नवीन जोशी, नैनीताल। आईआईटीआर रुड़की के अल्टरनेट हाइड्रो इनर्जी सेंटर (एएचईसी) द्वारा वर्ष 1994 से 2001 के बीच किये गये अध्ययनों के आधार पर 2002 में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार नैनीताल झील में सर्वाधिक 53 प्रतिशत पानी सूखाताल झील से जमीन के भीतर से होकर तथा 24 प्रतिशत सतह पर बहते हुऐ (यानी कुल मिलाकर 77 प्रतिशत) नैनी झील में आता है। इसके अलावा 13 प्रतिशत पानी बारिश से एवं शेष 10 प्रतिशत नालों से होकर आता है। वहीं झील से पानी के बाहर जाने की बात की जाऐ तो झील से सर्वाधिक 56 फीसद पानी तल्लीताल डांठ को खोले जाने से बाहर निकलता है, 26 फीसद पानी पंपों की मदद से पेयजल आपूर्ति के लिये निकाला जाता है, 10 फीसद पानी झील के अंदर से बाहरी जल श्रोतों की ओर रिस जाता है, जबकि शेष आठ फीसद पानी सूर्य की गरमी से वाष्पीकृत होकर नष्ट होता है।
नैनी झील में मिला डूबे युवक का शव
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2024 (Nainital Jheel men Mila doobe yuvak ka shav)। नैनीताल में शुक्रवार की सुबह लगभग 11:30 बजे तल्लीताल डांठ के पास नैनी झील में एक अज्ञात शव तैरता हुआ दिखाई दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत तल्लीताल पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस व संबंधितों से प्राप्त जानकारी के … Read more

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