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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 दिसंबर 2025 (Nainital DM Order Land-Rudrapur)। उत्तराखंड में भूमि प्रशासन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी न्यायालय ने पड़ोसी जनपद ऊधमसिंह नगर की तहसील रुद्रपुर स्थित ग्राम रुद्रपुर की 3.60 हेक्टेयर भूमि पर दिए गए पट्टों और वर्ष 2015 में किए गए उनके नियमितीकरण के बाद प्रदान किए गए भूमिधरी अधिकारों को निरस्त कर दिया है। यह भूमि अब राज्य सरकार में निहित मानी जाएगी। यह आदेश भूमि प्रबंधन, नजूल भूमि के उपयोग और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में एक अहम नजीर के रूप में देखा जा रहा है।
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Toggleनजूल भूमि के नियमितीकरण पर न्यायालय की सख्ती-खसरा संख्या 66, 69 और 70 की भूमि पर फैसला
प्रकरण ऊधमसिंह नगर जनपद की तहसील रुद्रपुर के ग्राम रुद्रपुर स्थित खसरा संख्या 66, 69 और 70 से संबंधित है, जिसकी कुल भूमि 3.60 हेक्टेयर है। इस भूमि पर पूर्व में पट्टे दिए गए थे और वर्ष 2015 में इन्हें नियमित करते हुए भूमिधरी अधिकार भी प्रदान कर दिए गए थे। जिलाधिकारी न्यायालय ने अपने आदेश में इन सभी पट्टों और उनसे उत्पन्न अधिकारों को निरस्त करते हुए भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के निर्देश दिए हैं।
सात वर्ष पुराने वादों में आया अंतिम आदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आदेश वर्ष 2018–19 में प्रस्तुत वाद संख्या 51/4, 51/5 और 51/6 में पारित किया गया है, जिन्हें स्वर्ण सिंह, दर्शन सिंह और हरकेवल सिंह अथवा हरपाल सिंह द्वारा दायर किया गया था। इन वादों की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी दस्तावेजों और पूर्ववर्ती आदेशों का गहन परीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि इन वादों को कुमाऊं मंडल आयुक्त न्यायालय, नैनीताल द्वारा जिलाधिकारी न्यायालय, नैनीताल को निस्तारण हेतु हस्तांतरित किया गया था।
क्यों निरस्त हुआ नियमितीकरण-नजूल भूमि और वर्ग-4 का गलत प्रयोग
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि मूल रूप से नजूल भूमि है। पूर्व में इसे श्रेणी वर्ग-4 में दर्ज किए जाने का आदेश अपर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर द्वारा पारित किया गया था, जिसे बाद में राजस्व परिषद देहरादून ने निरस्त कर दिया था। ऐसे में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब वर्ग-4 में दर्ज करने का आदेश ही वैध नहीं रहा, तो उसके आधार पर नियमितीकरण और भूमिधरी अधिकार देना कानूनन संभव नहीं था।
भूमिधरी अधिकारों को बताया अवैध
जिलाधिकारी न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि चूंकि भूमि का नियमितीकरण ही नियमों के विपरीत किया गया था, इसलिए इसके आधार पर दिए गए भूमिधरी अधिकार भी वैध नहीं माने जा सकते। यह निर्णय उन सभी मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां नजूल भूमि के स्वरूप को बदलकर लाभ देने का प्रयास किया गया हो।
प्रशासनिक अनुपालन और आगे की कार्रवाई-तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश
इस प्रकरण में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तहसीलदार रुद्रपुर को आदेशों के अनुपालन के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसमें भूमि को राज्य सरकार के अभिलेखों में निहित दर्ज करना और भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध हस्तांतरण या उपयोग को रोकना शामिल है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आदेश के अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी।
भूमि नीति और पारदर्शिता पर असर
यह फैसला केवल एक प्रकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में नजूल भूमि के प्रबंधन, भूमि नियमितीकरण की प्रक्रिया और प्रशासनिक पारदर्शिता से भी जुड़ा है। इससे यह संदेश जाता है कि नियमों के विरुद्ध दिए गए पट्टे और अधिकार लंबे समय बाद भी निरस्त किए जा सकते हैं। आने वाले समय में ऐसे अन्य मामलों की भी समीक्षा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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