(Traffic-Diversion arrangements for Kainchi Dham) Preparations For Kainchi Dham Foundation Day
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डॉ. नवीन जोशी @  नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2026 (NHRA Raises Tourism Problems)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत नैनीताल नगर से पर्यटन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण व चिंताजनक समाचार सामने आया है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (Nainital Hotel and Restaurant Association-NHRA) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बोट हाउस क्लब (Boat House Club Nainital) में पत्रकार वार्ता कर पुलिस की यातायात व्यवस्था और व्यवहार को पर्यटन के लिए नुकसानदायक बताया।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज (Satpal Maharaj) नई दिल्ली (New Delhi) में राज्य के पर्यटन प्रचार के लिए रोड शो (Road Show) कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली से पर्यटन “रोड पर” आ गया है। एसोसिएशन ने दो टूक कहा कि ‘सरकार बुलाती है, पुलिस भगाती है’—ऐसी दोहरी नीति से पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार समस्या की जड़: पुलिस की योजना और अवैध होटल-गेस्ट हाउस

(NHRA Raises Tourism Problems)एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट (Digvijay Bisht) ने कहा कि राज्य पुलिस केंद्र व राज्य सरकार की नीति के उलटे पहले स्वयं पर्यटकों को नैनीताल आने से रोकने वाली योजना बना लेती है और यातायात योजना (Traffic Plan) को पहले ही प्रेस माध्यमों में दे देती है। इसके बाद पर्यटन व्यवसायियों को बैठक में बुलाकर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। उन्होंने कहा कि बैठक में हितधारकों (Stakeholders) के सुझाव वास्तव में नहीं लिए जाते, बल्कि पहले से बनी योजना ही थोप दी जाती है, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग दोनों प्रभावित होते हैं।

दूसरी ओर एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि नैनीताल में लगभग 400 पंजीकृत होटल और गेस्ट हाउस (Registered Hotels and Guest Houses) की तरह ही संख्या में नगर में लगभग 400 ही अवैध, गैर-पंजीकृत होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं, लेकिन पुलिस या प्रशासन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता। अध्यक्ष के अनुसार यह स्थिति केवल राजस्व (Revenue) हानि का कारण नहीं है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से भी बड़ा जोखिम है।

केवल ऑनलाइन बुकिंग वालों को आने देने की नीति पर नाराज़गी

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पुलिस “केवल ऑनलाइन बुकिंग (Online Booking) वालों को आने दें” जैसी व्यवस्था का संकेत देकर ओटीए (Online Travel Agency – OTA) को बढ़ावा दे रही है। उनका कहना है कि ये ओटीए होटल और गेस्ट हाउस से 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन वसूलते हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का लाभ घटता है और पर्यटक भी बढ़े हुए किराये के दबाव में आते हैं। क्या इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग पर बाहरी मंचों का नियंत्रण नहीं बढ़ रहा—यह सवाल भी एसोसिएशन ने उठाया।

स्थानीय लोगों पर भी असर, पार्किंग और चुंगी शुल्क को बताया बाधा

पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस की सख्ती का असर सिर्फ पर्यटकों पर ही नहीं पड़ रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी नगर में वापस लौटना कठिन हो रहा है। एसोसिएशन के अनुसार आसपास के मैदानी क्षेत्रों के लोगों ने नैनीताल आना कम कर दिया है, जिससे सप्ताहांत और पर्वों के दौरान होने वाला सामान्य कारोबार भी प्रभावित होने लगा है।

इसके साथ ही उन्होंने नगर में पार्किंग (Parking) शुल्क और लेक ब्रिज चुंगी (Lake Bridge Toll) के शुल्क बढ़ने को भी पर्यटन घटने का बड़ा कारण बताया। एसोसिएशन ने कहा कि इस विषय में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.सरस्वती खेतवाल (Municipal Chairperson Dr. Saraswati Khetwal) से वार्ता हुई है और उन्होंने शुल्क पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया है। पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि यदि शुल्क नीति अधिक कठोर रही तो पर्यटक विकल्प के तौर पर अन्य स्थलों को चुन सकते हैं।

क्रिसमस-नव वर्ष पर अपेक्षा से कम कारोबार

पत्रकार वार्ता में बताया गया कि क्रिसमस (Christmas) और नव वर्ष (New Year) के दौरान नैनीताल में केवल 50 से 60 प्रतिशत तक ही व्यवसाय हो पाया। एसोसिएशन ने इसे पर्यटन के लिए चिंताजनक संकेत बताया और कहा कि यदि यातायात योजना और पुलिस व्यवहार में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग ऋण (Loan) की किस्तें तक नहीं चुका पा रहे हैं। यदि पर्यटन पटरी पर नहीं आया तो लोगों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

विंटर कार्निवाल, सड़कों की दशा और हवाई सेवा पर भी उठे प्रश्न

एसोसिएशन ने कहा कि विंटर कार्निवाल (Winter Carnival) कम समय में आयोजित होने व प्रचार-प्रसार की कमी से अपेक्षित संख्या में पर्यटक नहीं आ सके। उन्होंने मांग की कि कार्निवाल को नियमित कार्यक्रम-पत्र (Calendar) में शामिल किया जाए, जिससे पर्यटक पहले से योजना बनाकर आ सकें।

साथ ही सड़कों की खराब स्थिति, जगह-जगह गड्ढे और मार्गों की दयनीय दशा को भी पर्यटन घटने का कारण बताया गया। पदाधिकारियों ने हवाई सेवा (Air Service) पर भी चिंता जताई और कहा कि 1976 में बने हवाईअड्डे (Airport) की व्यवस्थाएं सुदृढ़ न होने से उड़ानें (Flights) निरस्त हो जाती हैं, जिसका असर पर्यटन पर पड़ता है।

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ऑनलाइन धोखाधड़ी और “फर्जी रील” के विरुद्ध नीति की मांग

एसोसिएशन ने चारधाम (Char Dham) सहित अन्य स्थलों पर ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए सख्त नीति और कानून होना चाहिए। उन्होंने “फर्जी रील” (Fake Reels) से पर्यटन को नुकसान का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे पर्यटकों के बीच भ्रम फैलता है, इसलिए तकनीकी दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिए।

पर्यटन मंत्री के दिल्ली रोड शो में न जाने का निर्णय, मुख्यमंत्री से बैठक की मांग

इन स्थितियों को देखते हुए एसोसिएशन ने यह भी ऐलान किया कि वह पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के नई दिल्ली में प्रस्तावित रोड शो में भाग नहीं लेंगे। उनका कहना है कि पहले राज्य में ही पर्यटन व्यवस्था सुधारी जाए, ताकि प्रचार के साथ-साथ जमीन पर भी पर्यटन अनुकूल वातावरण बने। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि पर्यटन को प्रदेश की “रीढ़ की हड्डी” मानते हुए हितधारकों के साथ बैठक कर ठोस निर्णय किए जाएं।

पत्रकार वार्ता में महासचिव वेद साह (Ved Sah), उपाध्यक्ष आलोक साह (Alok Sah), कोषाध्यक्ष सीपी भट्ट (CP Bhatt), उप सचिव स्नेह छाबड़ा (Sneh Chhabra), जनसंपर्क अधिकारी रुचिर साह (Ruchir Sah), रमनजीत सिंह (Ramanjeet Singh), जतिन जेठी (Jatin Jethi) सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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By डॉ.नवीन जोशी

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड' के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

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