Bhalu Beer Wild Conflict
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नवीन समाचार, चमोली, 22 दिसंबर 2025 (Bear Entered in School Room and)। उत्तराखंड में वन्य जीवों, खासकर गुलदारों के साथ भालुओं का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। राज्य के चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक भालू स्कूल परिसर में घुस आया और कक्षा छह के एक मासूम छात्र को उठाकर झाड़ियों की ओर घसीट ले गया। शिक्षकों और अन्य बच्चों की सूझबूझ व साहस से बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से भयभीत हो गया।

घटना के बाद रोते-बिलखते बच्चों का वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना न केवल वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। देखें संबंधित वीडिओ : उत्तराखंड में भालू का आतंक  : 

 

स्कूल में कैसे घुसा भालू

सुबह की कक्षाओं के दौरान मची अफरा-तफरी

(Bear Entered in School Room and स्कूल का दरवाजा तोड़कर भालू ने मासूम को उठाया, रोते-बिलखते बच्चों की आपबीती का वीडियोयह घटना सोमवार सुबह पोखरी क्षेत्र के हरिशंकर जूनियर हाई स्कूल में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल की कक्षाएं शुरू ही हुई थीं कि अचानक भालू परिसर में घुस आया। भालू ने एक कक्षा का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया और इसी दौरान कक्षा छह के छात्र आरव को पकड़कर बाहर की ओर घसीट ले गया। स्कूल परिसर में भालू को देखकर बच्चे घबरा गए, कुछ बच्चे डर के कारण कक्षाओं में छिप गए। पूरे विद्यालय में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखें संबंधित वीडिओ :

बच्चों और शिक्षकों का साहस

शोर मचाकर झाड़ियों से छुड़ाई जान

अपने सहपाठी पर भालू को हमला करते देख कुछ बच्चों और शिक्षकों ने साहस दिखाया। सभी ने मिलकर शोर मचाया और पत्थर फेंकते हुए भालू को भगाने का प्रयास किया। इसी दौरान भालू छात्र को झाड़ियों में छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। घायल छात्र को तत्काल बाहर निकाला गया। हमले में छात्र की छाती और पीठ पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं। इसी घटना में एक बच्ची को भी हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद बच्चे बुरी तरह सहमे हुए हैं और विद्यालय में भय का वातावरण बना हुआ है। देखें संबंधित वीडिओ : भालू के हमले से बाल-बाल बचे स्कूल जाते बच्चे :

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पहले से बना हुआ था खतरा

दो दिन पहले भी हुआ था हमला

ग्रामीणों के अनुसार, इसी विद्यालय के एक अन्य छात्र पर दो दिन पहले रास्ते में भालू ने हमला किया था। इसके बावजूद स्कूल परिसर तक भालू के पहुंच जाने से अभिभावकों में रोष और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। लगातार हो रहे हमलों से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही बढ़ चुकी है और मानवीय बस्तियां उनके लिए असुरक्षित होती जा रही हैं। देखें संबंधित वीडिओ : जब भालू ने खाई भांग

वन विभाग के सुरक्षा उपाय-वन प्रहरियों के साथ भेजे जा रहे बच्चे

घटना के बाद वन विभाग हरकत में आया है। थानो वन रेंज की ओर से भालू संभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वन प्रहरियों की छह सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो बच्चों को विद्यालय तक सुरक्षित पहुंचा रही है। इसके साथ ही जंगल में घास और लकड़ी लेने जाने वाली महिलाओं के साथ भी वन प्रहरी भेजे जा रहे हैं। भालू की गतिविधियों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सोलर लाइटें लगाई गई हैं और भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है। देखें संबंधित वीडिओ : कनस्तर में फंसा भालू का सिर, फिर..:

ग्रामीणों में डर, प्रशासन से मांग-स्थायी समाधान की जरूरत

लगातार हो रहे भालू हमलों से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं और वन्यजीवों की निगरानी व पुनर्वास के लिए दीर्घकालीन योजना की आवश्यकता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक खासे चिंतित हैं और विद्यालयों के आसपास स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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By डॉ.नवीन जोशी

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड' के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

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