नवीन समाचार, हल्द्वानी, 30 दिसंबर 2025 (Haldwani-Gaulapar-Teen Talak)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में वैवाहिक विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पति के दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध और ससुराल पक्ष की कथित प्रताड़ना से एक महिला का परिवार टूट गया। इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा मानवीय असर यह हुआ कि महिला के दो मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए पति और ससुराल पक्ष के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामला महिलाओं की सुरक्षा, वैवाहिक अधिकारों और बच्चों के भविष्य से सीधे जुड़ा होने के कारण सामाजिक चिंता का विषय बन गया है।
शादी के बाद बदले हालात और अवैध संबंध का आरोप-मोबाइल में तस्वीरों से बढ़ा संदेह
वर्तमान में बनभूलपुरा नई बस्ती की निवासी पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका विवाह 28 जनवरी 2014 को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार गौलापार के बागजाला निवासी एक व्यक्ति के साथ हुआ था। प्रारंभिक वर्षों में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद परिस्थितियां बदलने लगीं। महिला के अनुसार, एक दिन उसने पति के मोबाइल में किसी अन्य महिला की तस्वीर देखी। इसके बाद जब उसने मोबाइल की जांच की, तो उसे पति के दूसरी महिला के साथ संबंध होने का संदेह हुआ।
विरोध करने पर बढ़ी प्रताड़ना
महिला का आरोप है कि जब उसने पति से इस विषय में सवाल किए और विरोध जताया, तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू हो गई। धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बढ़ता चला गया। पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद पति दूसरी महिला को घर लाने लगा। इसका विरोध करने पर उसे जान से मारने और घर से निकालने की धमकियां दी जाने लगीं। इस पूरे घटनाक्रम में ससुराल पक्ष की भूमिका भी प्रताड़नात्मक बताई जा रही है।
घर से निकाले जाने और बच्चों पर असर का आरोप-तीन तलाक कहकर घर से निकालने की बात
पीड़िता ने आरोप लगाया कि छह मार्च 2025 को पति और ससुराल पक्ष ने उसके और बच्चों के साथ मारपीट की और तीन तलाक कहकर उसे घर से बाहर निकाल दिया। महिला के अनुसार, विवाह के समय उसके पिता ने दहेज में मोटरसाइकिल, घरेलू सामान और आभूषण दिए थे, जिन्हें लौटाने से पति ने साफ इन्कार कर दिया। इसके बाद से वह अपने दोनों बच्चों के साथ मायके में रहने को मजबूर है।
बच्चों की पढ़ाई ठप, आर्थिक संकट
महिला का कहना है कि इस पूरे विवाद का सबसे गहरा असर बच्चों पर पड़ा है। परिवार टूटने और आर्थिक संसाधन न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह छूट गई है। वह लंबे समय तक परिवार बचाने की उम्मीद में पुलिस के पास नहीं गई, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी पति या ससुराल पक्ष की ओर से कोई पहल नहीं हुई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति-शिकायत पर अभियोग दर्ज
इस मामले में काठगोदाम थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर अभियोग दर्ज कर लिया है। काठगोदाम थानाध्यक्ष विमल मिश्रा के अनुसार, प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि महिला और बच्चों की सुरक्षा तथा न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
यह मामला केवल एक परिवार के टूटने की कहानी नहीं, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि वैवाहिक विवादों में महिलाओं और बच्चों को समय पर सामाजिक व कानूनी संरक्षण कैसे मिले। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और प्रशासनिक कदम इस प्रकरण की दिशा तय करेंगे।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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