बड़ा शर्मनाक मामला: विद्या के मंदिर में प्रधानाचार्य की लगातार छेड़छाड़ से आधा दर्जन से अधिक छात्राओं ने नाम कटवाया… (Molestation by the principal)

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नवीन समाचार, देहरादून, 28 मई 2023। देहरादून में विकासखंड कालसी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पानुवा में तैनात प्रधानाध्यापक द्वारा छात्राओं के साथ छेड़छाड़ एवं अश्लील हरकतें करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में कालसी के उप शिक्षाधिकारी भुवनेश्वर प्रसाद जदली की जांच रिपोर्ट पर देहरादून के जिला शिक्षा अधिकारी-प्राथमिक शिक्षा आरएस रावत ने प्रधानाध्यापक चतर सिंह चौहान को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है। यह भी पढ़ें : बड़ा सुखद समाचार: देहरादून के बाद अब कुमाऊं मंडल के दो स्टेशनों से वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव.. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्राओं ने पहले विद्यालय की एक महिला शिक्षिका से प्रधानाध्यापक द्वारा उनके साथ छेड़छाड़ तथा अश्लील हरकतें करने की शिकायत की थी। कहा था कि प्रधानाध्यापक लगभग आधा दर्जन छात्राओं के साथ लंबे समय से छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करता आ रहा है। बताया जा रहा है कि इसके कारण पहले कक्षा सात की एक छात्रा ने और फिर छह छात्राओं ने भी प्रधानाध्यापक के उत्पीड़न से तंग आकर स्कूल से अपना नाम कटवा लिया है। यह भी पढ़ें : पत्नी के साथ टहल रहा था पति, अचानक चली गोली सीने के आरपार हुई गोली, हुआ सनसनीखेज खुलासा, प्रेमी-प्रेमिका सहित 4 गिरफ्तार…

ऐसे में विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उप शिक्षा अधिकारी कालसी भुवनेश्वर प्रसाद जदली ने तत्काल विद्यालय पहुंच कर आरोपित प्रधानाध्यापक सहित महिला शिक्षिका व वहां पढ़ने वाली अन्य छात्राओं से पूछताछ की। उन्होंने विद्यालय से नाम कटवा कर जाने वाली छात्राओं के बारे में भी जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि नाम कटवाने वाली छात्राओं ने क्षेत्र के ही एक अन्य विद्यालय में प्रवेश ले लिया है। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, तीन दिन से पुलिस थाने में चक्कर लगा रहा था व्यक्ति, मदद नहीं मिली तो थाने के पास ही जहर गटक कर कर ली आत्महत्या

उप शिक्षाधिकारी जदली ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए। इस पर विस्तृत रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपित प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उसे निलंबन की अवधि में उप शिक्षा अधिकारी चकराता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। यह भी पढ़ें : व्यवसायी को जान से मारने और बच्चों के अपहरण की धमकी देकर मांगी गई रंगदारी..

पुनः उप शिक्षा अधिकारी चकराता को मामले में जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हुए प्रधानाध्यापक का भी पक्ष सुनते हुए 15 दिन के भीतर विभागीय कार्रवाई पूर्ण करते हुए जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। (Molestation by the principal) (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

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