(Kumauni-Garhwali and Jaunsari Integrated into AI
इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, देहरादून, 9 जनवरी 2026 (Deepfake videos of PM and CM)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) से जुड़ा एक नया और गंभीर घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) तकनीक के दुरुपयोग को लेकर साइबर अपराध पुलिस (Cyber Crime Police) ने बृहस्पतिवार को दो अलग-अलग प्राथमिकी (First Information Report – FIR) दर्ज की हैं।

पहली शिकायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) के कथित डीपफेक (Deepfake) वीडियो जारी करने का आरोप है, जबकि दूसरी शिकायत में एक सोशल मीडिया मंच (Social Media Platform) की एआई तकनीक से महिलाओं सहित सामान्य नागरिकों की तस्वीरें अश्लील बनाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संवेदनशील हत्याकांड की जांच, सामाजिक शांति, महिलाओं की गरिमा और डिजिटल सुरक्षा जैसे विषय सीधे प्रभावित हो सकते हैं।

एआई तकनीक के दुरुपयोग पर दो शिकायतें, एसटीएफ ने सौंपी जांच

(Deepfake videos of PM and CM) PM Modi Deepfake: डीपफेक को लेकर टेंशन में PM मोदी, लोगों से कर दी ऐसी अपीलशिकायतकर्ताओं ने स्वयं को आम सजग नागरिक बताया है। उनका कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील प्रकरण में भ्रामक वीडियो प्रसारित करना और किसी भी व्यक्ति की तस्वीर को एआई के माध्यम से अश्लील रूप में बदल देना, समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक है। विशेष कार्यबल (Special Task Force – STF) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police – SSP) नवनीत सिंह (Navneet Singh) ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर विशेषज्ञ टीम को जांच सौंपी गई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर एआई तकनीक के दुरुपयोग में शामिल सोशल मीडिया मंच के विरुद्ध अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चेहरे और आवाज की हूबहू नकल, पीएम-सीएम के नाम पर फर्जी वीडियो का आरोप

पहली प्राथमिकी सहस्रधारा रोड (Sahastradhara Road) निवासी रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की शिकायत पर दर्ज की गई है। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ‘सुमित्रा भुल्लर’ (Sumitra Bhullar) नामक फेसबुक प्रोफाइल (Facebook Profile) के माध्यम से एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत एआई और डीपफेक का उपयोग करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे व आवाज की हूबहू नकल तैयार की गई। शिकायत के अनुसार इस फर्जी वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तथ्यहीन और आपत्तिजनक बयान दिखाए गये हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

रोहित शर्मा ने बताया कि वह पेशे से व्यापारी हैं और उनका किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने एक जागरूक नागरिक के रूप में शिकायत दर्ज कराई, क्योंकि इस तरह के भ्रामक वीडियो संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और समाज में आक्रोश फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की स्थिति पैदा कर सकते हैं। क्या यह तकनीक समाज को सच से दूर ले जा रही है—यह प्रश्न अब और गंभीर हो गया है।

ग्रोक एआई पर अश्लील सामग्री बनाने का आरोप, कार्रवाई की मांग

दूसरी प्राथमिकी ऋषिकेश (Rishikesh) के गुमानीवाला (Gumaniwala) निवासी संजय सिंह राणा (Sanjay Singh Rana) आयु 33 वर्ष की शिकायत पर दर्ज की गई है। उन्होंने एक्स मंच (X Platform, पूर्व में ट्विटर – Formerly Twitter) पर उपलब्ध ‘ग्रोक एआई’ (Grok AI) के विरुद्ध शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि चैटजीपीटी (ChatGPT) सहित अन्य कई मंच कानून और साइबर सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं तथा किसी व्यक्ति की तस्वीर को नग्न या अश्लील बनाने के निर्देशों को अवैध बताकर अस्वीकार कर देते हैं,

Grok companions include flirty anime 'waifu,' anti-religion pandaलेकिन ग्रोक एआई ऐसे निर्देश स्वीकार कर रहा है। शिकायत में कहा गया कि इस कारण सामान्य नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की तस्वीरों को डिजिटल रूप से नग्न और अश्लील रूप में परिवर्तित कर प्रदर्शित किया जा रहा है। यह स्थिति महिलाओं की गरिमा और निजता पर सीधा हमला है और डिजिटल अपराधों को बढ़ावा देने वाली मानी जा रही है।

यह प्रकरण महिलाओं की सुरक्षा, डिजिटल अधिकार, आईटी कानूनों और साइबर सुरक्षा नीति से भी जुड़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ऐसे औजारों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो साइबर उत्पीड़न, डिजिटल बदनामी और मानसिक पीड़ा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित न्याय तक कैसे पहुंचेगा—यह भी एक बड़ा प्रश्न है।

एसआईटी ने तेज की जांच, पूर्व विधायक सुरेश राठौर से साढ़े पांच घंटे पूछताछ

अंकिता हत्याकांड:जमानत मिलने के बाद एसआईटी के सामने पेश हुए पूर्व विधायक  राठौर, साढ़े पांच घंटे हुई पूछताछ - Ankita Bhandari Case Former Mla Suresh  Rathore Presented ...इसी बीच अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो प्रकरण की जांच भी तेज हो गई है। विशेष जांच दल (Special Investigation Team – SIT) ने शुक्रवार को सेक्टर चार स्थित सीआईयू कार्यालय (CIU Office) में पूर्व विधायक सुरेश राठौर (Suresh Rathore) से लंबी पूछताछ की। एसआईटी प्रमुख अभय सिंह (Abhay Singh) के नेतृत्व में हुई पूछताछ में लक्सर के क्षेत्राधिकारी (Circle Officer – CO) नताशा सिंह (Natasha Singh) और निरीक्षक आरके सकलानी (RK Saklani) भी उपस्थित रहे। दोपहर लगभग दो बजे शुरू हुई पूछताछ शाम साढ़े सात बजे तक चली, जिसमें पूर्व विधायक से 100 से अधिक प्रश्न पूछे गये और बयान दर्ज किए गये।

एक दिन पहले बृहस्पतिवार को एसआईटी ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर (Urmila Sanawar) से भी सीआईयू कार्यालय में लगभग सवा पांच घंटे पूछताछ की थी। एसआईटी अधिकारियों के अनुसार वायरल ऑडियो की सत्यता, पृष्ठभूमि और प्रकरण से जुड़े सभी पक्षों की भूमिका की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। जांच के दायरे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ कर तथ्यों को जोड़ा जा रहा है।

उच्च न्यायालय से राहत और मुकदमों की स्थिति

सूचनाओं के अनुसार सुरेश राठौर पर हरिद्वार के बहादराबाद (Bahadrabad) और झबरेड़ा (Jhabreda) थानों में तथा देहरादून के नेहरू कॉलोनी (Nehru Colony) और डालनवाला (Dalanwala) थानों में अभियोग दर्ज हैं। चारों अभियोगों में उन्हें उच्च न्यायालय (High Court) से राहत मिली है और गिरफ्तारी पर रोक लगी है। इसी राहत के बाद वह 9 जनवरी को एसआईटी के समक्ष पेश हुए। पूछताछ के बाद राठौर ने पूरे मामले को षड्यंत्र करार दिया और दावा किया कि ऑडियो प्रकरण के पीछे उर्मिला सनावर की भूमिका है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की।

यह भी पढ़ें :  खुशखबरी ! अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह राजस्व पोर्टल शुरू

उधर, जानकारी के अनुसार उर्मिला सनावर को शुक्रवार 9 जनवरी को अपना मोबाइल दूरभाष (Mobile Phone) न्यायालय में जमा करना था, लेकिन उन्होंने एक दिन का समय मांगा। इस संबंध में जांच अधिकारी द्वारा न्यायालय में पत्र भी प्रस्तुत किया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पूरा घटनाक्रम

अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले ही न्याय, राजनीति और जनभावनाओं के केंद्र में रहा है। अब उसमें डीपफेक वीडियो और एआई से अश्लीलता फैलाने जैसे आरोप जुड़ने से मामला और व्यापक हो गया है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि तकनीक का दुरुपयोग केवल व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि समाज की शांति, महिलाओं की सुरक्षा, न्याय प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां कितनी तेजी से डिजिटल साक्ष्य जुटाती हैं और दोषियों तक कैसे पहुंचती हैं।

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर  के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (Deepfake videos of PM and CM) :

Deepfake videos of PM and CM, Uttarakhand News, Dehradun Cyber Crime News, Ankita Bhandari Case Update, Deepfake Video FIR, AI Misuse Complaint, Grok AI Controversy, X Platform Legal Action, SIT Investigation Update, Crime News Hindi, Political News Uttarakhand, Dehradun Deepfake Video FIR Ankita Bhandari Case, AI Misuse Complaint Uttarakhand Cyber Crime Police, Narendra Modi Deepfake Video Complaint Dehradun, Pushkar Singh Dhami Deepfake Video Case Update, Grok AI Obscenity Allegation X Platform India, Cyber Crime FIR On AI Generated Obscene Images, SIT Investigation Viral Audio Ankita Bhandari Case, Suresh Rathore SIT Interrogation Haridwar, Uttarakhand Cyber Security Law Enforcement News, Women Safety Against AI Generated Obscene Content,

Avatar of डॉ.नवीन जोशी

By डॉ.नवीन जोशी

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड' के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

Leave a Reply

You missed