राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय यूनियन के नेताओं को परोसे गए उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन: वैश्विक मंच पर छाए हिमालयी स्वाद, स्थानीय ज्ञान और पहाड़ी पहचान

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, देहरादून, 26 जनवरी 2026 (UK Food-Rashtrapati Bhawan)। देहरादून। उत्तराखंड की पहचान केवल उसकी पर्वतमालाओं, नदियों और तीर्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की पारंपरिक पाक परंपरा भी उतनी ही समृद्ध और जीवंत है। बीते वर्षों में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों ने स्थानीय रसोई से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में आयोजित ‘एट होम’ समारोह में जब हिमालयी व्यंजनों को परोसा गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि पहाड़ों का भोजन अब केवल स्वाद नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।

(UK Food-Rashtrapati Bhawan याक चीज से लेकर 'गुच्छी' तक, राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय संघ के नेताओं के  भोज में परोसे गए हिमालयी व्यंजन - dainiktribuneonline.comउत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन स्थानीय अनाज, जंगली जड़ी-बूटियों, मौसमी सब्जियों और धीमी आंच पर पकाने की सदियों पुरानी विधियों पर आधारित हैं। यह भोजन पहाड़ी जीवन की कठिन परिस्थितियों, पोषण की आवश्यकता और प्रकृति के साथ संतुलन का जीवंत उदाहरण है।

हिमालयी रसोई की जड़ें और उत्तराखंड की थाली

(UK Food-Rashtrapati Bhawan Kumaoni cuisine - Wikipediaउत्तराखंड की पाक परंपरा कुमाऊं (Kumaon) और गढ़वाल (Garhwal) अंचलों में बंटी हुई है, जहां झंगोरा, मंडुवा, भट्ट, गहत और जखिया जैसे अनाज और मसाले प्रमुख हैं। जखिया आलू, जिसे जखिया के तड़के में धीमी आंच पर पकाया जाता है, स्थानीय स्वाद का प्रतिनिधि व्यंजन है। इसके साथ हरे टमाटर की चटनी न केवल स्वाद बढ़ाती है, बल्कि पहाड़ी भोजन की सरलता और संतुलन को भी दर्शाती है।

झंगोरे की खीर, जिसे पहाड़ी बाजरे से तैयार किया जाता है, परंपरागत रूप से त्योहारों और विशेष अवसरों पर बनाई जाती है। राष्ट्रपति भवन में इसे श्वेत चॉकलेट के आवरण और मेघालय (Meghalaya) के ‘मेआ लून’ बेरी नमक के साथ परोसकर पारंपरिक और समकालीन स्वाद का अनूठा संगम प्रस्तुत किया गया।

शोरबा, जड़ी-बूटियां और लोकज्ञान

(UK Food-Rashtrapati Bhawan Jakhiya aloo to sunderkala thichoni to sinki food served to guests in at  home reception republic day 2026 | जखिया आलू, झंगोरे की खीर और दून चेटिन....  राष्ट्रपति के 'एट होम' मेंउत्तराखंड के मुनस्यारी (Munsiyari) क्षेत्र से जुड़ा सुंदरकला ठठवाणी एक ऐसा व्यंजन है, जिसमें पहाड़ी दालों, किण्वित सब्जियों और स्थानीय नूडल्स का प्रयोग होता है। इस व्यंजन पर तिब्बती प्रभाव भी देखा जाता है, जो हिमालयी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दर्शाता है। इसी प्रकार बिच्छू बूटी के पत्तों को सरसों और लौकी के साथ पकाना यह बताता है कि कैसे स्थानीय समुदाय जंगली वनस्पतियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन में बदलते हैं।

कुमाऊं का ‘गल-गल’ या पहाड़ी नींबू सलाद स्थानीय समुदायों की मौसमी जीवनशैली से जुड़ा है। इसे हरे लहसुन, भांग, मीठे दही और मिर्च नमक के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है, जो स्वाद के साथ औषधीय गुण भी समेटे होता है।

यह भी पढ़ें :  पिथौरागढ़ में 12 वर्षीय छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला, जांच में जुटी पुलिस

सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की दिशा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) की मेजबानी में आयोजित ‘एट होम’ समारोह में उत्तराखंड, हिमाचल, कश्मीर और पूर्वोत्तर के व्यंजनों को परोसना यह संकेत देता है कि पारंपरिक भोजन अब सांस्कृतिक कूटनीति और पर्यटन से भी जुड़ रहा है। शेफ प्रतीक संधू (Prateek Sadhu) और कमलेश नेगी (Kamlesh Negi) की टीम द्वारा तैयार यह मेन्यू स्थानीय उत्पादों, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी मजबूती देता है।

उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन आज केवल रसोई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संस्कृति, स्वास्थ्य, रोजगार और पहचान का माध्यम बन रहे हैं। यह पहाड़ी स्वाद आने वाले समय में राज्य की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर  के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।

यह भी पढ़ें :  बर्फबारी बनी यातायात के लिए खतरा : नैनीताल–पंगोट मार्ग पर खाई में गिरी पर्यटक की कार, एयरबैग से बची जान

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (UK Food-Rashtrapati Bhawan) :

UK Food-Rashtrapati Bhawan, Uttarakhand Traditional Food Culture, Himalayan Cuisine Of Uttarakhand, Kumaon Garhwal Traditional Dishes, Jakhiya Aloo And Jhangora Kheer, Uttarakhand Local Food Heritage, Himalayan Regional Cuisine India, Traditional Mountain Food Practices, Uttarakhand Tourism And Cuisine, Indian Himalayan Culinary Culture, Uttarakhand Food Identity, #UttarakhandCuisine #HimalayanFoodHeritage #CulturalTourismIndia #TraditionalFoodPolicy #LocalFoodEconomy

Leave a Reply