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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 14 मार्च 2026 (Journalist Saved Life of a Woman)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के हल्द्वानी (Haldwani) में गौलापार (Gaulapar) को जाने वाले गौलापुल (Gaula Bridge) पर शुक्रवार को एक महिला द्वारा पुल से कूदने का प्रयास किए जाने की घटना सामने आई। मौके पर मौजूद पत्रकार भूपेश कन्नौजिया (Bhupesh Kannaujia) की तत्परता और आसपास के लोगों की मदद से महिला को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के दौरान महिला की 11–12 वर्षीय बेटी अपनी मां को रोकने के लिए जोर-जोर से रो रही थी, जिससे पुल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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Toggleबच्ची की पुकार से रुके पत्रकार, तुरंत दिखाई साहस
प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्रकार भूपेश कन्नौजिया पंतनगर किसान मेला (Pantnagar Kisan Mela) से लौट रहे थे। इसी दौरान गौला पुल पर उन्होंने एक मासूम बच्ची को जोर-जोर से रोते हुए देखा, जो अपनी मां को पुल के किनारे से हटने के लिए कह रही थी।

मौके का दृश्य अत्यंत भयावह था, क्योंकि महिला पुल के सुरक्षा घेरे से आधी बाहर लटक चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भूपेश कन्नौजिया ने बिना देर किए अपनी स्कूटी रोक दी और तुरंत महिला की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने महिला को मजबूती से पकड़ लिया और आसपास के लोगों को आवाज देकर सहायता के लिए बुलाया।
राहगीरों ने मिलकर सुरक्षित ऊपर खींचा
इसी दौरान जुमे की नमाज (Friday Prayer) अदा कर लौट रहे कुछ मुस्लिम युवक और अन्य राहगीर भी वहां पहुंच गए। सभी ने मिलकर महिला को पुल के ऊपर सुरक्षित खींच लिया। इस तरह सामूहिक प्रयास से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पत्रकार की तत्परता और साहस की सराहना की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय रहते हस्तक्षेप न किया जाता, तो महिला की बच्ची के सामने ही गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
महिला को सुरक्षित बचाने के तुरंत बाद भूपेश कन्नौजिया ने आपातकालीन सहायता नंबर 100 (Police Emergency Service) पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस कुछ ही समय में मौके पर पहुंच गई और महिला तथा उसकी बच्ची को सुरक्षित वनभूलपुरा थाना (Vanbhulpura Police Station) ले जाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला हल्द्वानी के राजपुरा (Rajpura) क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है। पुलिस अब महिला से बातचीत कर घटना के कारणों की जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ऐसा कदम उठाने का प्रयास क्यों किया।
मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं कई बार मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्याओं या सामाजिक दबाव के कारण सामने आती हैं। ऐसे मामलों में समय पर सामाजिक सहयोग और संवेदनशील व्यवहार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
हल्द्वानी की इस घटना में स्थानीय लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक सहयोग ने एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया, जो यह दर्शाता है कि सतर्क नागरिक और सामाजिक संवेदनशीलता कई बार जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।