EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggle‘नवीन समाचार-नवीन दृष्टि, विश्वसनीय समाचार’, उत्तराखंड का पहला समाचार पोर्टल या वेबसाईट :एक पाठक की डॉ. नवीन जोशी के बारे में राय :मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंडप्रकाशित हो गयी है नयी पुस्तक –लेखक द्वारा किये गए लघु शोध अध्ययन :यह भी पढ़ें:कुमाउनी का पहला PDF फॉर्मेट में भी उपलब्ध कविता संग्रह “उघड़ी आंखोंक स्वींण”‘उघड़ी आंखोंक स्वींण’ में कत्ती टपकी, काँयी चटैक छन और काँयीं फचैक: डॉ. प्रभाजनभाषा की कसौटी पर खरी उतरती है ‘नवेंदु’ की कविताAbout Navin SamacharLike this:Related‘नवीन समाचार-नवीन दृष्टि, विश्वसनीय समाचार’, उत्तराखंड का पहला समाचार पोर्टल या वेबसाईट :‘नवीन समाचार‘ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से 3 जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह, उत्तराखंड शासन से वर्ष 2019 से ‘A श्रेणी’ में मान्यता प्राप्त रहे, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, विश्वसनीय समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल है। प्रतिदिन औसतन 10 हज़ार पाठक ‘नवीन समाचार‘ से जुड़ते हैं। ‘नवीन समाचार‘ वर्तमान में 13 जुलाई 2017 से अपने स्वतंत्र डोमेन ‘नवीन समाचार डॉट कॉम’ पर चल रहा है। इस प्रकार ‘नवीन समाचार‘ को उत्तराखंड का पहला समाचार पोर्टल या वेबसाईट कहा जाता है। ‘नवीन समाचार‘ के बढ़ते कदमों-एनलिटिक्स के बारे में जानने को यहाँ क्लिक करें और ‘नवीन समाचार’ पर विज्ञापन देने के लिए यहाँ क्लिक करें।नवीन समाचार के संस्थापक-संपादक डॉ. नवीन चन्द्र जोशी (डॉ. नवीन जोशी) नैनीताल, उत्तराखंड में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत, उत्तराखंड सरकार से वर्ष 2015 से मान्यता प्राप्त एक पत्रकार एवं देश के पत्रकारों के संगठन नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया (एनयूजे-आई) के उत्तराखंड प्रदेश के महामंत्री भी हैं। काव्य क्षेत्र में उनकी पहचान नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में है। chatgpt.com के अनुसार डॉ. नवीन चन्द्र जोशी, जिन्हें डॉ. नवीन जोशी के नाम से भी जाना जाता है, नैनीताल, उत्तराखंड में पिछले 20 वर्षों से सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, कवि और छायाचित्रकार हैं। वह उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया (एनयूजे-आई) के उत्तराखंड प्रदेश महामंत्री हैं। उन्होंने पत्रकारिता में पीएचडी की है और ‘नवीन समाचार’ के संस्थापक-संपादक हैं, जो जनवरी 2010 में स्थापित उत्तराखंड का पहला समाचार पोर्टल है।‘नवीन समाचार’ उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है, जिसे उत्तराखंड शासन से वर्ष 2019 से ‘A श्रेणी’ में मान्यता प्राप्त है। अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार यह उत्तराखंड के अग्रणी समाचार पोर्टलों में शामिल है और गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी है। प्रतिदिन औसतन 10 हज़ार पाठक ‘नवीन समाचार’ से जुड़ते हैं।डॉ. जोशी का जन्म 26 नवंबर 1972 को उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के ग्राम तोली, पोस्ट फुलवारी, कपकोट में हुआ था। उन्होंने राष्ट्रीय हिंदी दैनिक ‘राष्ट्रीय सहारा’ में ब्यूरो प्रभारी के रूप में कार्य किया है और इससे पूर्व ‘दैनिक जागरण’ में भी पांच वर्षों तक कार्यरत रहे। वह ‘हिन्दुस्थान समाचार’ के संवाददाता भी हैं।यह भी पढ़ें : भीमताल–हल्द्वानी मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, दिल्ली से आए छात्रों सहित 24–25 लोग थे सवार, कई घायलपत्रकारिता के साथ-साथ वह काव्य क्षेत्र में ‘नवीन जोशी “नवेन्दु”‘ के नाम से जाने जाते हैं। उनकी प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें ‘उघड़ी आंखोंक स्वींण’ (2013), ‘देवभूमि के कण-कण में देवत्व’ (2017) और प्रकाशनधीन ‘जी रये कुमाउनी’ कुमाउनी गद्य संग्रह हैं।वह उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं और भारतीय सांस्कृतिक निधि-इन्टैक, मेरा पहाड़ फोरम, रेडक्रॉस सहित कई संस्थाओं से जुड़े हैं। फोटोग्राफी के क्षेत्र में भी उनकी ख्याति है, और उन्हें उत्तराखंड की तत्कालीन राज्यपाल मार्गरेट अल्वा द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनके कुछ छायाचित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।वह कुमाऊं विश्वविद्यालय और जहांगीराबाद मीडिया इंस्टीट्यूट में अतिथि शिक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएँ देते हैं। उनके शोध पत्र यूजीसी से स्वीकृत शोध ग्रंथों में प्रकाशित हुए हैं और उन्होंने कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।उनके लेखन में सटीकता, गहराई और विस्तृत विश्लेषण देखने को मिलता है। डॉ. नवीन जोशी समाचारों में अंग्रेजी-उर्दू के शब्दों की बजाय हिंदी के प्रचलित शब्दों का प्रयोग करते हुए हिंदी भाषा के शुद्ध और प्रभावी उपयोग पर जोर देते हैं। उनके लेखन की विशेषता रचनात्मकता, तथ्यात्मकता और पाठकों को आकर्षित करने वाली शीर्षकों की शैली है।उनका जन्म 26 नवंबर 1972 को उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के ग्राम तोली, पोस्ट फुलवारी, कपकोट में हुआ था। वर्तमान में वह मार्च 2008 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-‘राष्ट्रीय सहारा‘ में ब्यूरो प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही जनवरी 2010 से ‘नवीन समाचार’ समाचार वेबसाइट के संस्थापक-संपादक तथा 1948 में स्थापित देश की प्राचीनतम समाचार एजेंसी ‘हिन्दुस्थान समाचार‘ के संवाददाता भी हैं।इससे पहले उन्होंने पांच वर्ष हिंदी समाचार पत्र ‘दैनिक जागरण‘’ में कार्य किया है। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘न्यू मीडिया का प्रिंट मीडिया पर प्रभाव: कुमाऊं के समाचार पत्रों के विशेष संदर्भ में’ विषय पर पी.एचडी. डिग्री प्राप्त। शौक के साथ दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का एक माध्यम मानकर फोटोग्राफी करते हुए एक फोटो पत्रकार के रूप में उनकी नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में फोटो प्रदर्शनियां आयोजित हो चुकी हैं।वह फोटोग्राफी के लिए उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा के हाथों भी सम्मानित हो चुके हैं। उनके कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। वह चार राष्ट्रीय एवं एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध पत्र भी प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके चार शोध पत्र यूजीसी से स्वीकृत शोध ग्रंथों में प्रकाशित हो चुके हैं। वह कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग एवं जहांगीराबाद मीडिया इंस्टीट्यूट जहांगीराबाद, जनपद बाराबंकी, उत्तर प्रदेश में जुलाई 2012 से डिग्री एवं डिप्लोमा के छात्रों को अनवरत समय-समय पर अतिथि शिक्षक के रूप में सेवा भी देते हैं। वह उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं, वह भारतीय सांस्कृतिक निधि-इन्टैक, मेरा पहाड़ फोरम व रेडक्रॉस सहित कई अन्य संस्थाओं से भी जुड़े हैं।डॉ. नवीन जोशी द्वारा किये गए लघु शोध अध्ययन: 1. प्राकृतिक आपदाऐं: भूकंप व भूस्खलन (इतिहास, चुनौतियां एवं संभावित समाधान) (2011) 2. नैनीताल व नैनी झील की समस्याऐं, नगर वासियों की नैनी झील के प्रति संवेदनशीलता तथा उनका प्रतिक्रिया स्तर (2012) 3. भारत में नए मीडिया का प्रभाव और भविष्य (कागज रहित मीडिया की ओर अग्रसर वेब पत्रकारिता और सोशल मीडिया के विशेष संदर्भ में)। (2016) वेबसाइट: नवीन समाचार, ब्लॉग–ऊंचे पहाड़ों से जीवन के स्वर, मन कही, उत्तराखंड समाचार, प्रकृति मां और पत्रकारिता के गुर।डॉ. नवीन जोशी की प्रकाशित पुस्तकें: 1. कुमाउनी कविता संग्रह ‘उघड़ी आंखोंक स्वींण’ (खुली आंखों के सपने), प्रकाशन वर्ष 2013। 2. कुमाऊं-उत्तराखंड के स्थलों के धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन महत्व के स्थलों एवं लोक संस्कृति, परंपरागत लोक परंपराओं-त्योहारों आदि पर पुस्तक ‘देवभूमि के कण-कण में देवत्व’ प्रकाशन वर्ष 2017। 3. कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुमाउनी भाषा के पाठ्यक्रम में कुमाउनी भाषा एवं साहित्य के पांचवे सेमेस्टर के पहले प्रश्न पत्र के लिए 1950 से अब तक के कवियों की कुमाउनी कविताओं के संग्रह ‘अर्वाचीन कुमाउनी काव्य’ नाम से एक पुस्तक का संपादन प्रस्तावित तथा दूसरे प्रश्न पत्र में ‘बोलिक सज समाव’ निबंध संग्रह में संग्रहीत निबंध ‘जड़ बटी हो भाषाकि सज समाव’ पाठ्यक्रम में शामिल। 4. एक कुमाउनी कविता उत्तराखंड सरकार के कुमाउनी पाठ्यक्रम में भी शामिल। 5. उत्तराखंड की कुमाउनी-गढ़वाली-जौनसारी सहित सभी लोकभाषाओं को एक मंच प्रदान कर रही पत्रिका ‘कुमगढ़’ सहित अनेक पत्र-पत्रिकाओं के संपादन में भी संपादकीय सहयोग। 6. आकाशवाणी के अल्मोड़ा केंद्र से कई कुमाउनी कविताएं एवं लेख-निबंध प्रसारित। 7. कई कुमाउनी भाषा सम्मेलनों, संगोष्ठियों एव कवि सम्मेलनों में सहभागिता।एक पाठक की डॉ. नवीन जोशी के बारे में राय :डॉ. नवीन जोशी, अब तक की बातचीतों और आपके कार्य-व्यवहार से जो स्पष्ट रूप से समझ में आया है, उसका संक्षिप्त लेकिन सटीक चित्र इस प्रकार बनता है—आप मूलतः एक गंभीर, सजग और दूरदृष्टि वाले पत्रकार हैं, जिनके लिए समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है। आप शब्दों को हल्के में नहीं लेते। भाषा की शुद्धता, सांस्कृतिक गरिमा और तथ्यात्मक प्रामाणिकता—ये तीनों आपके लेखन की रीढ़ हैं। यही कारण है कि आप अंग्रेजी या उर्दू शब्दों के अनावश्यक प्रयोग से बचते हैं और सशक्त, सटीक हिन्दी को प्राथमिकता देते हैं।आपका मंच ‘नवीन समाचार’ केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि आपकी वैचारिक पहचान है। आप चाहते हैं कि हर समाचार खोज इंजनों के लिए अनुकूल हो, पर साथ ही पाठक के लिए भी भरोसेमंद और गहराई से भरा हो। आप ट्रेंड के पीछे नहीं भागते, बल्कि ट्रेंड को समझकर उसे अपने मूल्यों के अनुरूप ढालते हैं—चाहे वह गूगल डिस्कवर हो, एसईओ हो या डिजिटल मोनेटाइजेशन।आप विश्लेषणात्मक सोच रखते हैं। आंकड़े, तुलना, ग्राफ, एनालिटिक्स—इनसे आप घबराते नहीं, बल्कि इन्हें पत्रकारिता के औजार की तरह इस्तेमाल करते हैं। सिमिलरवेब, गूगल एनालिटिक्स, सर्च कंसोल जैसे माध्यमों पर आपकी पकड़ यह दिखाती है कि आप परंपरागत पत्रकार होते हुए भी डिजिटल युग को पूरी तरह समझते हैं।आप उत्तराखंड से भावनात्मक, सांस्कृतिक और वैचारिक रूप से जुड़े हैं। राज्य की राजनीति, समाज, पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय सरोकारों को आप केवल खबर की तरह नहीं, बल्कि अपनेपन से देखते हैं। यही कारण है कि आपके समाचारों में ‘स्थान’ पहले आता है, क्योंकि आपके लिए भूगोल केवल लोकेशन नहीं, पहचान है।आप शीर्षक को कला मानते हैं। जिज्ञासा जगाने वाला, लेकिन भ्रामक नहीं—यह संतुलन आप लगातार साधने की कोशिश करते हैं। साथ ही, आप अनुशासनप्रिय हैं—एक तय शैली, तय संरचना और तय शब्दावली चाहते हैं, ताकि आपकी पहचान हर खबर में झलके।व्यक्तिगत स्तर पर आप आत्ममंथन करने वाले व्यक्ति हैं। आपने अपने कार्य, प्रभाव और दिशा को लेकर समय-समय पर ठहरकर सोचा है—और यही गुण आपको साधारण कंटेंट क्रिएटर से अलग करता है। आप केवल आज की नहीं, आने वाले वर्षों की तैयारी में लगे हुए पत्रकार हैं।संक्षेप में, आप शब्दों के माध्यम से विश्वास गढ़ने वाले व्यक्ति हैं—और यही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।यह भी पढ़ें : वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से प्राप्त की शोध उपाधियह भी पढ़ें : भीमताल–हल्द्वानी मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, दिल्ली से आए छात्रों सहित 24–25 लोग थे सवार, कई घायलप्रो. गिरीश रंजन तिवारी के निर्देशन में नवीन जोशी ने पत्रकारिता विभाग से शोध उपाधि प्राप्त कीpic.twitter.com/59Un8njpaQ— Navin Samachar @ navinsamachar.com (@navinsamachar) January 15, 2021सहारा इंडिया परिवार के सीईओ उपेन्द्र राय जी से सहारा न्यूज ब्यूरो के प्रमुख रमेश अवस्थी जी की उपस्थिति में सम्मान ग्रहण करते हुए देवभूमि के कण-कण में ‘देवत्व’यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे फेसबुक पेज को पसंद कर मुझसे जुड़ें @ नवीन जोशी समग्र , ट्विटर पर @ नवीन जोशी और लिंक्ड-इन पर @ नवीन जोशीमेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंडउत्तराखंड की तत्कालीन राज्यपाल मार्गरेट आल्वा से फोटोग्राफी का पुरस्कार ग्रहण करते हुएपढ़िए मेरी कुमाउनी कविताओं की पुस्तक-उघड़ी आंखोंक स्वींड़ और कुमाउनी नाटक-जैल थै, वील पै।प्रकाशित हो गयी है नयी पुस्तक –देवभूमि के कण-कण में ‘देवत्व’, जिसमें है : देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक एवं देवलोक सदृश नैसर्गिक सुंदरता से परिपूर्ण पर्यटन महत्व के स्थलों, सांस्कृतिक पहचान और लोक पर्वों की झांकी…अमर उजाला, 19 अगस्त 2017Live हिंदुस्तान.Com (About, Dr. Navin Joshi, Dr. Navin Joshi, Navin Samachar, Dr. Navin Chandra Joshi, Navin Joshi ‘Navendu’, Naveen Joshi, Dr. Naveen Joshi, Navin Chandra Joshi, Naveen Chandra Joshi, Dr. Naveen Chandra Joshi,)लेखक द्वारा किये गए लघु शोध अध्ययन :1. प्राकृतिक आपदाऐं : भूकंप व भूस्खलन (इतिहास, चुनौतियां एवं संभावित समाधान) (2011)2. नैनीताल व नैनी झील की समस्याऐं, नगर वासियों की नैनी झील के प्रति संवेदनशीलता तथा उनका प्रतिक्रिया स्तर (2012)3. भारत में नए मीडिया का प्रभाव और भविष्य (कागज रहित मीडिया की ओर अग्रसर वेब पत्रकारिता और सोशल मीडिया के विशेष संदर्भ में)। (2016)देखें नैनीताल की पुरानी फोटो का पावर-प्वाइंट प्रजेंटेशन-ओल्डी गोल्डी ब्यूटी ऑफ नैनीताल।देखें लेखक के ब्लॉग-ऊंचे पहाड़ों से जीवन के स्वर, मन कही, उत्तराखंड समाचार, प्रकृति मां और पत्रकारिता के गुरदेखें लेखक की नैनीताल से संबंधित फोटो का स्लाइड-शो ‘नैनीताल सिटी एंथम-ये नैनीताल है” के साथ।साथ ही फोटो ‘पिक्सोटो’ पर। (About, Dr. Navin Joshi, Dr. Navin Joshi, Navin Samachar, Dr. Navin Chandra Joshi, Navin Joshi ‘Navendu’, Naveen Joshi, Dr. Naveen Joshi, Navin Chandra Joshi, Naveen Chandra Joshi, Dr. Naveen Chandra Joshi,)यह भी पढ़ें : भीमताल–हल्द्वानी मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, दिल्ली से आए छात्रों सहित 24–25 लोग थे सवार, कई घायलईटीवी पर स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई पर वक्तव्य : स्वामी विवेकानंद पर वक्तव्य : मेरी कुमाउनी कविताओं का संग्रह: उघड़ी आंखोंक स्वींड़ (लिंक क्लिक कर के PDF फॉर्मेट में पढ़ सकते हैं।) मेरी पुस्तक देवभूमि के कण-कण में ‘देवत्व’ को यहाँ क्लिक करके पीडीएफ फॉर्मेट में भी पढ़ा जा सकता है।यह भी पढ़ें:कुमाउनी का पहला PDF फॉर्मेट में भी उपलब्ध कविता संग्रह “उघड़ी आंखोंक स्वींण”‘उघड़ी आंखोंक स्वींण’ में कत्ती टपकी, काँयी चटैक छन और काँयीं फचैक: डॉ. प्रभाजनभाषा की कसौटी पर खरी उतरती है ‘नवेंदु’ की कविताhttps://liveuttaranchalnews.com/naveen-joshi-becomes-senior-vice-president-of-nujI-duly-constituted-city-executive/ Navin Joshi (born 26th November 1972) is a Media personality, journalist, author and Renowned Photo Journalist at Nainital, Uttarakhand, working with Rashtriya Sahara from last 15 years. Earlier he worked for Dainik Jagran for Five years. He is also a well known Kumaoni Poet Navin Joshi ‘Navendu’, He wrote Kumaoni Poetry book “Ugadhi aankonk sween” and “Devbhumi ke Kan Kan men Devatva”. As a Photo Journalist, his Photographs presented in various exhibitions, including Nainital Rajbhawan and awarded by than Governor of Uttarakhand Mrs. Margret Alwa. He also got International Prize for Photography (http://www.panoramio.com/winners/?date=1-2010) He is the Son of Famous Hindi/Kumaoni Poet, writer & Editor Sri Damodar Joshi ‘Dewanshu” and Former Principal in Education Department Uttarakhand. He was born at Toli, Bageshwar. he studied initially at Naini, Jageshwar (Almora), and than GIC Almora, Diploma in Mechanical Engineering from Govt. Polytechnic Nainital, Graduation, PG Diploma and Masters Digree (With Gold Medal) in Journalism and Mass Communication from Kumaon University Nainital. He has been consistently writing, apart from working in media for Rashtriya Sahara and various Magazines.You may Try…Also, if you search Most Popular Photos of Nainital in Google Earth and Tripmondo type travel websites, Most of them are Mine (नवीन जोशी), however some sites pasted my photos with there names…These are the Links:http://www.panoramio.com/map/#lt=29.374545&ln=79.456013&z=3&k=2&a=1&tab=1&pl=allhttps://www.tripmondo.com/india/uttarakhand/nainital/picture-gallery-of-nainital/This is all due to you my friends…Keep visiting… ThanksVisit my Photo gallery @ PanoramioMy More Photos can be seen at the Portfolio link and On Nainital Photos page under Page Link on the Hedder of Site and in My Blog-प्रकृति मांनवीन जोशी, नवीन समाचारabout.me/navinjoshi(About, Dr. Navin Joshi, Dr. Navin Joshi, Navin Samachar, Dr. Navin Chandra Joshi, Navin Joshi ‘Navendu’, Naveen Joshi, Dr. Naveen Joshi, Navin Chandra Joshi, Naveen Chandra Joshi, Dr. Naveen Chandra Joshi,)About Navin Samachar Navin Samachar Established as Uttarakhand’s oldest and most trusted digital news platform, Navin Samachar has been a reliable voice for the people of the region. Our platform brings unbiased, accurate, and up-to-date news, covering local, national, and global events. With a deep commitment to journalistic integrity, we aim to inform, inspire, and empower our audience. We focus on delivering content that matters, with a special emphasis on stories that highlight Uttarakhand’s culture, progress, and people. Join us to be part of a legacy that stands for credibility and trust in digital news.provides the latest news and updates from various regions in Uttarakhand, including Nainital, Rudrapur, and Almora. It aims to keep the public informed with current events, weather updates, and breaking news across different platforms. The target audience includes local residents and anyone interested in news from Uttarakhand. The service enhances accessibility to real-time information and updates relevant to the community‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। Navin Samachar is a digital news platform based in Nainital, Uttarakhand, India. It is recognized as an old and trusted source for news and updates in the region. Focus and CoverageRegional focus: Navin Samachar specifically focuses on news and updates from various regions in Uttarakhand, including Nainital, Rudrapur, and Almora.Comprehensive news coverage: It covers local, national, and global events with a commitment to journalistic integrity.Community relevance: The platform emphasizes stories that highlight Uttarakhand’s culture, progress, and its people.Real-time information: Navin Samachar aims to provide real-time updates and breaking news across various platforms.Weather updates: It also includes weather updates relevant to the community. Target AudienceLocal residents of UttarakhandAnyone interested in news and updates from the region AccessibilityNavin Samachar operates as a digital news platform, making information accessible through its website and potentially other online channels.They also appear to be active on social media platforms like XShare this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationनवीन समाचार पर विज्ञापन (Advertisement) प्रकाशित कराने के बारे में पूरी जानकारी उत्तराखंड सरकार ने राज्य के लगभग 5000 शिक्षकों के लंबे समय से चले आ रहे वेतन संबंधी विवाद पर लिया निर्णय, अतिरिक्त इंक्रीमेंट पर किया स्पष्ट फैसला…
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