प्रो. शिरीष कुमार मौर्य को अंतर्राष्ट्रीय कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल बुक अवार्ड-2025

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2025 (Shirish Maurya got International Literary Award)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. शिरीष कुमार मौर्य को अंतर्राष्ट्रीय कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल बुक अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। पुरस्कार के रूप में उन्हें एक लाख रुपये की धनराशि, मानपत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय साहित्य संस्थान ओडिशा डायरी फाउंडेशन यह सम्मान हिंदी कविता में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान करता है। प्रो. शिरीष कुमार मौर्य समकालीन हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं और उनकी रचनाएँ देश-विदेश में सराही जाती हैं। इस सम्मान को प्राप्त करने के उपरांत उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं बल्कि संपूर्ण कुमाऊं विश्वविद्यालय परिवार की है और वे इसे पूरे विश्वविद्यालय की ओर से ग्रहण कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय में हर्ष का वातावरण
प्रो. मौर्य को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय में हर्ष का वातावरण है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान रावत ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। हिंदी साहित्य में उनकी उल्लेखनीय भूमिका और उत्कृष्ट कृतियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना अत्यंत सम्मानजनक है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, महासचिव डॉ. विजय कुमार सहित साहित्यकारों एवं पाठकों ने भी उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं।
हिंदी साहित्य के प्रति समर्पण
प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनकी कविताएँ जीवन के विभिन्न पहलुओं को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं और साहित्यिक जगत में उनकी एक अलग पहचान है। उनकी पुस्तकें न केवल भारतीय पाठकों के बीच लोकप्रिय हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराही जाती हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर साहित्य प्रेमियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रो. मौर्य की कविताओं ने नई पीढ़ी के लेखकों और पाठकों को प्रेरित किया है और इस सम्मान से उनकी सृजनशीलता को एक नई पहचान मिली है।
हिंदी साहित्य का गौरव (Shirish Maurya got International Literary Award)
इस सम्मान के माध्यम से हिंदी साहित्य को एक नई ऊँचाई प्राप्त हुई है। यह पुरस्कार यह भी दर्शाता है कि समर्पण और परिश्रम के बल पर कोई भी साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है। (Shirish Maurya got International Literary Award)
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