नवीन समाचार, देहरादून, 11 मार्च 2026 (UK Govt Planning to Provide Firewood)। पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधा की आशंका के बीच उत्तराखंड (Uttarakhand) सरकार ने वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि यदि एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas – LPG) की आपूर्ति में गंभीर कमी आती है तो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जलाने के लिए लकड़ी (Firewood) उपलब्ध कराई जा सकती है, ताकि उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट जैसे कारोबार पूरी तरह प्रभावित न हों।
वन मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने बताया कि संभावित गैस संकट को देखते हुए वन विकास निगम (Forest Development Corporation – FDC) को पर्याप्त मात्रा में जलावन लकड़ी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि आपूर्ति में कमी बढ़ती है तो सरकार वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। आप यह भी पढ़ना चाहेंगे : आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी पढ़ना चाहेंगे :पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार का संकेत: बताया कब बढ़ सकते हैं दाम, घरेलू गैस की बुकिंग के नियम भी बदले
वैश्विक तनाव का असर और गैस आपूर्ति की चुनौती
मध्य पूर्व (Middle East) क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत प्रतिदिन लगभग 191 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस की खपत करता है, जिसमें से लगभग आधी मात्रा आयात के माध्यम से पूरी होती है। आप यह भी पढ़ना चाहेंगे : आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी पढ़ना चाहेंगे :गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में वृद्धि, जानें कितनी हुई वृद्धि और कितनी हो गई नई दरें…
हालिया परिस्थितियों में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait Of Hormuz) के मार्ग से आने वाले ऊर्जा टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे गैस आपूर्ति में लगभग 60 मिलियन क्यूबिक मीटर तक की कमी की संभावना बताई जा रही है। आप यह भी पढ़ना चाहेंगे : आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी पढ़ना चाहेंगे : कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोकी गई, घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए ईएसएमए लागू
उत्तराखंड में वैकल्पिक ईंधन की तैयारी
ऐसी स्थिति में उत्तराखंड सरकार ने उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन को जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू कर दिया है। वन मंत्री ने बताया कि यदि एलपीजी की कमी अधिक बढ़ती है तो वन विकास निगम के माध्यम से लकड़ी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और कुछ उद्योग ईंधन के रूप में उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति “संकट जैसी” हो सकती है, लेकिन सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
घरेलू गैस आपूर्ति सामान्य, कॉमर्शियल सिलेंडरों पर असर
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और आम उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समस्या मुख्य रूप से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों (Commercial LPG Cylinders) की आपूर्ति से जुड़ी बताई जा रही है। हल्द्वानी (Haldwani) और रामनगर (Ramnagar) जैसे शहरों में व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है, जिससे होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट कारोबारियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गोदामों पर बढ़ी सिलेंडरों की मांग
संभावित संकट की खबरों के बाद कई स्थानों पर लोग सीधे गैस गोदामों से सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा (Kusumkhera) क्षेत्र सहित अन्य गैस वितरण केंद्रों पर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि वे एहतियात के तौर पर सिलेंडर लेने आए हैं, ताकि भविष्य में आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में परेशानी न हो।
शादियों और व्यावसायिक आयोजनों पर असर की आशंका
शादी समारोहों का मौसम होने के कारण कई परिवार और आयोजन स्थल संचालक भी गैस सिलेंडरों की व्यवस्था को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। वेडिंग प्वाइंट और कैटरिंग सेवाओं से जुड़े लोग अतिरिक्त सिलेंडर जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्ति विभाग (Food And Civil Supplies Department) के अधिकारियों के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने के कारण होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर प्रभाव पड़ रहा है।
सरकार की निगरानी और आगे की रणनीति
राज्य सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े और आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से चलती रहें। यदि वैश्विक परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति में और कमी आती है तो वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था लागू की जा सकती है, ताकि राज्य की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
कोरोना जैसा दौर लौटा, सरकार गैस की राशनिंग करे, डीएम को दिया ज्ञापन
नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने कहा कि एक बार फिर दुनिया में कोरोना जैसा आपातकालीन दौर लौट गया है। सरकार को इस समय में होटल-रेस्टोरेंटों के लिये गैस की आपूर्ति रोकने की जगह राशनिंग करनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सोंपकर यह मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से होटल में कोयले जैसे वैकल्पिक ईधन प्रबंध करने और तंदूर में रोटी के साथ चावल, दाल व सब्जी उबालने जैसे वैकल्पिक प्रयास भी प्रारंभ कर दिये हैं। यह भी कहा कि भोजन के मेनू को सीमित करने के प्रयास भी करने की स्थिति आ गयी है।
घरेलू गैस की कालाबाजारी पर जिलाधिकारी सख्त, जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग पर होगी कार्रवाई
घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी और व्यावसायिक उपयोग को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और डायवर्जन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने परगना अधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
इसके लिए तहसीलदार, थानाध्यक्ष और पूर्ति निरीक्षकों की त्वरित कार्रवाई टीम गठित करने को कहा गया है, जो शिकायत प्राप्त होते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय सूचना तंत्र को सशक्त करते हुए गैस सिलेंडरों की जमाखोरी, अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान भी संचालित करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या अवैध भंडारण पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (UK Govt Planning to Provide Firewood) :
UK Govt Planning to Provide Firewood, Uttarakhand News, Nainital News, Hindi News, Economy News, Energy News, LPG Supply Crisis Uttarakhand Government Plan, Firewood Alternative Fuel Policy Uttarakhand, Subodh Uniyal Forest Department Gas Crisis Statement, Commercial LPG Shortage Hotels Restaurants Uttarakhand, Strait Of Hormuz Gas Supply Impact India, Energy Security Strategy Uttarakhand Government, LPG Cylinder Demand Panic Buying Haldwani Ramnagar, Hospitality Industry Impact Gas Shortage Uttarakhand, Alternative Fuel Plan For Businesses Uttarakhand, Government Emergency Energy Supply Preparation India, #UttarakhandNews #DehradunNews #HindiNews #LPGCrisis #EnergySecurity #GasSupply #CommercialLPG #ForestDepartment #PublicDistribution #HospitalityIndustry
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
