नवीन समाचार, हरिद्वार, 10 अप्रैल 2026 (Bangladeshi Lady Arrested in Haridwar)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के जनपद हरिद्वार (Haridwar) से अंतरराष्ट्रीय (International) सीमाओं को लांघकर प्रेम और जालसाजी का एक विस्मयकारी प्रकरण सामने आया है। यहाँ एक बांग्लादेशी (Bangladeshi) महिला अपने पहले पति के हमशक्ल के मोहपाश में बंधकर न केवल अवैध रूप से भारत में रहने लगी, अपितु फर्जी भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट (Passport) बनवाकर एक भारतीय नागरिक से विवाह कर नई पहचान के साथ जीवन व्यतीत कर रही थी। इस प्रकरण ने सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) और स्थानीय प्रशासन (Administration) के समक्ष फर्जी दस्तावेजों के सुलभता से बन जाने पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार (Haridwar) पुलिस की ओर से चलाये जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ (Operation Prahar) के अंतर्गत बुधवार को ज्वालापुर (Jwalapur) क्षेत्र में सत्यापन (Verification) अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस (Police) और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध महिला को पकड़ा, जिसने प्रारंभ में अपनी पहचान स्वीटी (Sweety) बताई। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ के पश्चात महिला टूट गई और उसने अपनी वास्तविक पहचान सहेला बेगम (Sahela Begum), उम्र 41 वर्ष, निवासी होलिया बाघमारा, कुमीला, बांग्लादेश (Bangladesh) के रूप में स्वीकार की।
हमशक्ल का मोह और सरहद पार का प्रेम
यह प्रेम कहानी सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से वर्ष 2023 में प्रारंभ हुई थी। सहेला बेगम का अपने पहले पति अमीर हमजा (Amir Hamza) से अलगाव हो चुका था और वह आर्थिक संकट से जूझ रही थी। इसी मध्य उसका संपर्क छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) निवासी दिव्यांग श्याम दास (Shyam Das) से हुआ। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि श्याम दास की शक्ल सहेला के पहले पति हमजा से काफी मिलती-जुलती थी, जिससे वह भावनात्मक रूप से उसकी ओर आकर्षित हो गई। श्याम दास के बुलावे पर वह 20 मार्च 2023 को 90 दिन के वीजा (Visa) पर भारत आई, परंतु वीजा अवधि समाप्त होने के उपरांत भी वापस नहीं लौटी।
फर्जी दस्तावेजों का जाल और सरकारी तंत्र में सेंध
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर (Navneet Singh Bhullar) ने रोशनाबाद (Roshanabad) मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि श्याम दास ने सहेला को न केवल शरण दी, अपितु उसे ‘स्वीटी’ नाम से भारतीय नागरिक सिद्ध करने के लिए कूट रचित दस्तावेज (Forged Documents) बनवाने में पूर्ण सहायता की। श्याम दास पिछले चार वर्षों से हरिद्वार में एक होटल पट्टे (Lease) पर चला रहा था। आरोपितों ने मिलकर आधार कार्ड (Aadhaar Card), पैन कार्ड (PAN Card), और विवाह प्रमाणपत्र (Marriage Certificate) हरिद्वार से बनवाये, जबकि ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) देहरादून (Dehradun) से निर्गत कराया गया था।
पराकाष्ठा तब हुई जब महिला ने इन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर 24 मार्च 2025 को भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) भी प्राप्त कर लिया। श्याम दास ने स्वीकार किया कि उसने जन सेवा केंद्र (CSC) की सहायता से नया आधार कार्ड बनवाया था।
मछली खाने के लिए पुनः पार की सीमा
पूछताछ में एक और रोचक तथ्य प्रकाश में आया है कि सितंबर 2025 में सहेला बेगम केवल दो दिनों के लिए अपनी पसंदीदा मछली खाने के उद्देश्य से बांग्लादेश (Bangladesh) गई थी। वहां वह अपने पहले पति से भी मिली और पुनः भारत लौट आई। पुलिस ने महिला के पास से जाली भारतीय दस्तावेजों के अतिरिक्त उसका मूल बांग्लादेशी पासपोर्ट और नागरिकता पहचान पत्र भी बरामद किया है। इस प्रकरण के अनावरण के पश्चात पुलिस ने सहेला बेगम और उसे शरण देने वाले श्याम दास को गिरफ्तार कर लिया है।
बढ़ती घटनाएं और सुरक्षा पर संकट
उत्तराखंड में पहचान छुपाकर रहने वाली बांग्लादेशी महिलाओं के पकड़े जाने की यह कोई प्रथम घटना नहीं है। इससे पूर्व देहरादून (Dehradun) में भी बबली खातून (Babli Khatun) और सुबेदा बेगम (Subeda Begum) नामक दो महिलाएं पकड़ी गई थीं, जिन्होंने स्थानीय युवकों से विवाह कर अपनी पहचान छिपाई थी। पुलिस अब इस बात की गहनता से जाँच कर रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों को बनाने में किन विभागीय अधिकारियों या बिचौलियों की संलिप्तता रही है।
क्या इस प्रकार की घुसपैठ राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा नहीं है? क्या यह चिंता का विषय नहीं है कि एक विदेशी नागरिक इतनी सुगमता से भारतीय संप्रभुता के प्रतीकों को प्राप्त करने में सफल रहा?
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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