नवीन समाचार, देहरादून, 16 मार्च 2026 (Action on Negligence in Construction)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana – PMGSY) के तहत घटिया सड़क निर्माण के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (Uttarakhand Rural Road Development Agency – URRDA) ने पौड़ी जनपद के पाबौ विकासखंड में निर्मित पटौटी–कालों मार्ग में गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां पाए जाने पर तीन अभियंताओं और संबंधित ठेकेदार से कुल 1.71 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश जारी किए हैं।
गुणवत्ता जांच में सामने आई निर्माण की खामियां
उत्तराखंड (Uttarakhand) के पौड़ी (Pauri) जिले के पाबौ (Pabau) ब्लॉक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत लगभग चार किलोमीटर लंबे पटौटी–कालों मार्ग का निर्माण कराया गया था। इस परियोजना में पहले चरण में सड़क का कटान और दूसरे चरण में डामरीकरण किया गया, जिस पर कुल 1,71,76,289 रुपये की लागत आई।
मार्ग के निर्माण के बाद जब राज्य स्तरीय गुणवत्ता जांच की गई तो सड़क निर्माण में कई तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई गईं। इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार और अभियंताओं की ओर से इन कमियों की अनदेखी की गई।
केंद्रीय टीम की जांच में भी पुष्टि
बाद में केंद्रीय स्तर की निरीक्षण टीम ने भी सड़क का परीक्षण किया। जांच में सड़क निर्माण में गंभीर गुणवत्ता दोष पाए गए और अभियंताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए।
इसके बाद राज्य में पीएमजीएसवाई का संचालन करने वाली संस्था यूआरआरडीए ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
अभियंताओं और ठेकेदार पर आर्थिक दंड
यूआरआरडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार पांडेय (Alok Kumar Pandey) ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अधिशासी अभियंता सहित तीन अभियंताओं से 85.88 लाख रुपये की वसूली के आदेश जारी किए हैं।
इस संबंध में उन्होंने सिंचाई विभाग (Irrigation Department) के सचिव और विभागाध्यक्ष को पत्र भेजकर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार से भी 85.88 लाख रुपये की वसूली का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।
पीएमजीएसवाई के नियमों के तहत कार्रवाई
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रावधानों के अनुसार यदि राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास अभिकरण (National Rural Infrastructure Development Agency – NRIDA) की जांच में कोई सड़क सुधार योग्य न होने की श्रेणी में पाई जाती है, तो परियोजना लागत का 50 प्रतिशत ठेकेदार और शेष 50 प्रतिशत संबंधित अभियंताओं से वसूला जाता है।
इसी नियम के तहत पटौटी–कालों मार्ग के मामले में कुल लागत की बराबर हिस्सेदारी के अनुसार ठेकेदार और अभियंताओं से राशि की वसूली की जा रही है।
ग्रामीण सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता पर बढ़ी निगरानी
इस कार्रवाई को राज्य में ग्रामीण सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी पीएमजीएसवाई परियोजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या घटिया निर्माण पाए जाने पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
