उत्तराखंड में निराश्रित पशुओं को पालने पर प्रतिमाह मिलेंगे 12 हजार रुपये, योजना लागू, सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित पशुओं की सुरक्षा और किसानों की फसल सुरक्षा पर फोकस

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 19 जनवरी 2026 (Gram Gau Sevak Yojana)। पिथौरागढ़ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों से उत्तराखंड सरकार ने निराश्रित पशुओं की समस्या कम करने और किसानों की फसलें बचाने के लिए दो नई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत सड़कों और खेतों में घूम रहे नर निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय देकर उनकी देखभाल करने वाले ग्रामीणों को प्रति दिन प्रति पशु 80 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा, जिससे अधिकतम पांच पशु रखने पर करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह की आय संभव होगी।

यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे एक तरफ पशुओं को भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ खेती-किसानी को नुकसान से राहत मिल सकती है।

योजनाओं का उद्देश्य: पशु सुरक्षा भी, किसान हित भी

(Gram Gau Sevak Yojana) Uttarakhand Newsउत्तराखंड की राजधानी देहरादून से राज्य स्तर पर संचालित इस निर्णय के अनुसार, पशुपालन विभाग ने दो योजनाएं लागू की हैं—ग्राम गौ सेवक योजना (Gram Gau Sevak Yojana) और गौशाला योजना (Gaushala Yojana)। अधिकारियों के अनुसार, ये योजनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होंगी। इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि निराश्रित पशु सड़कों और खेतों में न भटकें, उन्हें सुरक्षित स्थान मिले और फसल नुकसान की घटनाएं घटें।

ग्राम गौर सेवक योजना में क्या सुविधा और भुगतान मिलेगा

पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा के अनुसार, ग्राम गौर सेवक योजना (Gram Gaur Sevak Yojana) के अंतर्गत कोई भी ग्रामीण अधिकतम पांच नर निराश्रित पशुओं को अपने पास रख सकता है। इसके बदले प्रति दिन प्रति पशु 80 रुपये के हिसाब से भुगतान तय किया गया है। इस व्यवस्था में खास बात यह है कि जिन पशुओं को योजना के अंतर्गत रखा जाएगा, उनकी चिकित्सा सुविधा और स्वास्थ्य देखभाल पूरी तरह निशुल्क होगी।

यही कारण है कि यह योजना केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए नियमित आय का विकल्प भी बनती है। क्या यह ग्रामीण रोजगार और पशुपालन आधारित आजीविका को नया सहारा दे सकती है?

पांच पशु रखने पर 12 हजार रुपये प्रतिमाह तक कमाई का अवसर

भुगतान की दर के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पांच नर निराश्रित पशुओं को रखता है, तो उसे प्रति माह करीब 12 हजार रुपये तक भुगतान मिल सकता है। यह राशि सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त आय जोड़ सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पिथौरागढ़ जनपद में फिलहाल छह लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

गौशाला योजना: जितने पशु, उतना भुगतान

दूसरी योजना गौशाला योजना (Gaushala Yojana) है। इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपने गौसदन में कितने भी निराश्रित पशुओं को रख सकता है और यहां भी प्रति पशु 80 रुपये का भुगतान तय किया गया है। यानी संख्या जितनी अधिक, भुगतान उतना अधिक होगा।
अधिकारियों के अनुसार, मुनस्यारी और बारावे क्षेत्र में दो गौशालाएं पहले से संचालित हो रही हैं, जहां कुल 225 निराश्रित पशुओं को आश्रय और भोजन दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें :  देहरादून में कथित 'मुस्लिम यूनिवर्सिटी' की भूमि के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, जांच शुरू, 193 खरीदारों को नोटिस, जानें जांच के बिन्दु

किसानों को क्या लाभ होगा, और यह नीति क्यों महत्वपूर्ण है

ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के कारण खेतों में फसल नुकसान, सड़क दुर्घटना का जोखिम और परिजन की सुरक्षा संबंधी चिंता जैसे मुद्दे लगातार सामने आते रहे हैं। इन दोनों योजनाओं के जरिए सरकार ने एक साथ तीन लक्ष्य साधने का प्रयास किया है—पशुओं का संरक्षण, फसल सुरक्षा और ग्रामीणों के लिए आय का साधन।

यह पहल प्रशासन, न्याय और नीति के स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे पशु संरक्षण से जुड़ी जिम्मेदारी को जनभागीदारी मॉडल में बदला जा रहा है। आगे चलकर यदि यह व्यवस्था प्रभावी रहती है तो अन्य जिलों में भी ऐसे मॉडल का विस्तार संभव है।

आगे क्या होगा: निगरानी, विस्तार और लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना

जानकारी के अनुसार, योजनाओं के संचालन में भुगतान, पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य सुविधाओं और सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि कितने ग्रामीण इस योजना से जुड़ते हैं, और क्या निराश्रित पशुओं की समस्या में वास्तविक कमी आती है।

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

यह भी पढ़ें :  एनएच-74 मुआवजा अनियमितता प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, 13.89 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क

नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर  के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (Gram Gau Sevak Yojana) :

Gram Gau Sevak Yojana, Uttarakhand Government Cattle Scheme, Pithoragarh Gram Gaur Sevak Yojana, Gaushala Yojana Uttarakhand Payment, Stray Cattle Care Monthly Income Scheme, Farmer Crop Protection From Stray Animals, Animal Husbandry Department Uttarakhand Plan, Rural Employment Scheme For Cattle Care, Munsiyari Barabe Gaushala 225 Cattle, Dehradun Policy For Stray Cattle Control, Uttarakhand Rural Livelihood Support Scheme, #UttarakhandNews #PithoragarhNews #DehradunNews #RuralDevelopment #AnimalHusbandry #CattleShelter #GovernmentScheme #FarmerRelief #LivelihoodSupport #HindiNews

Leave a Reply