गैस संकट के बीच इंडक्शन बनाम LPG: एक घंटे के खर्च से लेकर सेहत तक क्या है सही विकल्प

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नवीन समाचार, देहरादून, 16 मार्च 2026 (Induction vs LPG-Costs to Health)। उत्तराखंड (Uttarakhand) सहित देशभर में रसोई गैस (LPG Cylinder) की आपूर्ति और कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अब लोग इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) को विकल्प के रूप में अपनाने लगे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या इंडक्शन पर खाना बनाना वास्तव में सस्ता है और क्या यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भी है। उपलब्ध आंकड़ों और विशेषज्ञों के अनुसार इंडक्शन और गैस दोनों के खर्च, उपयोग और प्रभाव अलग-अलग हैं, जिन्हें समझना जरूरी हो गया है।

एक घंटे का खर्च: इंडक्शन बनाम LPG का सीधा गणित

(Induction Vs LPG-Costs To Health) LPG की कमी के बीच बड़ा सवाल! गैस सिलेंडर या Induction, जानें किससे खाना  बनाना आपको सस्ता पड़ेगा LPG vs Induction Which Is Cheaper For Cooking As  India Faces Cylinder Shortage howयदि 2000 वॉट (2000 Watt) क्षमता वाला इंडक्शन कुकटॉप एक घंटे तक चलता है, तो वह लगभग 2 यूनिट बिजली खर्च करता है। यदि बिजली की दर 8 रुपये प्रति यूनिट मानें, तो एक घंटे का खर्च लगभग 16 रुपये बैठता है।

वहीं घरेलू 14.2 किलोग्राम (14.2 Kg) के एलपीजी सिलेंडर की कीमत यदि 913 रुपये मानी जाए, तो प्रति किलोग्राम गैस की कीमत लगभग 64.29 रुपये होती है। एक सामान्य गैस चूल्हा एक घंटे में लगभग 0.30 किलोग्राम गैस खर्च करता है, जिससे एक घंटे का खर्च करीब 19 से 20 रुपये आता है।

इस प्रकार सीधे तुलना करें तो सामान्य परिस्थितियों में इंडक्शन पर खाना बनाना गैस की तुलना में थोड़ा सस्ता पड़ सकता है। हालांकि यह अंतर बिजली दर, उपयोग के तरीके और उपकरण की क्षमता पर निर्भर करता है।

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बढ़ती मांग, बाजार में इंडक्शन की बिक्री तेज

गैस आपूर्ति को लेकर बनी स्थिति के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली (Delhi) के भागीरथ पैलेस (Bhagirath Palace) जैसे बाजारों में पहले जहां महीनेभर में दो से तीन इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, वहीं अब कुछ ही दिनों में 10 से अधिक इकाइयों की बिक्री हो रही है।

व्यापारियों के अनुसार 1200 रुपये से 4000 रुपये तक के इंडक्शन चूल्हे बाजार में उपलब्ध हैं। 1900 वॉट और 2200 वॉट जैसे उच्च क्षमता वाले उपकरणों की मांग अधिक है, क्योंकि इनका उपयोग घरों के साथ-साथ रेस्टोरेंट और कैंटीन में भी किया जा सकता है।

ऑनलाइन व्यापार मंचों (E-Commerce Platforms) पर भी इनकी मांग बढ़ी है और कई स्थानों पर स्टॉक सीमित होता जा रहा है।

क्या इंडक्शन पर बना खाना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है?

इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाने को लेकर लोगों के मन में कई प्रकार की आशंकाएं रहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इंडक्शन तकनीक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा (Electromagnetic Energy) पर आधारित होती है, जो सीधे बर्तन को गर्म करती है।

इसमें उपयोग होने वाली तरंगें नॉन-आयोनाइजिंग विकिरण (Non-Ionizing Radiation) की श्रेणी में आती हैं, जो मोबाइल और वाई-फाई में उपयोग होने वाली तरंगों के समान होती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मानव शरीर या भोजन के लिए हानिकारक नहीं होतीं और भोजन के पोषक तत्वों पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

किन परिस्थितियों में हो सकता है जोखिम

हालांकि इंडक्शन पर खाना बनाना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ गलतियां स्वास्थ्य के लिए समस्या पैदा कर सकती हैं। यदि खराब गुणवत्ता वाले या गैर-चुंबकीय (Non-Ferromagnetic) बर्तन उपयोग किये जाएं, तो यह न केवल उपकरण की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं बल्कि अत्यधिक तापमान पर हानिकारक तत्व भी निकल सकते हैं।

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इसलिए इंडक्शन पर केवल स्टील या लोहे जैसे फेरोमैग्नेटिक (Ferromagnetic) बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए।

इंडक्शन के प्रमुख लाभ

  • गैस की तुलना में तेजी से भोजन पकता है

  • ऊर्जा की बचत होती है

  • धुआं और प्रदूषण कम होता है

  • तापमान को नियंत्रित करना आसान होता है

  • गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाओं का खतरा नहीं रहता

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव

मध्य-पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव और ईंधन बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रभाव अब घरेलू स्तर तक पहुंच रहा है। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या भविष्य में रसोई गैस पर निर्भरता कम होगी और बिजली आधारित विकल्प अधिक लोकप्रिय होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऊर्जा स्रोतों का संतुलित उपयोग, लागत की तुलना और सुरक्षा के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही उपभोक्ता निर्णय लेंगे।

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