विनायक, बांसी, सौड़ व सल्बा आदि गांवों में बिजली नहीं है। ग्रामीणों की ओर से प्रेस को जारी ग्राम प्रधान महरोड़ा खीमानंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश बिष्ट, प्रधान-बुधलाकोट ललित चंद्र, प्रधान बगड़ भगवती आर्य, प्रधान घुघू सिगड़ी मोहन अधिकारी, दिनेश चंद्र, रोहित, संजय व मोहित आदि की ओर से भी मंगलवार को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई है।यह भी पढ़ें : उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरें बढ़ाने पर नैनीताल में ली जनता की राय, 7 से 12 फीसद तक बढ़ सकती हैं दरें, एनएचआरए ने भी दिया सुझावनवीन समाचार, नैनीताल, 06 अप्रैल 2021। उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार मंगलवार को नैनीताल क्लब के शैले हॉल में यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल, एसएलडीसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सहीकरण, वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए दायरएआरआर एवं टैरिफ याचिकाओं पर जनसुनवाई की। उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष डीपी गैरोला की अध्यक्षता में आयोजित हुए जन सुनवाई कार्यक्रम में 15 लोगों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव एवं मत रखे। अधिकांश उद्यमियों एवं व्यक्तियों ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत विद्युत दरें न बढ़ाने, डिफॉल्टर उपभोक्ताओं हेतु प्रीपेड मीटर लगवाने, टाइम से बिल जारी करने एवं बिलिंग सिस्टम को डिजिटलाइज करने तथा कन्टीनीयस चार्ज को कम एवं नगण्य करने की मांग करते हुए अपने मत एवं तर्क रखे। आगे बताया गया कि आयोग द्वारा अगली सुनवाई 10 अप्रैल को आयोग के देहरादून स्थित मुख्यालय में उद्योग व गैरघरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु प्रातः 10.30 बजे से अपरान्ह एक बजे तक तथा अन्य शेष सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु अपरान्ह 3 से 5 बजे तक की जायेगी। आयोग द्वारा सभी पक्षों को सुनने एवं जानने के पश्चात जनहित में बेहतर निर्णय लिया जायेगा। जन सुनवाई में आयोग के सदस्य तकनीकि मनोज कुमार जैन, सचिव नीरज सती, वित्त निदेशक दीपक पाण्डे, निदेशक रजनीश माथुर, उप निदेशक दीपक कुमार सहित उद्यमि, होटल व्यवसायी, अन्य अधिकारी, नागरिक उपस्थित थे।बढ़ सकती हैं बिजली की दरें नैनीताल। गौरतलब है कि यूपीसीएल ने गत वर्ष की ट्रू-अप से सम्बन्धित एक तिहाई राजस्व की कमी (323.78 करोड़) की वसूली प्रस्तावित करते हुए वर्ष 2021-22 की एआरआर तथा विद्युत दरों में वृद्धि अनुमानित की है। इसी प्रकार यूपीसीएल ने वर्तमान में उपभोक्ताओं पर लागू विद्युत दरों में 4.56 प्रतिशत औषत वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। पिटकुल, एसएलडीसी, एवं यूजेवीएनएल ने भी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अपनी एआरआर एवं टैरिफ पिटीशन आयोग के समक्ष प्रस्तुत की है, यदि आयोग द्वारा इनके दावे स्वीकार किये जाते हैं तो उपभोक्ताओं के लिए बिजलीे की दरों में 7.34 फीसद की वृद्धि होगी। वहीं यदि रेग्यूलेटरी एसेट्स अनुमोदित नहीं की जाती है तो दरों में 16.20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।एनएचआरए ने दिया दरों में कमी का सुझाव नैनीताल। नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष विद्युत दरों से संबंधित जनसुनवाई में अपनी आपत्ति लिखित रूप में दी। एसोसिएशन का कहना था कि लगभग 50 प्रतिशत रोजगार देने वाले पर्यटन कारोबारी विशेष कर नैनीताल में पिछले कुछ सालों से काफी परेशानी से उबरने की कोशिश में थे, लेकिन कोरोना महामारी ने पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। इस परेशानी से निकलने के लिए पर्यटन उद्योग को किसी भी प्रकार की राहत ना तो केंद्र सरकार ने दी है ना राज्य सरकार ने। एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि विद्युत दरों में अलग-अलग मद जैसे न्यूनतम व नियत दरों की जगह पर केवल मीटर रीडिंग के आधार पर बिल दिया जाये। उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश भी कहा जाता है। कुछ वर्षो से जलविद्युत के क्षेत्र में काफी बढ़ोतरी हुई है, और इसका मूल्य भी किफायती है। इसलिए राज्य में विद्युत दरों में यथासंभव कमी की जानी चाहिए जिससे पर्यटन उद्योग को थोड़ी राहत मिल सके।यह भी पढ़ें : राज्य में 16 फीसद तक बढ़ सकती है बिजली की दर, जल्द नैनीताल-दून में होगी जनसुनवाईनवीन समाचार, देहरादून, 27 मार्च 2021। उत्तराखंड में विद्युत नियामक आयोग वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए जल्द बिजली की नई दरें निर्धारित कर सकता है। बताया गया है कि यूपीसीएल ने आयोग से बिजली की दरों में 13.25 फीसद की बढ़ोतरी की मांग की है। वहीं यूजेवीएनएल ने 1.96 फीसद और पिटकुल ने आयोग से 0.82 की बढ़ोतरी की मांग की है। जिसके हिसाब से तीनों निगमों ने नियामक आयोग से कुल 16.20 फीसद की बढोतरी का प्रस्ताव करते हुए ‘टैरिफ पिटिशन’ दाखिल की है। इस तरह माना जा रहा है कि राज्य में बिजली की दरों में करीब 16 फीसद की वृद्धि हो सकती है। इसके लिए आयोग पिछले वर्षों की चार की जगह इस वर्ष केवल दो जनसुनवाइयां कर जनता की राय लेगा। एक सुनवाई आगामी 6 अप्रैल को नैनीताल में और दूसरी जनसुनवाई देहरादून के उत्तराखंड नियामक आयोग के देहरादून स्थित कार्यालय में होगी। इसमें एक सुनवाई में उद्योग से जुड़े लोगों एवं दूसरी सुनवाई में आम जनता के साथ वाणिज्यिक उपभोगताओं को रखा गया है।गौरतलब है कि आमतौर पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग हर वर्ष मार्च में बिजली की दरों को तय करता है लेकिन बताया गया है कि इस वर्ष कोरोना के चलते ये नहीं हो पाया। इस वजह से इस बार बिजली की दरें अप्रैल महीने में घोषित होंगी। इसके लिए नियामक आयोग दाखिल पिटिशन पर जनता से राय लेगा। इसके लिए दो जनसुनवाई की जाएगी। वहीं नियामक आयोग के तकनीकी सदस्य एमके जैन का कहना है कि पिछले सालों में राज्य में 4 जन सुनवाई की जाती थी, जिनमें 2 कुमाऊ मंडल और 2 सुनवाई गढ़वाल मंडल में होती थी। लेकिन इस बार दो ही जन सुनवाई की जाएगी।यह भी पढ़ें : बिजली की बढ़ी दरों के दृष्टिगत किस्तों में बिल भुगतान की नई मांगनवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2021। बिजली की दरों में भारी वृद्धि का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से डीएम धीराज गर्ब्याल को एक ज्ञापन सोंपकर बिलों का भुगतान किस्तों में लेने की व्यवस्था करने की मांग की है। पूर्व विधायक सरिता आर्य, भवाली के कांग्रेस नगर अध्यक्ष हितेश साह व चंद्रा आर्य द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि बढ़ी दरों की वजह से काफी बड़े बिल आ रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र बेतालघाट की जनता बड़े बिजली के बिलों से परेशान हैं और बिलों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए किस्तों में बिलों का भुगतान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।यह भी पढ़ें : नैनीताल में हाई वोल्टेज से लाखों के विद्युत उपकरण फुंके, केबल प्रसारण भी अवरुद्धनवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2021। जिला मुख्यालय के मल्लीताल क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक बिजली की हाई वोल्टेज आने से लोगों के लाखों के विद्युत उपकरण फुक गए हैं। साथ ही शहर के बड़े हिस्से में केबल टीवी का प्रसारण भी बंद हो गया है। नगर के मल्लीताल कमेटी लाइन क्षेत्र के क्षेत्रीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम करीब 7 बजे अचानक हाई वोल्टेज आने के कारण कुछ ही सेकंडों के अंतराल में लोगों के घरों के अधिकांश बल्ब और ट्यूबलाइट फुक गए। क्षेत्रीय निवासी गुड्डू ठठोला ने बताया कि उनके घर में ट्यूबलाइट एवं बल्बों के अलावा एक्वेरियम भी फूंक गया। इस कारण एक्वेरियम में रह रही दर्जनभर मछलियां भी झटके से मर गईं, वही एक मीडिया कर्मी के घर में भी फ्रिज सहित अनेक विद्युत उपकरण फुकने का समाचार है। इसी तरह नगर में केबल टीवी संचालित करने वाले विजय साह के केबल टीवी से संबंधित कुछ उपकरण भी फूंक गए हैं। इस कारण नगर में नगर के बड़े हिस्से में केबल टीवी का प्रसारण भी बंद हो गया है। वहीं इस बारे में पूछे जाने पर विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने बताया कि संभवतया लोगों द्वारा सर्दी के कारण हीटर इत्यादि से अधिक लोड लिए जाने के कारण न्यूट्रल की तार फुक गई थी। संभवतया इस दौरान ही घरों में विद्युत उपकरण फुके हैं। उन्होंने बताया कि लाइन को फिलहाल सुचारू कर दिया गया है।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationBad news for Rahul Gandhi from Uttarakhand-30 March : राहुल गांधी के लिए उत्तराखंड से भी बुरी खबर, दर्ज हुआ मुकदमा IPL live
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