नैनीताल में ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ के तहत सघन सत्यापन अभियान प्रारंभ
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 फरवरी 2026 (Nainital News 16 Feb 2026)। पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देश पर राज्य में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण तथा कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन वेरिफिकेशन ड्राइव’ (Operation Crackdown Verification Drive) प्रारंभ किया गया है। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी (SSP Dr. Manjunath TC) ने 15 फरवरी 2026 से एक माह तक विशेष सत्यापन अभियान (Special Verification Drive) चलाने के निर्देश सभी थाना तथा चौकी प्रभारियों को दिए हैं।
इसके तहत आश्रम, होम स्टे, छात्रावास, होटल, धर्मशाला, शिक्षण संस्थान, निजी प्रतिष्ठान, किराये के मकान एवं फ्लैट में निवासरत बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। नैनीताल के पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चन्द्र तथा हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल के नेतृत्व में जनपद पुलिस ने सघन जांच आरंभ की है। विभिन्न संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों, कर्मचारियों, रेहड़ी-ठेली संचालकों तथा बाहरी राज्यों और अन्य देशों से अध्ययन हेतु आये विद्यार्थियों का विवरण एकत्र कर जांच की जा रही है।
अल्पावधि प्रवासियों की पहचान पत्र के आधार पर पुष्टि की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के दूरभाष नंबर निगरानी में रखे जा रहे हैं तथा स्थानीय अभिसूचना इकाई और विशेष प्रकोष्ठ उनकी गतिविधियों पर दृष्टि रख रहे हैं। मकान मालिकों से किरायेदारों का विवरण स्थानीय थाने में उपलब्ध कराने की अपील की गयी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार विषयक कार्यशाला आयोजित
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के आईपीआर सैल ने यूकोस्ट देहरादून के सहयोग से जैव प्रौद्योगिकी विभाग सर जेसी बोस तकनीकी परिसर भीमताल में सोमवार को ‘आईपीआर आइडियाज इनोवेशन एंड पेटेंटिंग’ (IPR Ideas innovation and petenting) विषय पर कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का उद्घाटन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनसी लोहनी, भीमताल परिसर के निदेशक प्रो. एलके सिंह, कार्यक्रम संयोजक प्रो. वीना पाण्डे तथा शोध एवं विकास निदेशक प्रो. एनजी साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रो. वीना पाण्डे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए यूकोस्ट देहरादून से प्राप्त वित्तीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि प्रो. एनसी लोहनी ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्य वक्ता प्रो. एनजी साहू ने पेटेंट के विविध आयामों तथा बौद्धिक संपदा संरक्षण की विधियों पर विस्तृत जानकारी दी और शोध को नवाचार से जोड़ने पर बल दिया।
कार्यशाला में नवाचार, अनुसंधान तथा पेटेंट प्रक्रिया की व्यवहारिक जानकारी साझा की गयी। कार्यक्रम में प्रो. कुमुद उपाध्याय, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. ऋषेंद्र कुमार, डॉ. मयंक पाण्डे, डॉ. मंजू तिवारी, डॉ. रागिनी पन्त तथा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से डॉ. रेखा बिष्ट सहित अनेक शिक्षकों और शोधार्थियों की उपस्थिति रही। विभिन्न विभागों से सौ से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
वर्तमान परिदृश्य में शिक्षा जगत में मानवीय संबंधों पर मंथन जरूरी: देवयानी मुनगली
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा विभाग में सोमवार को संस्कृति ग्रुप ऑफ स्कूल, पुणे (महाराष्ट्र) की संस्थापक एवं निदेशक, मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा देवयानी मुनगली ने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए वर्तमान शिक्षा परिदृश्य में मानवीय संबंधों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि श्रीमती मुनगली, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत, संकायाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक उप्रेती ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। आगे अपने संबोधन में श्रीमती मुनगली ने कहा कि तकनीक के तीव्र विकास के दौर में शिक्षक और शिक्षार्थी के बीच मानवीय संबंधों को मजबूत बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षक को नाविक की उपमा देते हुए कहा कि वह बदलते सामाजिक परिवेश में विद्यार्थियों को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने भावी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपनी क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति से जुड़े रहें तथा आधुनिक तकनीक के दास बनने के बजाय उसे विकास का साधन बनाएं।
उल्लेखनीय है कि श्रीमती मुनगली 13 पुस्तकों की लेखिका हैं, जिनमें से कई उत्तराखंड के विद्यालयी पाठ्यक्रम में शामिल हैं। उन्हें उत्तराखंड स्टेट लिटरेचर अवॉर्ड सहित इंडियन एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड, प्रो. इंदिरा पारिख एजुकेशन लीडर्स साइटेशन और टाइम्स ऑफ इंडिया पावर विमेन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने महाराष्ट्र में संचालित संस्कृति ग्रुप ऑफ स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा और चुनौतियों को भी साझा किया।
संबोधन के पश्चात संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षु शिक्षकों ने शिक्षण-अधिगम से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। श्रीमती मुनगली ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से उनके समाधान प्रस्तुत किए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संस्कृति ग्रुप ऑफ स्कूल, पुणे में शैक्षिक भ्रमण एवं इंटर्नशिप हेतु आमंत्रित भी किया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक उप्रेती ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
डीएसबी परिसर के प्राध्यापकों ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की उठायी मांग
डीएसबी परिसर के प्राध्यापकों ने कुलपति प्रो दिवान सिंह रावत के साथ बैठक कर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि प्राध्यापकों की उपस्थिति विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 एवं परिनियमावली के अनुसार ही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस संदर्भ में शिक्षकों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।
बैठक में कहा गया कि विश्वविद्यालय ने सदैव राज्य हित, पर्यावरण हित तथा शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इसलिए इसकी स्वायत्तता संरक्षित रहना आवश्यक है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं है तथा विश्वविद्यालयों की स्थापना गुणवत्तापूर्ण शोध और उच्च शिक्षा के उद्देश्य से की गयी है। इस विषय पर आंदोलन जारी रखने की बात भी कही गयी।
बैठक में प्रभारी कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो एलएम जोशी, प्रो एमसी जोशी, प्रो अतुल जोशी, प्रो सूची बिष्ट, प्रो बिमल, प्रो सीमा, प्रो संजय घिल्डियाल, डॉ. ललित तिवारी, प्रो अनिल बिष्ट, डॉ. नीलू, डॉ. सुषमा, डॉ. प्रियंका, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. गगन होती, प्रो संजय टम्टा, प्रो अर्चना श्रीवास्तव, प्रो बिमल पांडे, प्रो सीमा पाण्डेय, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. गिरीश चंद्र, एर अनीता कुमारी सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक उपस्थित रहे।
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए सख्त निर्देश, 10 मार्च से पहले शत-प्रतिशत धनराशि खर्च करने के आदेश
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने नैनीताल जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विकास भवन भीमताल सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, ऐसे में नैनीताल जनपद प्रदेश में अव्वल रहे, इसके लिए सभी विभाग 10 मार्च से पूर्व अवशेष धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम में सभी विभाग मार्च तक ए श्रेणी बनाए रखें। जिन विभागों को निर्धारित लक्ष्य दिए गए हैं, वे उन्हें इसी माह पूर्ण करते हुए उत्कृष्ट श्रेणी प्राप्त करें। उन्होंने विशेष रूप से बाल विकास विभाग और पेयजल विभाग, जो वर्तमान में डी श्रेणी में हैं, को लक्ष्य पूर्ति कर ए श्रेणी में आने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर सत्यापन करें। इस वर्ष खरीदी गई सामग्री की शत-प्रतिशत आपूर्ति और भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी सत्यापन कराते हुए अवशेष धनराशि की मांग समय रहते कर ली जाए।
सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि मौसम अनुकूल होते ही हॉटमिक्स और डामरीकरण कार्य शीघ्र शुरू कर समयबद्ध पूरा किया जाए। क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर तत्काल बदले जाएं और सड़कों पर सुचारू आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
स्वच्छता पर भी जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों और मुख्य मार्गों से कूड़ा उठान एवं उसका समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। सभी नगर निकायों को भी सफाई व्यवस्था मजबूत करने और निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले की सभी झीलों की नियमित सफाई और जाल आदि माध्यमों से कचरा हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में आगामी जिला योजना 2026-27 के लिए भी विभागों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का चयन कर रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए। दुग्ध विकास विभाग को दुग्ध समितियों के प्राथमिक सदस्यों को उन्नत नस्ल की दुधारू गाय यूनिट उपलब्ध कराने तथा लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त सैनिटोरियम के पास स्थित वन चौकी को कैंची-भवाली बाईपास मार्ग पर नव निर्मित वन चौकी में स्थानांतरित करने के निर्देश वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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