बड़ा समाचार : 27 जनवरी 2025 को लागू होगी UCC, सीएम करेंगे लोकार्पण

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 जनवरी 2025 (CM will inaugurate UCC on 27 January 2025 in UK) उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में लंबे समय से चल रही तैयारियों का अंततः सुखद समापन होने जा रहा है। प्रदेश में 27 जनवरी 2025 को यूसीसी लागू कर दिया जाएगा, जिससे उत्तराखंड यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुख्य सेवक सदन में यूसीसी पोर्टल और नियमावली का लोकार्पण करेंगे।

तैयारियों का विस्तृत विवरण

(CM will inaugurate UCC on 27 January 2025 in UKढाई वर्षों की अथक मेहनत और 43 हितधारकों की संगोष्ठी, 72 गहन विचार-विमर्श बैठकों, और 2.33 लाख नागरिकों के सुझावों के बाद यूसीसी का प्रारूप तैयार किया गया। इसके लिए 49 लाख एसएमएस, 29 लाख व्हाट्सऐप संदेश, 61 हजार पोर्टल सुझाव, 36 हजार डाक के माध्यम से प्राप्त पत्र, और 24 हजार ई-मेल जैसे विभिन्न माध्यमों से जनता की राय ली गई।

विशेषज्ञ समिति ने सऊदी, तुर्कीए, इंडोनेशिया, नेपाल, फ्रांस, अजरबैजान, जर्मनी, जापान, और कनाडा जैसे देशों की समान नागरिक संहिता का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की। समिति का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई ने किया।

तकनीकी प्रगति और मॉक ड्रिल

पिछले दिनों यूसीसी पोर्टल पर विभिन्न स्तरों पर मॉक ड्रिल की गई। प्रारंभिक परीक्षणों में आई तकनीकी बाधाओं को दूर कर अब पोर्टल आम जनता और अधिकारियों के प्रयोग हेतु पूरी तरह तैयार है। 20 जनवरी को मॉक ड्रिल सफल रही। इसके तहत विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशन, विरासत, और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 27 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे मुख्य सेवक सदन से यूसीसी पोर्टल और नियमावली का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद प्रदेश में विवाह, तलाक, और विरासत जैसे विषयों के ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होंगे।

घोषणा से लागू होने तक की यात्रा

  • 12 फरवरी 2022 को विस चुनाव के दौरान सीएम धामी ने यूसीसी की घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लाए जाने पर फैसला।
  • मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनी।
  • समिति ने 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए।
  • 2.50 लाख लोगों से समिति ने सीधा संवाद किया।
  • 02 फरवरी 2024 को विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
  • 06 फरवरी को विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश हुआ।
  • 07 फरवरी को विधेयक विधानसभा से पारित हुआ।
  • राजभवन ने विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा।
  • 11 मार्च को राष्ट्रपति ने यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
  • यूसीसी कानून के नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन।
  • नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में आज 18 अक्तूबर 2024 को राज्य सरकार को नियमावली साैंपी।
  • 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
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यूसीसी लागू होने से संभावित बदलाव

    • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
    • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
    • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
    • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
    • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
    • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
    • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
    • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
    • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
    • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
    • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
    • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
    • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
    • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
    • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
    • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
    • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
    • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
    • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
    • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
    • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
    • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।
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यूसीसी का उद्देश्य और प्रभाव (CM will inaugurate UCC on 27 January 2025 in UK, Uttarakhand News, UCC, UCC Inauguration, UCC Uttarakhand)

समान नागरिक संहिता का मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए कानून के समान अधिकार और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। यह कदम समाज में एकरूपता, समानता, और न्याय की भावना को प्रोत्साहित करेगा। गृह सचिव ने शनिवार को सभी संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, समाज के विभिन्न वर्गों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए स्वागत किया है। (CM will inaugurate UCC on 27 January 2025 in UK, Uttarakhand News, UCC, UCC Inauguration, UCC Uttarakhand)

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