EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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के पोखरी विकासखंड में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक भालू स्कूल परिसर में घुस आया और कक्षा छह के एक मासूम छात्र को उठाकर झाड़ियों की ओर घसीट ले गया। शिक्षकों और अन्य बच्चों की सूझबूझ व साहस से बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से भयभीत हो गया।यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में नई समस्या बने नीले ड्रम, ‘देशी गीजर’ बनाकर हो रही बिजली चोरी, रुड़की ऊर्जा निगम की कार्रवाई में 148 नीले ड्रम बरामद... घटना के बाद रोते-बिलखते बच्चों का वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना न केवल वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। देखें संबंधित वीडिओ : उत्तराखंड में भालू का आतंक : यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleस्कूल में कैसे घुसा भालूसुबह की कक्षाओं के दौरान मची अफरा-तफरीबच्चों और शिक्षकों का साहसशोर मचाकर झाड़ियों से छुड़ाई जानपहले से बना हुआ था खतरादो दिन पहले भी हुआ था हमलावन विभाग के सुरक्षा उपाय-वन प्रहरियों के साथ भेजे जा रहे बच्चेग्रामीणों में डर, प्रशासन से मांग-स्थायी समाधान की जरूरतTags (Bear Entered in School Room and):Like this:Relatedस्कूल में कैसे घुसा भालूसुबह की कक्षाओं के दौरान मची अफरा-तफरीयह घटना सोमवार सुबह पोखरी क्षेत्र के हरिशंकर जूनियर हाई स्कूल में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल की कक्षाएं शुरू ही हुई थीं कि अचानक भालू परिसर में घुस आया। भालू ने एक कक्षा का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया और इसी दौरान कक्षा छह के छात्र आरव को पकड़कर बाहर की ओर घसीट ले गया। स्कूल परिसर में भालू को देखकर बच्चे घबरा गए, कुछ बच्चे डर के कारण कक्षाओं में छिप गए। पूरे विद्यालय में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखें संबंधित वीडिओ : बच्चों और शिक्षकों का साहसशोर मचाकर झाड़ियों से छुड़ाई जानअपने सहपाठी पर भालू को हमला करते देख कुछ बच्चों और शिक्षकों ने साहस दिखाया। सभी ने मिलकर शोर मचाया और पत्थर फेंकते हुए भालू को भगाने का प्रयास किया। इसी दौरान भालू छात्र को झाड़ियों में छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। घायल छात्र को तत्काल बाहर निकाला गया। हमले में छात्र की छाती और पीठ पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं। इसी घटना में एक बच्ची को भी हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद बच्चे बुरी तरह सहमे हुए हैं और विद्यालय में भय का वातावरण बना हुआ है। देखें संबंधित वीडिओ : भालू के हमले से बाल-बाल बचे स्कूल जाते बच्चे :यह भी पढ़ें : छुट्टी नहीं मिली तो कर्मचारियों ने यमकेश्वर के माला गांव में एआई से दिखा दिया बब्बर शेर, वन विभाग की जांच में खुली पोल....पहले से बना हुआ था खतरादो दिन पहले भी हुआ था हमला ग्रामीणों के अनुसार, इसी विद्यालय के एक अन्य छात्र पर दो दिन पहले रास्ते में भालू ने हमला किया था। इसके बावजूद स्कूल परिसर तक भालू के पहुंच जाने से अभिभावकों में रोष और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। लगातार हो रहे हमलों से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही बढ़ चुकी है और मानवीय बस्तियां उनके लिए असुरक्षित होती जा रही हैं। देखें संबंधित वीडिओ : जब भालू ने खाई भांग: वन विभाग के सुरक्षा उपाय-वन प्रहरियों के साथ भेजे जा रहे बच्चेघटना के बाद वन विभाग हरकत में आया है। थानो वन रेंज की ओर से भालू संभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वन प्रहरियों की छह सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो बच्चों को विद्यालय तक सुरक्षित पहुंचा रही है। इसके साथ ही जंगल में घास और लकड़ी लेने जाने वाली महिलाओं के साथ भी वन प्रहरी भेजे जा रहे हैं। भालू की गतिविधियों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सोलर लाइटें लगाई गई हैं और भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है। देखें संबंधित वीडिओ : कनस्तर में फंसा भालू का सिर, फिर..:ग्रामीणों में डर, प्रशासन से मांग-स्थायी समाधान की जरूरतलगातार हो रहे भालू हमलों से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं और वन्यजीवों की निगरानी व पुनर्वास के लिए दीर्घकालीन योजना की आवश्यकता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक खासे चिंतित हैं और विद्यालयों के आसपास स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। इस समाचार को लेकर आपके क्या विचार हैं। अपनी राय नीचे कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।यह भी पढ़ें : पति प्रताड़ित करता था तो कैसे साथ गुजार दिए 11 साल ? न्यायालय ने आरोपित फौजी पति को किया दहेज उत्पीड़न के आरोपों से दोषमुक्त....नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने 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