नवीन समाचार, देहरादून, 20 दिसंबर 2025 (Uttarakhand-25 Wedding Destination)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से किए गए ‘वेड इन उत्तराखंड’ यानी उत्तराखंड में शादी करने के आह्वान को उत्तराखंड के लिए प्रगति का एक मंत्र मानकर चलते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पलायन की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य में 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। देखें वीडिओ उत्तराखंड में हुई एक देशी बाबू और इंग्लिश मेम की शादी :
इन स्थलों पर विवाह आयोजनों के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस पहल से पर्यटन, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पढ़ें पूर्व संबंधित समाचार : प्रधानमंत्री मोदी के ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के आह्वान का होने लगा असर, रामनगर के लिये हुआ 150 करोड़ के निवेश का एमओयू, यह 2 दर्जन स्थान भी हो सकते हैं पसंदीदा
🏔️ त्रियुगीनारायण मॉडल पर विकास-विवाह पर्यटन से बढ़ेगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पौराणिक महत्व वाले त्रियुगीनारायण की तर्ज पर अन्य प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध स्थलों को विवाह पर्यटन से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि विवाह आयोजन केवल समारोह तक सीमित न रहकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के स्थायी साधन बनें। होटल, होमस्टे, सजावट, खानपान, परिवहन, फोटोग्राफी और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पढ़ें पूर्व संबंधित समाचार : नैनीताल के ‘वेड इन इंडिया’ डेस्टिनेशन में अनोखी शाही शादी: हेलीकॉप्टर में हुई दुल्हन की भव्य विदाई, कॉर्बेट बना पर्यटन व वेडिंग डेस्टिनेशन का नया उदाहरण
🌄 संभावित वेडिंग डेस्टिनेशन स्थल
प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक पहचान का समावेश
सरकार द्वारा जिन संभावित स्थलों पर विचार किया जा रहा है, उनमें औली, चोपता, टिहरी झील, मुनस्यारी, कसार देवी, रानीखेत, भीमताल, कानाताल, डोडीताल, जिम कॉर्बेट क्षेत्र रामनगर, नैनीताल और मसूरी जैसे स्थल शामिल हो सकते हैं। इन स्थानों को आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, स्वच्छता, जल, विद्युत और डिजिटल सुविधा से जोड़ा जाएगा। पढ़ें पूर्व संबंधित समाचार : पलायन से उजड़े ‘घोस्ट विलेज’ में बजेगी शहनाई, ढोल-दमाऊं की थाप पर सजेगी शादियां, ‘भुतहा’ नहीं-बल्कि ‘लग्जरी वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में होंगे विकसित
🧑🌾 लघु उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण आजीविका के नए अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। वेडिंग डेस्टिनेशन के साथ स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और फूलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे गांवों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम करने का अवसर मिलेगा। पढ़ें पूर्व संबंधित समाचार : 👉🚔नैनीताल : बारातों के मौसम में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने को नैनीताल पुलिस ने जारी किए कई निर्देश…
🚶♂️ पलायन रोकने की दिशा में ठोस पहल
रिवर्स पलायन के मिल रहे सकारात्मक संकेत
मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कहने के साथ ही कहा कि पलायन लंबे समय से राज्य की बड़ी चुनौती रहा है। हालांकि बीते चार-पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
🌍 प्रवासी पंचायतों के आयोजन के निर्देश
प्रवासियों को जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए। इनमें देश और विदेश में कार्यरत उत्तराखंड मूल के प्रवासियों को आमंत्रित कर सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएं, ताकि नीति निर्माण में उनका अनुभव उपयोगी बन सके।
📊 उत्साहजनक आंकड़े
हजारों लोग लौटे अपने गांव
आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने बताया कि अब तक लगभग 6282 लोग अपने गांवों में वापस लौट चुके हैं। इनमें देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। वे कृषि, पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमों से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।
उत्तराखंड में 25 नए वेडिंग डेस्टिनेशन की यह पहल न केवल राज्य को विवाह पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करेगी, बल्कि पहाड़ों में रोजगार, संस्कृति और आत्मनिर्भरता को भी नया आधार देगी। पाठकों से आग्रह है कि यदि आपको लगता है कि कोई स्थल इस सूची में आना चाहिए तो अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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