नवीन समाचार, नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026 (Supreme Court on Gen Category)। उत्तराखंड सहित पूरे देश के लिए महत्व रखने वाले एक फैसले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने जनरल यानी ओपन कैटेगरी को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। न्यायालय ने कहा है कि जनरल कैटेगरी किसी जाति विशेष के लिए नहीं होती, बल्कि यह पूरी तरह योग्यता यानी मेरिट पर आधारित होती है। सर्वोच्च न्यायालय ने दो टूक कहा है—ओपन-General कैटेगरी किसी की निजी नहीं, यह सिर्फ योग्यता की कसौटी है।
यदि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कोई भी अभ्यर्थी बिना किसी प्रकार की छूट के जनरल कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसे जनरल कैटेगरी की सीट पर ही माना जाएगा। इस निर्णय से भर्ती प्रक्रियाओं में लंबे समय से चले आ रहे भ्रम और विवाद को दूर करने की कोशिश की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
ओपन कैटेगरी सबके लिए खुली
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ओपन या जनरल कैटेगरी का अर्थ ही यह है कि यह सभी वर्गों के लिए खुली होती है। इसका किसी जाति, वर्ग या लिंग से कोई सीधा संबंध नहीं है। न्यायालय के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी बिना आरक्षण से जुड़ी किसी रियायत का लाभ लिए जनरल कटऑफ पार करता है, तो उसे उसी श्रेणी में चयनित किया जाना चाहिए।
कटऑफ से अधिक अंक लाने वाले को बाहर करना गलत
न्यायालय ने यह भी कहा कि कई बार भर्तियों में ऐसी स्थिति बन जाती है, जब किसी आरक्षित वर्ग का कटऑफ जनरल से अधिक चला जाता है। ऐसी परिस्थिति में भी यदि कोई उम्मीदवार जनरल कटऑफ पार करता है, तो उसे केवल इस आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता कि वह किसी आरक्षित वर्ग से आता है।
‘डबल फायदा’ का तर्क खारिज
बिना रियायत के चयन पर दोहरे लाभ का सवाल नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया कि इस व्यवस्था से उम्मीदवार को दोहरा लाभ मिलता है। न्यायालय के अनुसार जब किसी अभ्यर्थी ने आयु, अंक या किसी अन्य प्रकार की छूट नहीं ली है, तो यह कहना कि उसे अतिरिक्त लाभ मिला, गलत है। केवल आवेदन पत्र में जाति का उल्लेख कर देना अपने आप में आरक्षित सीट का अधिकार नहीं देता।
किस मामले से जुड़ा है फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट भर्ती विवाद
यह निर्णय राजस्थान उच्च न्यायालय (Rajasthan High Court) की जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट और क्लर्क ग्रेड-द्वितीय की 2756 पदों की भर्ती से जुड़े विवाद में आया। मई 2023 में घोषित परिणामों में कुछ आरक्षित वर्गों का कटऑफ जनरल कैटेगरी से अधिक चला गया था। इसके बावजूद कुछ ऐसे उम्मीदवारों को चयन से बाहर कर दिया गया, जिन्होंने बिना किसी छूट के जनरल कटऑफ पार किया था। इस पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने निर्णय देते हुए चयन प्रक्रिया को गलत ठहराया था। दिसंबर 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले को सही मानते हुए दायर अपील को खारिज कर दिया।
फैसले का व्यावहारिक असर
भर्ती प्रक्रियाओं में बढ़ेगी स्पष्टता
इस निर्णय से सरकारी भर्तियों में जनरल कैटेगरी की परिभाषा और अधिक स्पष्ट हो गई है। इससे आरक्षित वर्ग के उन योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा, जो बिना किसी रियायत के मेरिट के आधार पर चयनित होते हैं। साथ ही यह फैसला यह भी स्पष्ट करता है कि जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के अधिकार कम नहीं होते, बल्कि मेरिट का सिद्धांत और अधिक मजबूत होता है।
क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण
यह निर्णय न केवल भर्ती एजेंसियों के लिए दिशा तय करता है, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के लिए भी भरोसे का आधार बनता है। यह सुनिश्चित करता है कि चयन प्रक्रिया में योग्यता सर्वोपरि रहे और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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